घर पर पड़े एफबीआई छापे से डोनाल्ड ट्रंप में भर गया है जोश


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अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में अपने निवास पर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (एफबीआई) के पड़े छापे का अब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खूब सियासी फायदा उठा रहे हैं। एक पूर्व राष्ट्रपति के निवास पर बीते सोमवार को पड़े एफबीआई के छापे को जनता के एक बड़े हिस्से में पसंद नहीं किया गया है। इसको लेकर आम चर्चाओं में एफबीआई, संघीय न्याय मंत्रालय और राष्ट्रपति जो बाइडन से कई तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं।

ट्रंप ने बताया है कि छापे की उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर छापे के खिलाफ उनके समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा है। बड़ी संख्या में वहां ऐसे पोस्ट डाले गए हैं, जिनमें हिंसा की धमकी दी गई है। उधर अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के कई रिपब्लिकन सदस्यों ने भी बदले की कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि ट्रंप समर्थकों में पहले से ही सरकारी संस्थाओं को लेकर गहरा अविश्वास है। अब ट्रंप के खिलाफ हुई कार्रवाई से उनमें आक्रोश भड़क गया है।

टीवी चैनल सीएनएन की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप छापे के बाद बनी स्थिति का इस्तेमाल 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी के पक्ष माहौल बनाने के लिए कर रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी के एक बड़ा धड़ा जिस तरह उनके पक्ष में खड़ा हुआ है, उसे देखते हुए अब अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही ट्रंप 2024 के लिए अपनी उम्मीदवारी का एलान कर देंगे। बताया जाता है कि छापे के बाद न्यू जर्सी राज्य में स्थित अपने निवास पर ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के लगभग एक दर्जन सांसदों से राय-मशविरा किया।

कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य जिम बैंक्स ने सीएनएन को बताया- ‘मेरी समझ यह है कि छापे के बाद ट्रंप में उत्साह भर गया है। इसलिए अब सवाल सिर्फ यह है कि वे अपनी उम्मीदवारी का एलान कब करते हैं- वे ऐसा करेंगे यह तय है।’

सरकारी सूत्रों के हवाले से छपी खबरों के मुताबिक एफबीआई के एजेंट कुछ गोपनीय दस्तावेजों की तलाश में ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित रिजॉर्ट पर गए थे। आरोप है कि व्हाइट हाउस से जाते समय ट्रंप इन दस्तावेजों को अपने साथ ले गए थे। बाइडन प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक ये दस्तावेज पूरी तरह से सरकारी हैं, इसलिए ट्रंप का उन्हें साथ ले जाना गलत था। अधिकारियों के मुताबिक इन दस्तावेजों का संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा से है।

इसके बावजूद पूर्व राष्ट्रपति के निवास पर छापा मारना अमेरिका में एक असाधारण घटना के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों के मुताबिक इससे ट्रंप समर्थकों में यह धारणा गहराएगी कि पूर्व राष्ट्रपति को सताया जा रहा है। वैसे बहुत से ऐसे लोग जो ट्रंप के समर्थक नहीं हैं, उन्होंने भी पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ इस हद तक जा कर हुई कार्रवाई को पसंद नहीं किया है।  

हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्किल पार्टी के नेता केविन मैकार्थी ने छापे की खबर पर अपने गुस्से का इजहार करते हुए कहा- ‘अब हद हो गई है। न्याय विभाग राजनीति को हथियार बनाने की ऐसी सीमा तक चला गया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।’ इसी सदन की सदस्य एलिस स्टीफानिक ने कहा है- ‘राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ प्रशासन को हथियार बनाया जा रहा है। जो बाइडन को इसकी जवाबदेही लेनी होगी।’

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अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में अपने निवास पर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (एफबीआई) के पड़े छापे का अब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खूब सियासी फायदा उठा रहे हैं। एक पूर्व राष्ट्रपति के निवास पर बीते सोमवार को पड़े एफबीआई के छापे को जनता के एक बड़े हिस्से में पसंद नहीं किया गया है। इसको लेकर आम चर्चाओं में एफबीआई, संघीय न्याय मंत्रालय और राष्ट्रपति जो बाइडन से कई तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं।

ट्रंप ने बताया है कि छापे की उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर छापे के खिलाफ उनके समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा है। बड़ी संख्या में वहां ऐसे पोस्ट डाले गए हैं, जिनमें हिंसा की धमकी दी गई है। उधर अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के कई रिपब्लिकन सदस्यों ने भी बदले की कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि ट्रंप समर्थकों में पहले से ही सरकारी संस्थाओं को लेकर गहरा अविश्वास है। अब ट्रंप के खिलाफ हुई कार्रवाई से उनमें आक्रोश भड़क गया है।

टीवी चैनल सीएनएन की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप छापे के बाद बनी स्थिति का इस्तेमाल 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी के पक्ष माहौल बनाने के लिए कर रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी के एक बड़ा धड़ा जिस तरह उनके पक्ष में खड़ा हुआ है, उसे देखते हुए अब अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही ट्रंप 2024 के लिए अपनी उम्मीदवारी का एलान कर देंगे। बताया जाता है कि छापे के बाद न्यू जर्सी राज्य में स्थित अपने निवास पर ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के लगभग एक दर्जन सांसदों से राय-मशविरा किया।

कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य जिम बैंक्स ने सीएनएन को बताया- ‘मेरी समझ यह है कि छापे के बाद ट्रंप में उत्साह भर गया है। इसलिए अब सवाल सिर्फ यह है कि वे अपनी उम्मीदवारी का एलान कब करते हैं- वे ऐसा करेंगे यह तय है।’

सरकारी सूत्रों के हवाले से छपी खबरों के मुताबिक एफबीआई के एजेंट कुछ गोपनीय दस्तावेजों की तलाश में ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित रिजॉर्ट पर गए थे। आरोप है कि व्हाइट हाउस से जाते समय ट्रंप इन दस्तावेजों को अपने साथ ले गए थे। बाइडन प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक ये दस्तावेज पूरी तरह से सरकारी हैं, इसलिए ट्रंप का उन्हें साथ ले जाना गलत था। अधिकारियों के मुताबिक इन दस्तावेजों का संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा से है।

इसके बावजूद पूर्व राष्ट्रपति के निवास पर छापा मारना अमेरिका में एक असाधारण घटना के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों के मुताबिक इससे ट्रंप समर्थकों में यह धारणा गहराएगी कि पूर्व राष्ट्रपति को सताया जा रहा है। वैसे बहुत से ऐसे लोग जो ट्रंप के समर्थक नहीं हैं, उन्होंने भी पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ इस हद तक जा कर हुई कार्रवाई को पसंद नहीं किया है।  

हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्किल पार्टी के नेता केविन मैकार्थी ने छापे की खबर पर अपने गुस्से का इजहार करते हुए कहा- ‘अब हद हो गई है। न्याय विभाग राजनीति को हथियार बनाने की ऐसी सीमा तक चला गया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।’ इसी सदन की सदस्य एलिस स्टीफानिक ने कहा है- ‘राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ प्रशासन को हथियार बनाया जा रहा है। जो बाइडन को इसकी जवाबदेही लेनी होगी।’



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