बांदा : कलाई पर सजेंगी संगीत वाली राखियां, रक्षाबंधन के लिए बाजार गुलजार, अमेरिकन डायमंड व जरकिन की भी मांग


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बांदा। रक्षाबंधन के लिए बाजार गुलजार हैं। शहर से लेकर कस्बे तक में करीब 150 बाजार रंग बिरंगी राखियों से सज गए हैं। इस बार इलेक्ट्रॉनिक, ब्रेसलेट, सफेद मोतियों से पिरोया हुआ रक्षा सूत्र, अमेरिकन डायमंड व जरकिन की सोने चांदी की राखियां भाइयों की कलाई की शोभा बनाएंगी।
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन 11 और 12 अगस्त को मनाया जाएगा। इस पर्व के महज दो दिन शेष हैं। इसको लेकर बहनों में खासा उत्साह है। बाजार में इलेक्ट्रॉनिक राखियां तो उपलब्ध हैं, लेकिन बुलडोजर राखियां नहीं मिल रही हैं।
अमेरिकन डायमंड व जरकिन की सोने चांदी की राखी बाजार में छह रुपये से 50 हजार हजार में हैं। वहीं, 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की इलेक्ट्रानिक राखियां हैं, ये बैट्री व सेल से चमकती हैं और कई तरह की संगीत बजता है। दुकानदार रवि का कहना है कि सामान्य राखियों की मांग कम नहीं है। इसे गांव देहात के लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। आधुनिक व इलेक्ट्रॉनिक और सोने चांदी की राखियां शहरियों की पसंद हैं। बबलू का कहना है कि बुलडोजर राखी की डिमांड बहुत है, लेकिन कम मिल पा रही हैं।

बांदा। रक्षाबंधन के लिए बाजार गुलजार हैं। शहर से लेकर कस्बे तक में करीब 150 बाजार रंग बिरंगी राखियों से सज गए हैं। इस बार इलेक्ट्रॉनिक, ब्रेसलेट, सफेद मोतियों से पिरोया हुआ रक्षा सूत्र, अमेरिकन डायमंड व जरकिन की सोने चांदी की राखियां भाइयों की कलाई की शोभा बनाएंगी।

भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन 11 और 12 अगस्त को मनाया जाएगा। इस पर्व के महज दो दिन शेष हैं। इसको लेकर बहनों में खासा उत्साह है। बाजार में इलेक्ट्रॉनिक राखियां तो उपलब्ध हैं, लेकिन बुलडोजर राखियां नहीं मिल रही हैं।

अमेरिकन डायमंड व जरकिन की सोने चांदी की राखी बाजार में छह रुपये से 50 हजार हजार में हैं। वहीं, 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की इलेक्ट्रानिक राखियां हैं, ये बैट्री व सेल से चमकती हैं और कई तरह की संगीत बजता है। दुकानदार रवि का कहना है कि सामान्य राखियों की मांग कम नहीं है। इसे गांव देहात के लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। आधुनिक व इलेक्ट्रॉनिक और सोने चांदी की राखियां शहरियों की पसंद हैं। बबलू का कहना है कि बुलडोजर राखी की डिमांड बहुत है, लेकिन कम मिल पा रही हैं।



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