आगरा से 205 रुपये के कफ सिरप की बांग्लादेश में 1200 रुपये में तस्करी


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बस्ती मंडल में पकड़े गए नशे की दवा के माफिया से औषधि विभाग और पुलिस को पूछताछ में कालाबाजारी के अंतरराष्ट्रीय गैंग की जानकारी मिली है। ये गैंग आगरा से 205 रुपये की कीमत के कफ सिरप को बांग्लादेश में 1200 रुपये में तस्करी करते हैं। दवा माफिया डंपिंग जोन बनाकर इनकी कालाबाजारी कर रहे हैं। 

बस्ती मंडल के सहायक आयुक्त औषधि नरेश मोहन दीपक ने बताया कि ये अंतरराष्ट्रीय गैंग हैं, इसमें 17 माफिया के नाम सामने आए हैं। इनमें से 10 पर मुकदमा हो गया है। गैंग के छह सदस्य पकड़े गए हैं। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि ब्रांडेड कंपनी के कफ सिरप में कोडीन की मात्रा अधिक होने के कारण नशे के आदी इसे खरीदते हैं। बिहार और बांग्लादेश में शराबबंदी के कारण इसकी सबसे ज्यादा मांग है। 

तस्करी की आशंका

गैंग के सदस्यों से पता चला कि आगरा से सिरप को 205 रुपये में खरीदा जाता है। बिहार में इसे 450-500 रुपये और पश्चिम बंगाल में 700-800 रुपये और बांग्लादेश में 1200 रुपये तक बेचते हैं। नेपाल में भी कफ सिरप के तस्करी की आशंका है, इसकी भी जांच की जा रही है। गैंग ने मिर्जापुर, जौनपुर और आजमगढ़ को डंपिंग जोन बनाया है। आगरा से दवाएं लेकर यहां रखी जाती हैं, फिर चोरी-छिपे इनकी कालाबाजारी करते हैं। 

आगरा औषधि विभाग ने नहीं की जांच 

बस्ती मंडल में पकड़ी गईं नशे की दो करोड़ की दवाएं आगरा के नुनिहाई से गोविंद एन्क्लेव चाणक्यपुरी निवासी अनुज गोयल उर्फ काके और अमित गोयल उर्फ मोटा भाई उर्फ तिलकधारी ने लोड करवाई थीं। पकड़े गए लोगों ने इनका नाम लिया था, जिस पर मुकदमा भी दर्ज करवाया है। इसकी जानकारी आगरा औषधि विभाग को भी दी गई, लेकिन टीम ने छापेमारी नहीं की है। आगरा के सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन ने बताया कि छापा मारा जाएगा अभी जांच की जा रही है।

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बस्ती मंडल में पकड़े गए नशे की दवा के माफिया से औषधि विभाग और पुलिस को पूछताछ में कालाबाजारी के अंतरराष्ट्रीय गैंग की जानकारी मिली है। ये गैंग आगरा से 205 रुपये की कीमत के कफ सिरप को बांग्लादेश में 1200 रुपये में तस्करी करते हैं। दवा माफिया डंपिंग जोन बनाकर इनकी कालाबाजारी कर रहे हैं। 

बस्ती मंडल के सहायक आयुक्त औषधि नरेश मोहन दीपक ने बताया कि ये अंतरराष्ट्रीय गैंग हैं, इसमें 17 माफिया के नाम सामने आए हैं। इनमें से 10 पर मुकदमा हो गया है। गैंग के छह सदस्य पकड़े गए हैं। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि ब्रांडेड कंपनी के कफ सिरप में कोडीन की मात्रा अधिक होने के कारण नशे के आदी इसे खरीदते हैं। बिहार और बांग्लादेश में शराबबंदी के कारण इसकी सबसे ज्यादा मांग है। 

तस्करी की आशंका

गैंग के सदस्यों से पता चला कि आगरा से सिरप को 205 रुपये में खरीदा जाता है। बिहार में इसे 450-500 रुपये और पश्चिम बंगाल में 700-800 रुपये और बांग्लादेश में 1200 रुपये तक बेचते हैं। नेपाल में भी कफ सिरप के तस्करी की आशंका है, इसकी भी जांच की जा रही है। गैंग ने मिर्जापुर, जौनपुर और आजमगढ़ को डंपिंग जोन बनाया है। आगरा से दवाएं लेकर यहां रखी जाती हैं, फिर चोरी-छिपे इनकी कालाबाजारी करते हैं। 

आगरा औषधि विभाग ने नहीं की जांच 

बस्ती मंडल में पकड़ी गईं नशे की दो करोड़ की दवाएं आगरा के नुनिहाई से गोविंद एन्क्लेव चाणक्यपुरी निवासी अनुज गोयल उर्फ काके और अमित गोयल उर्फ मोटा भाई उर्फ तिलकधारी ने लोड करवाई थीं। पकड़े गए लोगों ने इनका नाम लिया था, जिस पर मुकदमा भी दर्ज करवाया है। इसकी जानकारी आगरा औषधि विभाग को भी दी गई, लेकिन टीम ने छापेमारी नहीं की है। आगरा के सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन ने बताया कि छापा मारा जाएगा अभी जांच की जा रही है।



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