पंजाब प्रांत में अहमदी समुदाय की 16 कब्रों से बेअदबी, सरकार ने न्याय की मांग


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पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ होने वाला दुर्व्यवहार एक बार फिर दुनिया के सामने उजागर हुआ है। इस बार अल्पसंख्यक अहमदी समुदाय की 16 कब्रों के साथ मजहबी कट्टरपंथियों ने इस्लामी प्रतीकों का इस्तेमाल करने के लिए कथित तौर पर बेअदबी की है।

जमात अहमदिया पंजाब के प्रवक्ता आमिर महमूद के मुताबिक, 22 अगस्त को, अज्ञात लोगों ने लाहौर से करीब 150 किलोमीटर दूर फैसलाबाद जिले के चक 203 आरबी मनावाला में एक दीवार वाले कब्रिस्तान में अहमदियों की 16 कब्रों से बेअदबी की। समुदाय के कब्रिस्तान में कई कब्रों के मकबरे पर इस्लामी आयतें खोदी गई हैं। 

महमूद ने कहा, यह कब्रिस्तान 75 साल पुराना है और इससे पहले ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के मुस्लिम मौलवी अहमदियों के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं, जिसके चलते उनके समुदाय की कब्रों से बेअदबी की गई है। इस कृत्य से शोक संतप्त परिवार दुखी हैं, जो न्याय के लिए सरकार की ओर देख रहे हैं। महमूद ने कहा, यह कृत्य अवैध और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है।

इस साल 185 कब्रों से बेअदबी
पाकिस्तान में पहले भी कई घटनाओं में अहमदी समुदाय के सदस्यों की कब्रों के साथ धार्मिक कट्टरपंथियों ने बेअदबी की। इस साल अकेले कुल 185 अहमदी कब्रों से बेअदबी की गई। 1974 में पाकिस्तानी संसद ने इस समुदाय को गैर-मुस्लिम घोषित कर दिया। एक दशक बाद, उन्हें खुद को मुस्लिम कहने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। उन्हें उपदेश देने और तीर्थयात्रा के लिए सऊदी अरब की यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ होने वाला दुर्व्यवहार एक बार फिर दुनिया के सामने उजागर हुआ है। इस बार अल्पसंख्यक अहमदी समुदाय की 16 कब्रों के साथ मजहबी कट्टरपंथियों ने इस्लामी प्रतीकों का इस्तेमाल करने के लिए कथित तौर पर बेअदबी की है।

जमात अहमदिया पंजाब के प्रवक्ता आमिर महमूद के मुताबिक, 22 अगस्त को, अज्ञात लोगों ने लाहौर से करीब 150 किलोमीटर दूर फैसलाबाद जिले के चक 203 आरबी मनावाला में एक दीवार वाले कब्रिस्तान में अहमदियों की 16 कब्रों से बेअदबी की। समुदाय के कब्रिस्तान में कई कब्रों के मकबरे पर इस्लामी आयतें खोदी गई हैं। 

महमूद ने कहा, यह कब्रिस्तान 75 साल पुराना है और इससे पहले ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के मुस्लिम मौलवी अहमदियों के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं, जिसके चलते उनके समुदाय की कब्रों से बेअदबी की गई है। इस कृत्य से शोक संतप्त परिवार दुखी हैं, जो न्याय के लिए सरकार की ओर देख रहे हैं। महमूद ने कहा, यह कृत्य अवैध और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है।

इस साल 185 कब्रों से बेअदबी

पाकिस्तान में पहले भी कई घटनाओं में अहमदी समुदाय के सदस्यों की कब्रों के साथ धार्मिक कट्टरपंथियों ने बेअदबी की। इस साल अकेले कुल 185 अहमदी कब्रों से बेअदबी की गई। 1974 में पाकिस्तानी संसद ने इस समुदाय को गैर-मुस्लिम घोषित कर दिया। एक दशक बाद, उन्हें खुद को मुस्लिम कहने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। उन्हें उपदेश देने और तीर्थयात्रा के लिए सऊदी अरब की यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।



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