बांदा : यमुना उफनाई, बांदा-कानपुर मार्ग बंद, करीब 35 किमी घूमकर हमीरपुर और तिंदवारी होकर गुजर रहे वाहन


चिल्ला में बाढ़ से घिरा मकान।

चिल्ला में बाढ़ से घिरा मकान।
– फोटो : BANDA

ख़बर सुनें

बांदा। यमुना नदी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर है। बांदा-चिल्ला-कानपुर स्टेट हाईवे में बाढ़ का पानी आ जाने पर आवागमन ठप हो गया। 30 से 35 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर हमीरपुर और तिंदवारी होकर वाहन कानपुर पहुंच रहे हैं। उधर, बाढ़ से प्रभावित 30 गांवों का संपर्क टूट गया है। लगभग 150 हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई है। डीएम अनुराग पटेल ने बताया कि केन का जलस्तर घट रहा है, इसके बावजूद सभी एसडीएम और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है।
बांधों के जल संग्रह क्षेत्रों (इनकैचमेंट एरिया) में बारिश कम होने से बरियारपुर बांध का डिस्चार्ज तेजी से घटा है। करीब 40,745 क्यूसेक पानी केन नदी में गिर रहा है। इससे केन के जलस्तर में गिरावट आई है। दो दिन पूर्व खतरे का निशान 104 मीटर पार कर गई केन नदी 101.84 मीटर पर बह रही है। केन नदी चिल्ला के नजदीक यमुना में समाहित हो गई। यमुना में बाढ़ के चलते केन नदी का जलस्तर एक से दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। दूसरी तरफ यमुना नदी खतरे का निशान 100 मीटर पार कर 101.90 मीटर पर पहुंच गई।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज और चंबल से छूटे पानी से यमुना में बाढ़ आई है। अभी इसके बढ़ने का सिलसिला जारी है। उधर, यमुना की बाढ़ का पानी नाले-नालियों से होकर पैलानी, जसपुरा और खप्टिहा कलां इलाके के लगभग 30 गांवों में पहुंच गया है। रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। बाढ़ से कच्चे घरों को नुकसान पहुंच रहा है। अरहर, ज्वार और धान आदि फसलें जलमग्न होने से चौपट होने के कगार पर हैं।
यमुना की बाढ़ से प्रभावित गांव
पैलानी क्षेत्र में चिल्ला, सादीमदनपुर, मवई घाट, बुधेड़ा, गौरी खुर्द, खजूरी, दोहा, तारा, पदारथपुर, लौमर, औदहा और कमासिन क्षेत्र में चरका, अरवारी, मटेहना, मुड़वारा, खेरा, कठार, खटान, दांदौ, अमेढ़ी, इटर्रा बढ़ौनी, बीरा आदि गांव शामिल हैं।
बाढ़ प्रभावित गांवों में अलर्ट, पुलों पर पुलिस का पहरा
खप्टिहा कलां/कमासिन। बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों को सुरक्षित ठिकानों पर जाने की नसीहत दी है। उधर, चिल्ला स्थित केन नदी पर बने पुल पर पुलिस का पहरा लगा है। किसी को भी आने-जाने नहीं दिया जा रहा है।
पैलानी तहसीलदार रामचंद्र ने बताया कि चिल्ला क्षेत्र में लगभग एक दर्जन गांव यमुना की बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ की निगरानी के साथ निपटने की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यमुना में बने पुल की स्लैब से पानी छू रहा है। चिल्ला बाजार में पानी घुस गया है। उधर, कमासिन क्षेत्र में औदहा गांव में बाढ़ से शहीद द्वार डूब गया। गांव के धीरेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, रामानुज, कल्लू दुबे, उमाशंकर आदि ग्रामीणों ने बताया कि इसी तरह यमुना नदी बढ़ी तो घरों में पानी घुस आएगा। पूर्व माध्यमिक विद्यालय व सचिवालय बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। खेरा-बीरा का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया।
राज्यमंत्री और डीएम ने बाढ़ प्रभावित गांव देखे
खप्टिहा कलां। जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद और जिलाधिकारी अनुराग पटेल आदि ने सादीमदनपुर, लौमर, बुधेड़ा, गौरी खुर्द, खजूरी, चिल्ला घाट आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्टीमर से निरीक्षण किया। एसडीएम, बीडीओ और सचिवों को ग्रामीणों को बाढ़ से बचाने के निर्देश दिए। साथ ही जरूरी सुविधाएं आदि की व्यवस्थाओं के लिए कहा। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
बाढ़ से निपटने की व्यवस्थाएं देखीं
कमासिन। जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल ने बाढ़ प्रभावित मझीवां, जलालपुर व बदौली आदि गांवों का निरीक्षण किया। प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली। अधिकारियों ने रात तक यमुना के और बढ़ने की संभावना जताई है। इस पर अध्यक्ष ने ग्रामीणों को सुरक्षित ठिकानों पर जाने के लिए कहा है। साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिया। साथ में राजा दीक्षित, रामनारायण पटेल, अंकित शिवहरे, दीपक कुमार पटेल, देवानंद द्विवेदी, रामबाबू वर्मा, रमेश खेंगर, राजेश गर्ग, ऊदल सिंह आदि उपस्थित रहे।

बांदा। यमुना नदी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर है। बांदा-चिल्ला-कानपुर स्टेट हाईवे में बाढ़ का पानी आ जाने पर आवागमन ठप हो गया। 30 से 35 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर हमीरपुर और तिंदवारी होकर वाहन कानपुर पहुंच रहे हैं। उधर, बाढ़ से प्रभावित 30 गांवों का संपर्क टूट गया है। लगभग 150 हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई है। डीएम अनुराग पटेल ने बताया कि केन का जलस्तर घट रहा है, इसके बावजूद सभी एसडीएम और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है।

बांधों के जल संग्रह क्षेत्रों (इनकैचमेंट एरिया) में बारिश कम होने से बरियारपुर बांध का डिस्चार्ज तेजी से घटा है। करीब 40,745 क्यूसेक पानी केन नदी में गिर रहा है। इससे केन के जलस्तर में गिरावट आई है। दो दिन पूर्व खतरे का निशान 104 मीटर पार कर गई केन नदी 101.84 मीटर पर बह रही है। केन नदी चिल्ला के नजदीक यमुना में समाहित हो गई। यमुना में बाढ़ के चलते केन नदी का जलस्तर एक से दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। दूसरी तरफ यमुना नदी खतरे का निशान 100 मीटर पार कर 101.90 मीटर पर पहुंच गई।

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज और चंबल से छूटे पानी से यमुना में बाढ़ आई है। अभी इसके बढ़ने का सिलसिला जारी है। उधर, यमुना की बाढ़ का पानी नाले-नालियों से होकर पैलानी, जसपुरा और खप्टिहा कलां इलाके के लगभग 30 गांवों में पहुंच गया है। रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। बाढ़ से कच्चे घरों को नुकसान पहुंच रहा है। अरहर, ज्वार और धान आदि फसलें जलमग्न होने से चौपट होने के कगार पर हैं।

यमुना की बाढ़ से प्रभावित गांव

पैलानी क्षेत्र में चिल्ला, सादीमदनपुर, मवई घाट, बुधेड़ा, गौरी खुर्द, खजूरी, दोहा, तारा, पदारथपुर, लौमर, औदहा और कमासिन क्षेत्र में चरका, अरवारी, मटेहना, मुड़वारा, खेरा, कठार, खटान, दांदौ, अमेढ़ी, इटर्रा बढ़ौनी, बीरा आदि गांव शामिल हैं।

बाढ़ प्रभावित गांवों में अलर्ट, पुलों पर पुलिस का पहरा

खप्टिहा कलां/कमासिन। बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों को सुरक्षित ठिकानों पर जाने की नसीहत दी है। उधर, चिल्ला स्थित केन नदी पर बने पुल पर पुलिस का पहरा लगा है। किसी को भी आने-जाने नहीं दिया जा रहा है।

पैलानी तहसीलदार रामचंद्र ने बताया कि चिल्ला क्षेत्र में लगभग एक दर्जन गांव यमुना की बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ की निगरानी के साथ निपटने की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यमुना में बने पुल की स्लैब से पानी छू रहा है। चिल्ला बाजार में पानी घुस गया है। उधर, कमासिन क्षेत्र में औदहा गांव में बाढ़ से शहीद द्वार डूब गया। गांव के धीरेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, रामानुज, कल्लू दुबे, उमाशंकर आदि ग्रामीणों ने बताया कि इसी तरह यमुना नदी बढ़ी तो घरों में पानी घुस आएगा। पूर्व माध्यमिक विद्यालय व सचिवालय बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। खेरा-बीरा का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया।

राज्यमंत्री और डीएम ने बाढ़ प्रभावित गांव देखे

खप्टिहा कलां। जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद और जिलाधिकारी अनुराग पटेल आदि ने सादीमदनपुर, लौमर, बुधेड़ा, गौरी खुर्द, खजूरी, चिल्ला घाट आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्टीमर से निरीक्षण किया। एसडीएम, बीडीओ और सचिवों को ग्रामीणों को बाढ़ से बचाने के निर्देश दिए। साथ ही जरूरी सुविधाएं आदि की व्यवस्थाओं के लिए कहा। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

बाढ़ से निपटने की व्यवस्थाएं देखीं

कमासिन। जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल ने बाढ़ प्रभावित मझीवां, जलालपुर व बदौली आदि गांवों का निरीक्षण किया। प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली। अधिकारियों ने रात तक यमुना के और बढ़ने की संभावना जताई है। इस पर अध्यक्ष ने ग्रामीणों को सुरक्षित ठिकानों पर जाने के लिए कहा है। साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिया। साथ में राजा दीक्षित, रामनारायण पटेल, अंकित शिवहरे, दीपक कुमार पटेल, देवानंद द्विवेदी, रामबाबू वर्मा, रमेश खेंगर, राजेश गर्ग, ऊदल सिंह आदि उपस्थित रहे।



Source link