अदाणी ग्रुप ने एनडीटीवी के शेयर अधिग्रहण के लिए सेबी की मंजूरी के दावे को किया खारिज, ये है तर्क


ख़बर सुनें

अदाणी समूह ने एनडीटीवी के शेयर अधिग्रहण के लिए सेबी की मंजूरी के दावे को खारिज कर दिया है। अदाणी ग्रुप ने कहा है कि आरआरपीआर नियामक (SEBI) के आदेश का हिस्सा नहीं है। अदाणी ग्रुप की सब्सिडियरी वीसीपीएल की ओर से कहा गया है कि एनडीटीवी ग्रुप पर सेबी की ओर से लगाए गए प्रतिबंध उसके एनडीटीवी में लिए जाने वाले स्टेक की प्रक्रिया को बाधित नहीं करेगी।

वीसीपीएल ने आरआरपीआर द्वारा उठाए गए तर्कों को “आधारहीन, कानूनी रूप से अस्थिर और योग्यता रहित” करार देते हुए कहा है कि होल्डिंग फर्म अपने दायित्व को तुरंत निभाने और इक्विटी शेयरों को आवंटित करने के लिए बाध्य है। ऐसा वारंट एक्सरसाइज नोटिस में निर्दिष्ट किया गया है।

नियामक को दिए एक अपडेट में अदाणी इंटरप्राइजेस लिमिटेड की ओर से कहा गया है कि वीसीपीएल को 23 अगस्त, 2022 को वारंट एक्सरसाइज के लिए दिए गए नोटिस का जवाब आरआरपीआर की ओर से मिला है। इस अपडेट में कहा गया है कि आरआरपीआर 27 नवंबर 2020 के सेबी के आदेश का पक्षकार नहीं है। सेबी आदेश के पैराग्राफ 111 (बी) और 112 के अनुसार आरआरपीआर द्वारा बताए गए प्रतिबंध उसपर पर लागू ही नहीं होते हैं।

इस अपडेट में कहा गया है कि आरआरपीआर 27 नवंबर 2020 के सेबी के आदेश का पक्षकार नहीं है। सेबी आदेश के पैराग्राफ 111 (बी) और 112 के अनुसार आरआरपीआर जिस प्रतिबंध की बात कर रहा है वह उसपर पर लागू ही नहीं होते हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि आरआरपीआर को वारंट एक्सरसाइज नोटिस इसकी सहायक कंपनी विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL) की ओर से पूर्व में किए गए एक अनुबंध के तहत जारी किया गया था, जिसे पूरा करने के लिए RRPR बाध्य है।

इससे पहले एनडीटीवी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा था कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 27 नवंबर, 2020 को प्रवर्तकों प्रणय और राधिका रॉय पर प्रतिभूति बाजार में शेयरों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी थी। यह रोक 26 नवंबर 2022 को खत्म हो रही है। कंपनी ने बताया, ‘जब तक लंबित अपील कार्यवाही पूरी नहीं होती है, प्रस्तावित अधिग्रहणकर्ता के लिए प्रवर्तक समूह के 99.5 फीसदी हिस्सों के लिए सेबी की मंजूरी जरूरी है।

अदाणी समूह ने एनडीटीवी के शेयर अधिग्रहण के लिए सेबी की मंजूरी के दावे को खारिज कर दिया है। अदाणी ग्रुप ने कहा है कि आरआरपीआर नियामक (SEBI) के आदेश का हिस्सा नहीं है। अदाणी ग्रुप की सब्सिडियरी वीसीपीएल की ओर से कहा गया है कि एनडीटीवी ग्रुप पर सेबी की ओर से लगाए गए प्रतिबंध उसके एनडीटीवी में लिए जाने वाले स्टेक की प्रक्रिया को बाधित नहीं करेगी।

वीसीपीएल ने आरआरपीआर द्वारा उठाए गए तर्कों को “आधारहीन, कानूनी रूप से अस्थिर और योग्यता रहित” करार देते हुए कहा है कि होल्डिंग फर्म अपने दायित्व को तुरंत निभाने और इक्विटी शेयरों को आवंटित करने के लिए बाध्य है। ऐसा वारंट एक्सरसाइज नोटिस में निर्दिष्ट किया गया है।

नियामक को दिए एक अपडेट में अदाणी इंटरप्राइजेस लिमिटेड की ओर से कहा गया है कि वीसीपीएल को 23 अगस्त, 2022 को वारंट एक्सरसाइज के लिए दिए गए नोटिस का जवाब आरआरपीआर की ओर से मिला है। इस अपडेट में कहा गया है कि आरआरपीआर 27 नवंबर 2020 के सेबी के आदेश का पक्षकार नहीं है। सेबी आदेश के पैराग्राफ 111 (बी) और 112 के अनुसार आरआरपीआर द्वारा बताए गए प्रतिबंध उसपर पर लागू ही नहीं होते हैं।

इस अपडेट में कहा गया है कि आरआरपीआर 27 नवंबर 2020 के सेबी के आदेश का पक्षकार नहीं है। सेबी आदेश के पैराग्राफ 111 (बी) और 112 के अनुसार आरआरपीआर जिस प्रतिबंध की बात कर रहा है वह उसपर पर लागू ही नहीं होते हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि आरआरपीआर को वारंट एक्सरसाइज नोटिस इसकी सहायक कंपनी विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL) की ओर से पूर्व में किए गए एक अनुबंध के तहत जारी किया गया था, जिसे पूरा करने के लिए RRPR बाध्य है।

इससे पहले एनडीटीवी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा था कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 27 नवंबर, 2020 को प्रवर्तकों प्रणय और राधिका रॉय पर प्रतिभूति बाजार में शेयरों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी थी। यह रोक 26 नवंबर 2022 को खत्म हो रही है। कंपनी ने बताया, ‘जब तक लंबित अपील कार्यवाही पूरी नहीं होती है, प्रस्तावित अधिग्रहणकर्ता के लिए प्रवर्तक समूह के 99.5 फीसदी हिस्सों के लिए सेबी की मंजूरी जरूरी है।



Source link