1948 में हॉकी के गोल्ड से लेकर नीरज चोपड़ा के स्वर्ण तक, देखें खेलों में 10 यादगार पल


भारत आजादी के 75 साल पूरे करने वाला है। इस दौरान 1947 से अब तक देश ने कई क्षेत्रों में यादगार सफलता हासिल की। खेल भी उसी का एक हिस्सा है। 1948 ओलंपिक में हॉकी टीम की ऐतिहासिक जीत से लेकर टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा के जेवलिन में स्वर्ण जीतने तक देश ने क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में कई यादगार पल देखें। हमने उन्हीं में से 10 सबसे बेहतरीन पलों का संकलन किया है।

1. भारत ने अंग्रेजों को उन्हीं के घर में रौंदा (ओलंपिक 1948)

1947 में आजादी मिलने के बाद भारत अगले साल ओलंपिक में उतरा। लंदन में हुए इन खेलों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया। टीम इंडिया ने मेजबान ब्रिटेन की टीम को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया। यह भारत का 1948 ओलंपिक में पहला स्वर्ण पदक जीता था। साथ ही आजादी का बाद ओलंपिक खेलों में भी पहला गोल्ड था। भारत ने ब्रिटेन को 4-0 से हराया था।

2. मिल्खा सिंह 0.1 सेकंड से पदक चूके (1960 ओलंपिक)

मिल्खा सिंह 400 मीटर दौड़ के फाइनल में पदक के दावेदार थे। उन्होंने शानदार तरीके से दौड़ की शुरुआत की और बढ़त बना ली। 250 मीटर तक वह आगे थे। उसके बाद वह धीमे हो गए। उनके विपक्षी उनसे आगे हो गए। मिल्खा सिंह इतिहास रचते-रचते रह गए। वह 0.1 सेकंड से पदक से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे। वह पदक से भले ही चूक गए, लेकिन उन्होंने इस खेल के प्रति लाखों लोगों को प्रेरित किया।

3. फुटबॉल में गोल्ड (1962 एशियन गेम्स)

भारत ने दक्षिण कोरिया से 2-0 से हार के साथ अपने ग्रुप में शुरुआत की, लेकिन फिर थाईलैंड और जापान को हराकर सेमीफाइनल में अपना स्थान पक्का किया। वहां दक्षिण वियतनाम को 3-2 से हराने के बाद टीम इंडिया फाइनल में पहुंच गई। कोरिया के खिलाफ मुकाबला आसान नहीं था। दोनों टीमों के बीच मैच के दौरान लगातार बहस देखने को मिली। उस मैच को भारत ने अंत में 2-1 से जीत लिया।

4. पीटी उषा को चार स्वर्ण पदक (1986 एशियन गेम्स)

जब 1986 में सियोल में एशियाई खेल शुरू हुए तब तक 22 वर्षीय पीटी उषा स्टार बन चुकी थीं। उन्होंने सियोल में धमाल मचा दिया। उषा ने 200 मीटर, 400 मीटर, 400 मीटर बाधा दौड़ और 4×400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इसके अलावा 100 मीटर में उन्हें रतज पदक से संतोष करना पड़ा था। उषा कोरिया में स्टार से सुपरस्टार बन गईं।



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