स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन, पढ़ें उनकी अहम बातें


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75th Independence Day: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज (रविवार) को राष्ट्र को संबोधित कर रही हैं। यह राष्ट्रपति के तौर पर राष्ट्र के नाम यह उनका पहला संबोधन है। इस दौरान उन्होंने कहा कि 76वें स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। 14 अगस्त के दिन को विभाजन-विभीषिका स्मृति-दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस स्मृति दिवस को मनाने का उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, मानव सशक्तीकरण और एकता को बढ़ावा देना है।

स्वाधीनता सेनानियों को नमन किया
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 के दिन हमने औपनिवेशिक शासन की बेड़ियों को काट दिया था। उस शुभ-दिवस की वर्षगांठ मनाते हुए हम लोग सभी स्वाधीनता सेनानियों को सादर नमन करते हैं। उन्होंने अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया ताकि हम सब एक स्वाधीन भारत में सांस ले सकें।

भारत ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को अपनाया
उन्होंने कहा कि अधिकांश लोकतांत्रिक देशों में वोट देने का अधिकार प्राप्त करने के लिए महिलाओं को लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा था, लेकिन हमारे गणतंत्र की शुरुआत से ही भारत ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को अपनाया।

यह महोत्सव भारत की जनता को समर्पित
उन्होंने कहा कि ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मार्च 2021 में दांडी यात्रा की स्मृति को फिर से जीवंत रूप देकर शुरू किया गया। उस युगांतरकारी आंदोलन ने हमारे संघर्ष को विश्व-पटल पर स्थापित किया। उसे सम्मान देकर हमारे इस महोत्सव की शुरुआत की गई। यह महोत्सव भारत की जनता को समर्पित है।

जन-जातीय गौरव दिवस का भी जिक्र किया
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से हर 15 नवंबर को ‘जन-जातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का सरकार का निर्णय स्वागत-योग्य है। हमारे जन-जातीय महानायक केवल स्थानीय या क्षेत्रीय प्रतीक नहीं हैं बल्कि वे पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

राष्ट्रपति के संबोधन का प्रसारण आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय नेटवर्क पर किया जा रहा है। इसके अलावा देश की जनता दूरदर्शन के सभी चैनलों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संदेश को देखा जा सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  का संबोधन शाम 7 बजे से शुरू हुआ। इसे पहले हिंदी में और उसके बाद अंग्रेजी में प्रसारित किया गया।

द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) ने 25 जुलाई को देश के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। वह शीर्ष संवैधानिक पद पर आसीन होने वाली सबसे कम उम्र की और पहली आदिवासी हैं। वह ऐसी पहली राष्ट्रपति हैं, जिनका जन्म देश की आजादी के बाद हुआ है।

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75th Independence Day: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज (रविवार) को राष्ट्र को संबोधित कर रही हैं। यह राष्ट्रपति के तौर पर राष्ट्र के नाम यह उनका पहला संबोधन है। इस दौरान उन्होंने कहा कि 76वें स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। 14 अगस्त के दिन को विभाजन-विभीषिका स्मृति-दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस स्मृति दिवस को मनाने का उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, मानव सशक्तीकरण और एकता को बढ़ावा देना है।

स्वाधीनता सेनानियों को नमन किया

उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 के दिन हमने औपनिवेशिक शासन की बेड़ियों को काट दिया था। उस शुभ-दिवस की वर्षगांठ मनाते हुए हम लोग सभी स्वाधीनता सेनानियों को सादर नमन करते हैं। उन्होंने अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया ताकि हम सब एक स्वाधीन भारत में सांस ले सकें।

भारत ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को अपनाया

उन्होंने कहा कि अधिकांश लोकतांत्रिक देशों में वोट देने का अधिकार प्राप्त करने के लिए महिलाओं को लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा था, लेकिन हमारे गणतंत्र की शुरुआत से ही भारत ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को अपनाया।

यह महोत्सव भारत की जनता को समर्पित

उन्होंने कहा कि ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मार्च 2021 में दांडी यात्रा की स्मृति को फिर से जीवंत रूप देकर शुरू किया गया। उस युगांतरकारी आंदोलन ने हमारे संघर्ष को विश्व-पटल पर स्थापित किया। उसे सम्मान देकर हमारे इस महोत्सव की शुरुआत की गई। यह महोत्सव भारत की जनता को समर्पित है।

जन-जातीय गौरव दिवस का भी जिक्र किया

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से हर 15 नवंबर को ‘जन-जातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का सरकार का निर्णय स्वागत-योग्य है। हमारे जन-जातीय महानायक केवल स्थानीय या क्षेत्रीय प्रतीक नहीं हैं बल्कि वे पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

राष्ट्रपति के संबोधन का प्रसारण आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय नेटवर्क पर किया जा रहा है। इसके अलावा देश की जनता दूरदर्शन के सभी चैनलों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संदेश को देखा जा सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  का संबोधन शाम 7 बजे से शुरू हुआ। इसे पहले हिंदी में और उसके बाद अंग्रेजी में प्रसारित किया गया।

द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) ने 25 जुलाई को देश के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। वह शीर्ष संवैधानिक पद पर आसीन होने वाली सबसे कम उम्र की और पहली आदिवासी हैं। वह ऐसी पहली राष्ट्रपति हैं, जिनका जन्म देश की आजादी के बाद हुआ है।



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