तिलक से लेकर नेहरू तक, जानें किस हाल में हैं आजादी के इन पांच महानाarlal Nehयकों के जन्मस्थान


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15 अगस्त को देश की आजादी को 75 साल पूरे हो जाएंगे। आजादी के अमृतकाल का जश्न बीते एक साल से चल रहा है। इस दौरान अमर उजाला ने आजादी के नायकों, उनकी विरासत और स्मृतियों से पाठकों को रूबरू कराने की कोशिश की। आजादी के वो नायक जिन्होंने देश का आजाद कराने के लिए अपना जीवन दिया। 

इस अहम अभियान के तहत अमर उजाला ने अपने प्रतिनिधियों को देशभर में भेजा। हमारे प्रतिनिधि आजादी के नायकों के जन्मस्थान गए। पढ़िए ऐसे ही पांच नायकों के जन्मस्थान से की गईं पांच रिपोर्ट…

 रत्नगिरी, भारतीय क्रंति के जनक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक  की जन्मस्थली। तिलक जो महात्मा गांधी के आंदोलन शुरू होने से पहले सबसे बड़े नेता थे। तिलक जिन्होंने एनी बेसेंट की मदद से होम रूल लीग की स्थापना की थी। वही, होम रूल आंदोलन जिसके कारण ही तिलक को लोकमान्य की उपाधि मिली। बीते मार्च महीने में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जन्मस्थली पहुंचा। महात्मा गांधी ने जिन्हें आधुनिक भारत का निर्मात कहा था, खुद उनकी जन्मस्थली विकास को तरस रह रही है। पढ़िए डॉक्टर विनोद पुरोहित की रिपोर्ट… 

 

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से लगभग 23 किलोमीटर दूर पुराने आगरा-मुंबई मार्ग पर महू छावनी है। यहीं 130 साल पहले डॉक्टर भीमराव आंबेडकर का जन्म हुआ था। आंबेडकर यहां आज भी प्रासंगिक बने हुए हैं। खपरैल के जिस क्वार्टर में आंबेडकर का जन्म हुआ वो आज भव्य स्मारक का स्वरूप ले चुका है। आज ये स्माकर करोड़ों लोगों की श्रद्धा का केंद्र है। ये स्थल शिक्षा, संगठन और संघर्ष की भी प्रेरणा देता है। पढ़िए राजेंद्र सिंह की रिपोर्ट…

 

 

अखंड भारत के शिल्पी सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्मस्थल नडियाद है। जिस मकान में उनका जन्म हुआ, वहां आज ताला लगा रहता है। उनके जन्मस्थान से तीन मकान छोड़कर किराने की एक दुकान है। इसी दुकानवाले की चाबी से सरदार पटेल की दुनिया खुलती और दिखती है। इस दुकानदार के नहीं होने पर आप पटेल का जन्मस्थान नहीं देख पाएंगे। नर्मदा के किनारे भले पटेल की आकाश छूती प्रतिमा बना दी गई हो, लेकिन उनका जन्मस्थान जर्जर हालत में है। बीते साल सितंबर में अमर उजाला पटेल के जन्मस्थल नडियाद पहुंचा था। पढ़ें विजय त्रिपाठी की रिपोर्ट… 

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को देश का नामचीन वकील जानकीनाथ बोस के घर हुआ था। ओडिशा के कटक शहर में स्थिति सुभाष का जन्मस्थान अब म्यूजियम में तब्दील हो चुका है। नेताजी के घर जानकीभवन को 2004 में सरकार ने नेताजी जन्मस्थान संग्रहालय बना दिया था। इस संग्रहालय में जाकर आप सुभाष के जीवन से जुड़े कई अनसुने पहलुओं से रूबरू होते हैं। पढ़िए नेताजी की जन्मस्थली से नितिन यादव की रिपोर्ट… 

 इलाहाबाद, जिसे चंद साल पहले ही प्रयागराज नाम मिला है। वो शहर जो देश के पहले प्रधानमंत्री की जन्मस्थली है। उसी शहर में अब नेहरू अजनबी से हो गए हैं। जो आनंद भवन कभी आजादी की लड़ाई का केंद्र रहा, उसकी चमक भी अब फीकी पड़ चुकी है। नेहरू के बहुआयामी व्यक्तित्व की कोई छाप इस शहर में आसानी से ढूंढे नहीं मिलती है। यहां तक कि नेहरू के जन्मस्थान के ध्वंसावशेष भी शेष नहीं हैं।  पढ़िए मनोज मिश्र की रिपोर्ट…

इन महापुरुषों की जन्मस्थली भी पहुंचा अमर उजाला…

  1. सावरकर के जन्मस्थान का हाल जानने के लिए पढ़ें ये रिपोर्ट
  2. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मस्थान का हाल जानने के लिए यह रिपोर्ट पढ़ें  
  3.  जननायक गोपीनाथ बोरदोलोई के जन्मस्थान का हाल जानने के लिए पढ़ें ये रिपोर्ट

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15 अगस्त को देश की आजादी को 75 साल पूरे हो जाएंगे। आजादी के अमृतकाल का जश्न बीते एक साल से चल रहा है। इस दौरान अमर उजाला ने आजादी के नायकों, उनकी विरासत और स्मृतियों से पाठकों को रूबरू कराने की कोशिश की। आजादी के वो नायक जिन्होंने देश का आजाद कराने के लिए अपना जीवन दिया। 

इस अहम अभियान के तहत अमर उजाला ने अपने प्रतिनिधियों को देशभर में भेजा। हमारे प्रतिनिधि आजादी के नायकों के जन्मस्थान गए। पढ़िए ऐसे ही पांच नायकों के जन्मस्थान से की गईं पांच रिपोर्ट…



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