पुस्तकीय ज्ञान से ज्यादा व्यवहारिक ज्ञान देने की जरूरत


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उरई। झांसी रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में विद्या भारती कानपुर प्रांत की ओर से आचार्य प्रशिक्षण वर्ग में प्रदेश निरीक्षक आत्मानंद सिंह ने प्रशिक्षण दिया।
संभाग निरीक्षक भगवान सिंह सेंगर ने भारतीय शिक्षा मनोविज्ञान पर कहा कि शिक्षा मनोविज्ञान व्यवहार का विषय है। इसलिए कहा जा सकता है कि शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षणिक परिस्थितियों में मानव व्यवहार का अध्ययन करता है।
छात्रों को उनकी रचनाओं प्रवृत्तियों एवं योग्यताओं तथा अवस्थाओं के अनुरूप ही शिक्षा दी जानी चाहिए। नरेंद्र सिंह ने कहा कि परिवार समाज का विकास एवं अपने नेतृत्व की क्षमता का विकास करें।
अजय कुमार दुबे ने कहा कि भारतीय दर्शन ईश्वर में विश्वास रखता है। उन्होंने चार पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम, एवं मोक्ष के बारे में भी समझाया। इस दौरान प्रदेश संगठन मंत्री सुनील कुमार, प्रधानाचार्य राम गोपाल त्रिपाठी, लक्ष्मणदास बावानी, राजकुमार यादव समेत उरई, जालौन हमीरपुर के शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

उरई। झांसी रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में विद्या भारती कानपुर प्रांत की ओर से आचार्य प्रशिक्षण वर्ग में प्रदेश निरीक्षक आत्मानंद सिंह ने प्रशिक्षण दिया।

संभाग निरीक्षक भगवान सिंह सेंगर ने भारतीय शिक्षा मनोविज्ञान पर कहा कि शिक्षा मनोविज्ञान व्यवहार का विषय है। इसलिए कहा जा सकता है कि शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षणिक परिस्थितियों में मानव व्यवहार का अध्ययन करता है।

छात्रों को उनकी रचनाओं प्रवृत्तियों एवं योग्यताओं तथा अवस्थाओं के अनुरूप ही शिक्षा दी जानी चाहिए। नरेंद्र सिंह ने कहा कि परिवार समाज का विकास एवं अपने नेतृत्व की क्षमता का विकास करें।

अजय कुमार दुबे ने कहा कि भारतीय दर्शन ईश्वर में विश्वास रखता है। उन्होंने चार पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम, एवं मोक्ष के बारे में भी समझाया। इस दौरान प्रदेश संगठन मंत्री सुनील कुमार, प्रधानाचार्य राम गोपाल त्रिपाठी, लक्ष्मणदास बावानी, राजकुमार यादव समेत उरई, जालौन हमीरपुर के शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे।



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