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स्मार्टफोन, टैबलेट सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए एक ही चार्जर, ई-कचरा में आएगी कमी

ByNews Desk

Aug 10, 2022


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आने वाले दिनों में आपको स्मार्टफोन, टैबलेट सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए एक ही चार्जर काम करेगा। उपभोक्ता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके लिए मंत्रालय ने 17 अगस्त को उद्योग की बैठक बुलाई है। इसमें इस बात पर चर्चा की जाएगी कि सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए एक चार्जर लागू करने में क्या दिक्कत हो सकती है। अधिकारी ने कहा कि मोबाइल निर्माता और अन्य संगठनों को इस बैठक में बुलाया गया है। 

ढेर सारे चार्जर की व्यवस्था समाप्त होगी
अधिकारी के मुताबिक, अभी तक जो ढेर सारे चार्जर की व्यवस्था है, उसे खत्म करने की योजना है। साथ ही इससे ई-कचरा में भी कमी आएगी। हाल में यूरोपीय संघ ने 2024 तक छोटे इलेक्ट्ऱॉनिक उपकरणों के लिए एक यूएसबी सी पोर्ट को अपनाने का नियम लागू करने की बात कही है। इसी तरह की योजना अमेरिका में भी बन रही है। 

बदलाव पर देना होगा जोर
अधिकारी ने कहा कि यूरोप और अमेरिका में कंपनियां ऐसी सेवा दे सकती हैं तो फिर भारत में वे ऐसा क्यों नहीं कर सकती हैं? स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे पोर्टेबल उपकरणों में एक सामान्य चार्जर ही लगना चाहिए। अधिकारी ने कहा कि भारत इस बदलाव पर अगर जोर नहीं देता है तो ऐसे उत्पादों को यहां डंप किया जा सकता है। फिलहाल ग्राहकों को इसके कारण हर बार एक नया उपकरण खरीदने के बाद एक नया चार्जर भी अलग से खरीदना पड़ता है।

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आने वाले दिनों में आपको स्मार्टफोन, टैबलेट सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए एक ही चार्जर काम करेगा। उपभोक्ता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके लिए मंत्रालय ने 17 अगस्त को उद्योग की बैठक बुलाई है। इसमें इस बात पर चर्चा की जाएगी कि सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए एक चार्जर लागू करने में क्या दिक्कत हो सकती है। अधिकारी ने कहा कि मोबाइल निर्माता और अन्य संगठनों को इस बैठक में बुलाया गया है। 

ढेर सारे चार्जर की व्यवस्था समाप्त होगी

अधिकारी के मुताबिक, अभी तक जो ढेर सारे चार्जर की व्यवस्था है, उसे खत्म करने की योजना है। साथ ही इससे ई-कचरा में भी कमी आएगी। हाल में यूरोपीय संघ ने 2024 तक छोटे इलेक्ट्ऱॉनिक उपकरणों के लिए एक यूएसबी सी पोर्ट को अपनाने का नियम लागू करने की बात कही है। इसी तरह की योजना अमेरिका में भी बन रही है। 

बदलाव पर देना होगा जोर

अधिकारी ने कहा कि यूरोप और अमेरिका में कंपनियां ऐसी सेवा दे सकती हैं तो फिर भारत में वे ऐसा क्यों नहीं कर सकती हैं? स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे पोर्टेबल उपकरणों में एक सामान्य चार्जर ही लगना चाहिए। अधिकारी ने कहा कि भारत इस बदलाव पर अगर जोर नहीं देता है तो ऐसे उत्पादों को यहां डंप किया जा सकता है। फिलहाल ग्राहकों को इसके कारण हर बार एक नया उपकरण खरीदने के बाद एक नया चार्जर भी अलग से खरीदना पड़ता है।



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