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वेंटिलेटर पर सलमान रुश्दी, आंख खोने का खतरा, लिवर भी खराब

ByNews Desk

Aug 13, 2022


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भारतीय मूल के उपन्यासकार सलमान रुश्दी पर हुए हमले में उनकी सेहत की खबरें अच्छी नहीं हैं। उनके सहायक एंड्रर्यू वायली ने बताया कि रुश्दी वेंटिलेटर पर हैं और फिलहाल बोल नहीं सकते हैं। उन्होंने बताया कि सलमान रुश्दी अपनी एक आंख खो सकते हैं क्योंकि उनकी बायीं आंख की नस कट गई है। इससे उन्हें गहरी चोट आई है। वहीं चाकू का वार उनके लिवर पर लगा है। इससे उनका लिवर भी खराब हो गया है।

सलमान रुश्दी की घंटों तक हुई सर्जरी के बाद भी हालत खराब है। न्यूयॉर्क प्रांत की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि रुश्दी को हेलीकॉप्टर के जरिये सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है और अधिकारी उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि सर्जरी के अलावा अन्य जानकारी अभी सामने नहीं आई है। उनके पुस्तक एजेंट एंड्रर्यू वायली ने बताया कि 75 वर्षीय रुश्दी की बांह की नसें टूट गई हैं और उनके सीने में छुरा घोंपने से वह भी क्षतिग्रस्त है। ईरान द्वारा मौत का फतवा जारी होने के बाद कई वर्षों तक छिपे रहे सलमान रुश्दी पर पश्चिमी न्यूयॉर्क में भाषण देने से ठीक पहले मंच पर हमला करने को लेकर दुनियाभर के लेखकों और राजनेताओं ने निंदा की है।

हमलावर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड का समर्थक
प्रख्यात लेखक पर चाकू से हमला करने वाले 24 वर्षीय संदिग्ध हादी मतार की सहानुभूति ‘शिया चरमपंथियों’ और ईरान के इस्लामी रिवोल्यूशरी गार्ड कोर के प्रति थी। मीडिया में आई खबरों में यह दावा किया गया है। वह न्यूजर्सी का रहने वाला है लेकिन पुलिस इस बात का जवाब ढूंढने में जुटी है कि हमलावर ने इतनी बेरहमी से रुश्दी पर हमला क्यों किया। उसे मौके से गिरफ्तार किया गया था। 

अमेरिका और ब्रिटेन में हमले की निंदा
व्हाइट हाउस ने शनिवार को रुश्दी पर हुए हमले को भयावह करार दिया। जो बाइडन और कमला हैरिस के प्रशासन ने उनसे शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। दूसरी तरफ ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन व गृहमंत्री प्रीति पटेल ने घटना की निंदा की। ब्रिटेन के पूर्व वित्तमंत्री और फिलहाल पीएम पद के दावेदार ऋषि सुनक ने कहा, मैं हमले की खबर से स्तब्ध हूं। दूसरी दावेदार लिज ट्रस ने हमले को शर्मनाक बताया। अमेरिकी एनएसए जेक सुलिवन ने कहा, हम उन लोगों के शुक्रगुजार हैं जो मौके पर तेजी से मदद के लिए सामने आए।

यूएन प्रमुख हमले से ‘स्तब्ध’
विश्व निकाय के महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने लेखक सलमान रुश्दी पर हुए हमले पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि राय जाहिर करने और अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल करते हुए बोले गए या लिखे गए शब्दों की प्रतिक्रिया में हिंसा किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। उन्होंने कहा, मैं घटना से ‘स्तब्ध’ हूं।

अपने आसपास बहुत अधिक सुरक्षा से शिकायत
न्यूयॉर्क में एक साहित्यिक मंच पर हुए हमले से पहले सलमान रुश्दी ने उनके आसपास बहुत अधिक सुरक्षा होने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। मुंबई में जन्मे लेखक और द सैटेनिक वर्सेस लिखकर कई वर्षों तक इस्लामी कट्टरपंथियों की मौत की धमकियों का सामना करने वाले रुश्दी ने 2001 में सार्वजनिक रूप से अपने आसपास बहुत ज्यादा सुरक्षा होने की शिकायत की थी।

इस घटना पर यकीन नहीं हुआ : चश्मदीद पत्रकार
अमेरिकी पत्रकार जोशुआ गुडमैन परिवार समेत एक सप्ताह की छुट्टी मनाने पश्चिमी न्यूयॉर्क स्थित चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन आए थे। लेकिन उनका सामना सलमान रुश्दी पर हुए हमले की खबर से हुआ। मियामी स्थित लैटिन अमेरिका के लिए ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के संवाददाता ने अपने मोबाइल से तस्वीरें लीं और अपने संस्थान को हमले के वीडियो भेजे। उन्होंने कहा, मैंने जब तक मंच पर खून नहीं देखा, मुझे घटना पर यकीन ही नहीं हुआ। गुडमैन ने बताया, वह घूमने के लिहाज से यहां आए थे लेकिन घटना के बाद वह संस्थान कर्मियों द्वारा लोगों को बाहर करने के बावजूद अपना काम करते रहे।

विस्तार

भारतीय मूल के उपन्यासकार सलमान रुश्दी पर हुए हमले में उनकी सेहत की खबरें अच्छी नहीं हैं। उनके सहायक एंड्रर्यू वायली ने बताया कि रुश्दी वेंटिलेटर पर हैं और फिलहाल बोल नहीं सकते हैं। उन्होंने बताया कि सलमान रुश्दी अपनी एक आंख खो सकते हैं क्योंकि उनकी बायीं आंख की नस कट गई है। इससे उन्हें गहरी चोट आई है। वहीं चाकू का वार उनके लिवर पर लगा है। इससे उनका लिवर भी खराब हो गया है।

सलमान रुश्दी की घंटों तक हुई सर्जरी के बाद भी हालत खराब है। न्यूयॉर्क प्रांत की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि रुश्दी को हेलीकॉप्टर के जरिये सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है और अधिकारी उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि सर्जरी के अलावा अन्य जानकारी अभी सामने नहीं आई है। उनके पुस्तक एजेंट एंड्रर्यू वायली ने बताया कि 75 वर्षीय रुश्दी की बांह की नसें टूट गई हैं और उनके सीने में छुरा घोंपने से वह भी क्षतिग्रस्त है। ईरान द्वारा मौत का फतवा जारी होने के बाद कई वर्षों तक छिपे रहे सलमान रुश्दी पर पश्चिमी न्यूयॉर्क में भाषण देने से ठीक पहले मंच पर हमला करने को लेकर दुनियाभर के लेखकों और राजनेताओं ने निंदा की है।

हमलावर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड का समर्थक

प्रख्यात लेखक पर चाकू से हमला करने वाले 24 वर्षीय संदिग्ध हादी मतार की सहानुभूति ‘शिया चरमपंथियों’ और ईरान के इस्लामी रिवोल्यूशरी गार्ड कोर के प्रति थी। मीडिया में आई खबरों में यह दावा किया गया है। वह न्यूजर्सी का रहने वाला है लेकिन पुलिस इस बात का जवाब ढूंढने में जुटी है कि हमलावर ने इतनी बेरहमी से रुश्दी पर हमला क्यों किया। उसे मौके से गिरफ्तार किया गया था। 

अमेरिका और ब्रिटेन में हमले की निंदा

व्हाइट हाउस ने शनिवार को रुश्दी पर हुए हमले को भयावह करार दिया। जो बाइडन और कमला हैरिस के प्रशासन ने उनसे शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। दूसरी तरफ ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन व गृहमंत्री प्रीति पटेल ने घटना की निंदा की। ब्रिटेन के पूर्व वित्तमंत्री और फिलहाल पीएम पद के दावेदार ऋषि सुनक ने कहा, मैं हमले की खबर से स्तब्ध हूं। दूसरी दावेदार लिज ट्रस ने हमले को शर्मनाक बताया। अमेरिकी एनएसए जेक सुलिवन ने कहा, हम उन लोगों के शुक्रगुजार हैं जो मौके पर तेजी से मदद के लिए सामने आए।

यूएन प्रमुख हमले से ‘स्तब्ध’

विश्व निकाय के महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने लेखक सलमान रुश्दी पर हुए हमले पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि राय जाहिर करने और अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल करते हुए बोले गए या लिखे गए शब्दों की प्रतिक्रिया में हिंसा किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। उन्होंने कहा, मैं घटना से ‘स्तब्ध’ हूं।

अपने आसपास बहुत अधिक सुरक्षा से शिकायत

न्यूयॉर्क में एक साहित्यिक मंच पर हुए हमले से पहले सलमान रुश्दी ने उनके आसपास बहुत अधिक सुरक्षा होने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। मुंबई में जन्मे लेखक और द सैटेनिक वर्सेस लिखकर कई वर्षों तक इस्लामी कट्टरपंथियों की मौत की धमकियों का सामना करने वाले रुश्दी ने 2001 में सार्वजनिक रूप से अपने आसपास बहुत ज्यादा सुरक्षा होने की शिकायत की थी।

इस घटना पर यकीन नहीं हुआ : चश्मदीद पत्रकार

अमेरिकी पत्रकार जोशुआ गुडमैन परिवार समेत एक सप्ताह की छुट्टी मनाने पश्चिमी न्यूयॉर्क स्थित चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन आए थे। लेकिन उनका सामना सलमान रुश्दी पर हुए हमले की खबर से हुआ। मियामी स्थित लैटिन अमेरिका के लिए ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के संवाददाता ने अपने मोबाइल से तस्वीरें लीं और अपने संस्थान को हमले के वीडियो भेजे। उन्होंने कहा, मैंने जब तक मंच पर खून नहीं देखा, मुझे घटना पर यकीन ही नहीं हुआ। गुडमैन ने बताया, वह घूमने के लिहाज से यहां आए थे लेकिन घटना के बाद वह संस्थान कर्मियों द्वारा लोगों को बाहर करने के बावजूद अपना काम करते रहे।



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