बांध का कई फीट हिस्सा ढहा, पानी का बहाव तेजी से बढ़ा, दो गांवों में पानी घुसा


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धार जिले के कारम बांध का एक हिस्सा टूटने का समाचार है। इससे पानी का बहाव तेजी से बढ़ा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो गांवों में बांध का पानी घुस गया है। हालांकि ये गांव पहले ही खाली करा लिए गए थे। उधर हाईवे का ट्रैफिक भी रोक दिया गया था। 

जानकारी के अनुसार कारम बांध से जहां से लीकेज था, वहीं की दीवार तोड़कर पानी निकाला जा रहा था। रविवार शाम को बांध की दीवार का करीब 25 फीट का हिस्सा पानी में बह गया है। बांध से पानी का बहाव तेजी से बढ़ा है। ऐसा लग रहा था मानो बांध फूट गया है। सूत्रों के अनुसार बांध का हिस्सा बह जाने से पानी का बहाव तेज हुआ है। ये पानी कोठिदा और एक और नजदीकी गांव में घुस गया है। पानी बहकर कारम नदी में जा रहा है। जो आगे जाकर महेश्वर के संगम से नर्मदा में मिल जाएगा। 
इधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पूरे मामले पर लगातार नजर रखे हुए हैं। सीएम ने बयान जारी करते हुए कहा है कि मैं अभी अपने वल्लभ भवन स्थित कंट्रोल रूम में बैठा हूं। मेरे साथ सीएस, एसीएस इरीगेशन डिपार्टमेंट की पूरी टीम बैठी है। जो लाइव दृश्य हमने देखे हैं कारम डैम से जो बायपास चैनल हमने बनाई थी उसमें पानी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। उसकी गति लगातार तेज होती जा रही है, पानी निकलने वाली मात्रा तेजी से बढ़ रही है। आने वाले समय में लगातार हम यहां महसूस कर रहे हैं पानी निकलने की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ेगी। इसलिए धार और खरगोन जिले के प्रभावित गांव के सभी बहनों और भाइयों से मैं आग्रह कर रहा हूं “कृपया कर कोई गांव में ना आए अपने आप को सुरक्षित रखें इस समय गांव में आना खतरे से खाली नहीं है।”

सीएम ने कहा कि आपने प्रशासन के साथ मिलकर अपने पशु ऊंचे स्थानों पर ले गए हैं। कोई पशु भी गांव में ना रहे हमारी कोशिश है। इंसान भी सुरक्षित रहें और पशुओं की सुरक्षित रहें। मैं सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से पंच, सरपंच, जनपद, जिला पंचायत के सदस्य, विधायक और सांसद गण सभी से भी यही अपील करता हूं। इस समय आप सभी सहयोग करें।
सीएम ने कहा कि जब तक हम पूरा पानी नहीं निकाल देते तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। इसलिए लगातार प्रयत्न जारी है। मैं इतना जरूर कहना चाहता हूं “संकट के समय आरोप-प्रत्यारोप की जगह हमें राजनीतिक दलों की सीमाओं से ऊपर उठकर पहला ध्यान जनता की सुरक्षा पर देना चाहिए। मैं सभी का सहयोग चाहता हूं। मैं अपने उन भाइयों बहनों का आभारी हूं जिन्होंने प्रशासन की बात मानी और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर गए हैं, उन्हें दिक्कतें घर से बाहर जाने में होती है यह बात स्वाभाविक है। हमारी प्रतिबद्धता है कि जनता की जिंदगी की सुरक्षा और मवेशियों को कोई नुकसान ना पहुंचे और इसके लिए हम लगातार कोशिश कर रहे हैं। आप सब का पूर्ण सहयोग मिलेगा, यह मेरा विश्वास भी है और अपील भी है।

मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव ने बांध फूटने की खबरों का खंडन किया है। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा कि कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक ख़बर चलाई जा रही है कि डैम फूट गया है। यह बात पूरी तरह से ग़लत और निराधार है। विशेषज्ञों द्वारा जलनिकासी के लिए डैम काटा गया है ताकि जल्दी से जल्दी पानी निकल जाए। हालात लगातार सुधरते जा रहे हैं और आज रात तक या कल सुबह तक स्थिति सामान्य होने की पूरी सम्भावना है। 

सीएम का दावा- संकट टला
रात 9 बजे के आसपास मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बयान जारी कर कहा है कि संकट टल गया है। पानी का डिस्चार्ज बहुत कम हो गया है। धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा। बताते हुए प्रसन्नता है कि अब कोई संकट नहीं है। सीएम ने कहा कि प्रभावित गांव के लोग प्रशासन के साथ गांव में जाने की योजना बना सकते हैं।  कल आजादी का अमृत महोत्सव अपने गांव में, अपने घर में मनाएं। आपदा प्रबंधन का सबसे उत्तम उदाहरण है कि कारम बांध के लीकेज की स्थिति से निपटने के लिए जो प्रयास किए गए वे सफल हुए। सीएम ने प्रशासन की टीम की तारीफ की है। आरएसएस, भाजपा के कार्यकर्ता, जनता क लोग, जनप्रतिनिधियों ने पूरे समर्पण के साथ काम किया है। 

अधिकारियों ने सीएम को बताया है कि एबी रोड से यातायात शुरू करा दिया गया है। करम बांध का जलस्तर लगभग डेड स्टोरेज लेवल पर आ गया है। धार के सभी 12 गांवों और खरगोन के 5 गांवों से पानी नीचे आ गया है। कलेक्टर खरगोन ने बताया कि पिछले गांव जरकोटा में भी पीक गुजर चुका है और घरों में नहीं गया है। 
 

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धार जिले के कारम बांध का एक हिस्सा टूटने का समाचार है। इससे पानी का बहाव तेजी से बढ़ा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो गांवों में बांध का पानी घुस गया है। हालांकि ये गांव पहले ही खाली करा लिए गए थे। उधर हाईवे का ट्रैफिक भी रोक दिया गया था। 

जानकारी के अनुसार कारम बांध से जहां से लीकेज था, वहीं की दीवार तोड़कर पानी निकाला जा रहा था। रविवार शाम को बांध की दीवार का करीब 25 फीट का हिस्सा पानी में बह गया है। बांध से पानी का बहाव तेजी से बढ़ा है। ऐसा लग रहा था मानो बांध फूट गया है। सूत्रों के अनुसार बांध का हिस्सा बह जाने से पानी का बहाव तेज हुआ है। ये पानी कोठिदा और एक और नजदीकी गांव में घुस गया है। पानी बहकर कारम नदी में जा रहा है। जो आगे जाकर महेश्वर के संगम से नर्मदा में मिल जाएगा। 



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