12 हजार तक के फोन बैन हुए तो इन आठ चाइनीज कंपनियों को भारत छोड़ना होगा


ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार 12,000 रुपये तक की कीमत के चाइनीज स्मार्टफोन पर बैन लगाने की तैयारी कर रही है। मोबाइल मार्केट के लिहाज से भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। 2020 में चाइनीज एप्स पर बैन के बाद चाइनीज कंपनियों के खिलाफ सरकार की यह दूसरी डिजिटल स्ट्राइक होगी। कहा जा रहा है कि लावा और माइक्रोमैक्स जैसी घरेलू कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार चाइनीज मोबाइल कंपनियों पर प्रतिबंध लगा सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 12,000 रुपये तक का स्मार्टफोन मार्केट बहुत बड़ा है। इसके यूजर्स की संख्या करोड़ो में है। अधिकतर चाइनीज कंपनियों के स्मार्टफोन इसी रेंज के हैं। यदि वास्तव में सरकार की ओर से 12,000 रुपये तक के चाइनीज फोन पर बैन लगाया जाता है तो कई चाइनीज कंपनियों को भारत छोड़ना होगा, हालांकि आपको भी पता है कि भले ही ये मोबाइल कंपनियां चाइनीज हैं लेकिन वीवो, टेक्नो, शाओमी, रियलमी, ओप्पो और इनफिनिक्स तक के फोन भारत में ही तैयार हो रहे हैं। इन सभी कंपनियों के फोन पर मेड इन इंडिया टैग ही है। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि यदि वास्तव में सरकार इस तरह का कोई कदम उठाती है तो किन-किन चाइनीज ब्रांड्स को भारत छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा।

शाओमी

भारतीय बाजार में शाओमी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। सीधे शब्दों में कहें तो 20,000 रुपये तक की रेंज में शाओमी भारत में नंबर-1 मोबाइल ब्रांड है। शाओमी के फोन भारत में एमआई, रेडमी और पोको की ब्रांडिंग के तहत बिकते हैं। 12,000 रुपये तक की रेंज में रेडमी और पोको के कई अच्छे स्मार्टफोन मौजूद हैं और इन फोन की बिक्री भी बहुत ज्यादा होती है। सरकार के इस फैसले से शाओमी को सबसे ज्यादा नुकसान होगा।

रियलमी

12,000 रुपये तक की रेंज में रियलमी के स्मार्टफोन रेडमी के मुकाबले कम नहीं हैं। इस रेंज में रियलमी के करीब 5-7 स्मार्टफोन हैं जो काफी पोपुलर हैं। शाओमी के बाद दूसरे नंबर पर रियलमी का सबसे ज्यादा नुकसान होगा।

Vivo

12,000 रुपये तक की रेंज में वीवो के फोन की संख्या तो कम ही है लेकिन आग लगेगी तो सभी के घर जद में आएंगे। इस रेंज में वीवो के 2-4 फोन ही हैं जो सरकार के फैसले की चपेट में आ सकते हैं।

Oppo

चौथे नंबर पर ओप्पो का नाम है। 12,000 रुपये तक की रेंज में ओप्पो के फोन बहुत ही कम हैं लेकिन 2-4 फोन तो चपेट में आ ही सकते हैं।



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