इमरान खान का करीबी गिरफ्तार, देशद्रोह और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप


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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के एक करीबी सहयोगी को देशद्रोही और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले उनके साक्षात्कार को लेकर गिरफ्तार किया गया है। एक टीवी चैनल पर इंटरव्यू प्रसारित करने के लिए इसे ऑफ एयर करने के बाद मंगलवार को इमरान के करीबी को  गिरफ्तार कर लिया गया। इमरान खान के प्रवक्ता पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता शहबाज गिल ने सोमवार को एक एआरवाई न्यूज कार्यक्रम में भाग लिया और सेना के खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री को खड़ा करने की कोशिश करने के लिए शहबाज शरीफ सरकार की भारी आलोचना की। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (पेमरा) ने एआरवाई न्यूज को झूठी, घृणास्पद और देशद्रोही सामग्री प्रसारित करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए दुष्प्रचार और सेना के भीतर ही विद्रोह की आग भड़काने का प्रयास माना गया। 

कार्यक्रम के दौरान शहबाज गिल की गिरफ्तारी
जैसे ही नोटिस जारी किया गया, चैनल का प्रसारण बंद होना शुरू हो गया और आखिर में इसका संचालन निलंबित कर दिया गया। इसके बाद गिल की गिरफ्तारी हुई। इस्लामाबाद पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि गिल को राज्य संस्थानों के खिलाफ बयान देने और लोगों को विद्रोह के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गिल ने आरोप लगाया था कि सरकार पीटीआई के खिलाफ सेना के निचले और मध्यम स्तर को भड़काने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सैनिकों के परिवार इमरान खान और उनकी पार्टी का समर्थन करते हैं जो सरकार के भीतर रोष पैदा कर रहे हैं। इस बीच, पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान ने गिल की गिरफ्तारी को अपहरण करार दिया है।

पीटीआई की पूर्व मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने दावा कि यह गिरफ्तारी नहीं अपहरण है। क्या ऐसी शर्मनाक हरकत किसी भी लोकतंत्र में हो सकती है? राजनीतिक कार्यकर्ताओं को दुश्मन के रूप में माना जाता है। और क्या हम सभी को विदेशी समर्थित बदमाशों की सरकार स्वीकार करनी होगी। मजारी ने कहा कि गिल का अपहरण और एआरवाई पर कार्रवाई अमेरिकी शासन परिवर्तन की साजिश का हिस्सा है। वहीं, पीटीआई के उपाध्यक्ष फवाद चौधरी ने ट्वीट किया, शहबाज गिल को बनिगला चौक से अज्ञात कर्मियों ने बिना नंबर प्लेट वाली कार में उठाया गया। अमेरिकी शासन परिवर्तन की साजिश।

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के एक करीबी सहयोगी को देशद्रोही और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले उनके साक्षात्कार को लेकर गिरफ्तार किया गया है। एक टीवी चैनल पर इंटरव्यू प्रसारित करने के लिए इसे ऑफ एयर करने के बाद मंगलवार को इमरान के करीबी को  गिरफ्तार कर लिया गया। इमरान खान के प्रवक्ता पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता शहबाज गिल ने सोमवार को एक एआरवाई न्यूज कार्यक्रम में भाग लिया और सेना के खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री को खड़ा करने की कोशिश करने के लिए शहबाज शरीफ सरकार की भारी आलोचना की। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (पेमरा) ने एआरवाई न्यूज को झूठी, घृणास्पद और देशद्रोही सामग्री प्रसारित करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए दुष्प्रचार और सेना के भीतर ही विद्रोह की आग भड़काने का प्रयास माना गया। 

कार्यक्रम के दौरान शहबाज गिल की गिरफ्तारी

जैसे ही नोटिस जारी किया गया, चैनल का प्रसारण बंद होना शुरू हो गया और आखिर में इसका संचालन निलंबित कर दिया गया। इसके बाद गिल की गिरफ्तारी हुई। इस्लामाबाद पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि गिल को राज्य संस्थानों के खिलाफ बयान देने और लोगों को विद्रोह के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गिल ने आरोप लगाया था कि सरकार पीटीआई के खिलाफ सेना के निचले और मध्यम स्तर को भड़काने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सैनिकों के परिवार इमरान खान और उनकी पार्टी का समर्थन करते हैं जो सरकार के भीतर रोष पैदा कर रहे हैं। इस बीच, पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान ने गिल की गिरफ्तारी को अपहरण करार दिया है।

पीटीआई की पूर्व मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने दावा कि यह गिरफ्तारी नहीं अपहरण है। क्या ऐसी शर्मनाक हरकत किसी भी लोकतंत्र में हो सकती है? राजनीतिक कार्यकर्ताओं को दुश्मन के रूप में माना जाता है। और क्या हम सभी को विदेशी समर्थित बदमाशों की सरकार स्वीकार करनी होगी। मजारी ने कहा कि गिल का अपहरण और एआरवाई पर कार्रवाई अमेरिकी शासन परिवर्तन की साजिश का हिस्सा है। वहीं, पीटीआई के उपाध्यक्ष फवाद चौधरी ने ट्वीट किया, शहबाज गिल को बनिगला चौक से अज्ञात कर्मियों ने बिना नंबर प्लेट वाली कार में उठाया गया। अमेरिकी शासन परिवर्तन की साजिश।



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