हमीरपुर: जानलेवा हमला करने वाले को तीन वर्ष की सजा


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हमीरपुर। साढ़े 17 वर्ष पूर्व लाइसेंसी दोनाली बंदूक से हवाई फायरिंग करते समय दो लोगों के जख्मी होने के मामले में अदालत ने आरोपी को साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार देकर तीन वर्ष कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। पीड़ित को 10 हजार क्षतिपूर्ति दिलाए जाने के आदेश भी अदालत ने दिए हैं। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सुमेरपुर थानाक्षेत्र के पंधरी गांव निवासी रामसरन ने थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि आठ अप्रैल 2005 को शाम करीब चार बजे गांव का राजेंद्र गुप्ता, मुंडेरा निवासी पप्पू सिंह की लाइसेंसी दोनाली बंदूक लिए था। उसके साथ साथी राकेश सिंह बिड़िया भी था। राजेंद्र बंदूक से हवाई फायरिंग करने लगा। अपने-अपने दरवाजे पर खड़े रामसरन का बेटा छोटे उर्फ धर्मवीर और अशोक अरख छर्रे लगने से घायल हो गए थे। गांव के देशराज, अवधेश, कल्लू, दिनेश व अरविंद आदि ने राजेंद्र को फायर करने से रोका था। आरोपी गालियां देते हुए चले गए थे।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रप्रकाश गोस्वामी व राजेश तिवारी ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम सुशील कुमार खरवार की अदालत में मुकदमे की सुनवाई हुई। दूसरे आरोपी राकेश सिंह बिड़िया की मुकदमे की सुनाई के दौरान मौत हो गई थी।

हमीरपुर। साढ़े 17 वर्ष पूर्व लाइसेंसी दोनाली बंदूक से हवाई फायरिंग करते समय दो लोगों के जख्मी होने के मामले में अदालत ने आरोपी को साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार देकर तीन वर्ष कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। पीड़ित को 10 हजार क्षतिपूर्ति दिलाए जाने के आदेश भी अदालत ने दिए हैं। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

सुमेरपुर थानाक्षेत्र के पंधरी गांव निवासी रामसरन ने थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि आठ अप्रैल 2005 को शाम करीब चार बजे गांव का राजेंद्र गुप्ता, मुंडेरा निवासी पप्पू सिंह की लाइसेंसी दोनाली बंदूक लिए था। उसके साथ साथी राकेश सिंह बिड़िया भी था। राजेंद्र बंदूक से हवाई फायरिंग करने लगा। अपने-अपने दरवाजे पर खड़े रामसरन का बेटा छोटे उर्फ धर्मवीर और अशोक अरख छर्रे लगने से घायल हो गए थे। गांव के देशराज, अवधेश, कल्लू, दिनेश व अरविंद आदि ने राजेंद्र को फायर करने से रोका था। आरोपी गालियां देते हुए चले गए थे।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रप्रकाश गोस्वामी व राजेश तिवारी ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम सुशील कुमार खरवार की अदालत में मुकदमे की सुनवाई हुई। दूसरे आरोपी राकेश सिंह बिड़िया की मुकदमे की सुनाई के दौरान मौत हो गई थी।



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