राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने अब तक कितने पदक जीते? दिल्ली में किया था सर्वश्रेष्ठ प्रदर्श


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इंग्लैंड के बर्मिंघम में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों का अंत हो चुका है। भारत ने इस बार लगभग 215 एथलीट्स के दल को बर्मिंघम भेजा था। भारत ने इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य समेत कुल 61 पदक अपने नाम किए। 1930 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट में भारत अब तक 18 बार भाग ले चुका है। उसने चार बार हिस्सा नहीं लिया। भारतीय खिलाड़ी 1930, 1950, 1962 और 1986 राष्ट्रमंडल खेलों में नहीं उतरे थे। 1934 में पहली बार भारतीय खिलाड़ियों ने जब भाग लिया था तब इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता है। आइए जानते हैं कि अब तक भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है।

आजादी के बाद पहली बार भारत ने 1954 में राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लिया था। 1966 में पहली बार पदकों की संख्या ने 10 को पार किया। 1966 राष्ट्रमंडल खेलों के बाद भारत ने रफ्तार पकड़ ली। उसके बाद पदकों की संख्या लगातार बढ़ती रही। साल 2000 के बाद से राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया और पदकों की संख्या 50 के पार पहुंच गई। भारत के लिए 2010 राष्ट्रमंडल खेल सबसे शानदार रहा था। तब भारत ने अपनी मेजबानी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। भारत ने 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में 101 पदक जीते थे। इनमें 38 स्वर्ण, 27 रजत और 36 कांस्य शामिल हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य समेत कुल 61 पदक जीते हैं। 

भारत के पदक विजेता

  • 22 स्वर्णः मीराबाई चानू, जेरेमी लालरिनुंगा, अंचिता शेउली, महिला लॉन बॉल टीम, टीटी पुरुष टीम, सुधीर, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, दीपक पूनिया, रवि दहिया, विनेश, नवीन, भाविना, नीतू, अमित पंघाल, एल्डहॉस पॉल, निकहत जरीन, शरत-श्रीजा, पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, सात्विक-चिराग, शरत।
  • 16 रजतः संकेत सरगर, बिंदियारानी देवी, सुशीला देवी, विकास ठाकुर, भारतीय बैडमिंटन टीम, तूलिका मान, मुरली श्रीशंकर, अंशु मलिक, प्रियंका, अविनाश साबले, पुरुष लॉन बॉल टीम, अब्दुल्ला अबोबैकर, शरथ-साथियान, महिला क्रिकेट टीम, सागर, पुरुष हॉकी टीम।
  • 23 कांस्यः गुरुराजा, विजय कुमार यादव, हरजिंदर कौर, लवप्रीत सिंह, सौरव घोषाल, गुरदीप सिंह, तेजस्विन शंकर, दिव्या काकरन, मोहित ग्रेवाल, जैस्मिन, पूजा गहलोत, पूजा सिहाग, मोहम्मद हुसामुद्दीन, दीपक नेहरा, रोहित टोकस, महिला हॉकी टीम, संदीप कुमार, अन्नू रानी, सौरव-दीपिका, किदांबी श्रीकांत, त्रिषा-गायत्री, साथियान।

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के मुख्य पड़ाव

लंदन 1934: भारतीय खिलाड़ी पहली बार टूर्नामेंट में उतरे। छह एथलीटों ने 10 ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स और एक कुश्ती स्पर्धा में भाग लिया। भारत ने तब अपना पहला पदक जीता था। उसे पुरुषों की 74 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में राशिद अनवर ने रजत पदक दिलाया था। वह राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं।

सिडनी 1938: भारत ने मुख्य रूप से साइकिलिंग में हिस्सा लिया था, लेकिन एक भी पदक नहीं मिला।

वैंकूवर 1954: भारत 1947 में आजाद होने के बाद पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में उतरा। उसने 1950 ऑकलैंड राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं लिया था। 1954 में भारत के एथलीटों ने कुछ खेलों में हिस्सा लिया, लेकिन एक भी पदक नहीं जीत पाए।

कार्डिफ 1958: भारत को पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक मिला। महान धावक मिल्खा सिंह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण अपने नाम करने वाले पहले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। उन्होंने पुरुषों की 440 यार्ड स्पर्धा में पहला स्थान हासिल किया। कुश्ती में पहलवान लीला राम ने पुरुषों की 100 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भारत को स्वर्ण दिलाया। इस साल पहली बार भारतीय महिला एथलीट राष्ट्रमंडल खेलों में उतरीं। ट्रैक एंड फील्ड एथलीट स्टेफनी डिसूजा और एलिजाबेथ डेवनपोर्ट ने हिस्सा लिया था। कुश्ती में लक्ष्मीकांत पांडेय ने रजत पदक अपने नाम किया था।

किंग्सटन, जमैका 1966: भारत ने 1962 पर्थ राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं लिया था। 1966 में भारत को तीन स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य मिला। इस तरह भारत ने 10 पदक अपने नाम किए। यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। भारत की तीनों स्वर्ण कुश्ती में मिले। दो रजत और दो कांस्य भी इसी खेल से आए। मोहन घोष वेटलिफ्टिंग और दिनेश खन्ना बैडमिंटन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। दोनों ने क्रमश: रजत और कांस्य पदक अपने नाम किया।

दिल्ली 2010: भारत को पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का मौका मिला। भारत इस बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उसने 101 पदक अपने नाम किए। इनमें 38 स्वर्ण, 27 रजत और 36 कांस्य पदक थे। भारत ऐसा प्रदर्शन फिर दोहरा नहीं पाया।

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रदर्शन

साल जगह स्वर्ण रजत कांस्य कुल स्थान
1930 हैमिल्टन भाग नहीं लिया
1934 लंदन 0 0 1 1 12
1938 सिडनी 0 0 0 0
1950 ऑकलैंड भाग नहीं लिया
1954  वैंकूवर 0 0 0 0
1958 कार्डिफ 2 1 0 3 8
1962 पर्थ भाग नहीं लिया
1966 किंग्स्टन 3 4 3 10 8
1970 एडिनबर्ग 5 3 4 12 6
1974 क्राइस्टचर्च 4 8 3 15 6
1978 एडमोंटोन 5 4 6 15 6
1982 ब्रिस्बेन 5 8 3 16 6
1986 एडिनबर्ग भाग नहीं लिया
1990 ऑकलैंड 13 8 11 32 5
1994 विक्टोरिया 6 11 7 24 6
1998 कुआलालंपुर 7 10 8 25 7
2002 मैनचेस्टर 30 22 17 69 4
2006 मेलबर्न 22 17 11 50 4
2010 दिल्ली 38 27 36 101 2
2014 ग्लास्गो 15 30 19 64 55
2018 गोल्ड कोस्ट 26 20 20 66 3
2022 बर्मिंघम 22 16 23 61 4
कुल 203 190 171 564 4

किस खेल में भारत के कितने पदक

खेल स्वर्ण रजत कांस्य कुल
शूटिंग 63 44 28 135
वेटलिफ्टिंग 46 51 38 135
कुश्ती 49 39 26 114
बॉक्सिंग 11 13 20 44
बैडमिंटन 10 8 12 30
टेबल टेनिस 9 5 11 25
एथलेटिस्ट 6 11 15 32
तीरंदाजी 3 1 4 8
हॉकी 1 4 1 6
स्क्वैश 1 2 2 5
टेनिस 1 1 2 4
जूडो 0 5 6 11
जिम्नास्टिक 0 1 2 3
स्वीमिंग 0 0 1 1

विस्तार

इंग्लैंड के बर्मिंघम में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों का अंत हो चुका है। भारत ने इस बार लगभग 215 एथलीट्स के दल को बर्मिंघम भेजा था। भारत ने इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य समेत कुल 61 पदक अपने नाम किए। 1930 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट में भारत अब तक 18 बार भाग ले चुका है। उसने चार बार हिस्सा नहीं लिया। भारतीय खिलाड़ी 1930, 1950, 1962 और 1986 राष्ट्रमंडल खेलों में नहीं उतरे थे। 1934 में पहली बार भारतीय खिलाड़ियों ने जब भाग लिया था तब इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता है। आइए जानते हैं कि अब तक भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है।

आजादी के बाद पहली बार भारत ने 1954 में राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लिया था। 1966 में पहली बार पदकों की संख्या ने 10 को पार किया। 1966 राष्ट्रमंडल खेलों के बाद भारत ने रफ्तार पकड़ ली। उसके बाद पदकों की संख्या लगातार बढ़ती रही। साल 2000 के बाद से राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया और पदकों की संख्या 50 के पार पहुंच गई। भारत के लिए 2010 राष्ट्रमंडल खेल सबसे शानदार रहा था। तब भारत ने अपनी मेजबानी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। भारत ने 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में 101 पदक जीते थे। इनमें 38 स्वर्ण, 27 रजत और 36 कांस्य शामिल हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य समेत कुल 61 पदक जीते हैं। 

भारत के पदक विजेता

  • 22 स्वर्णः मीराबाई चानू, जेरेमी लालरिनुंगा, अंचिता शेउली, महिला लॉन बॉल टीम, टीटी पुरुष टीम, सुधीर, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, दीपक पूनिया, रवि दहिया, विनेश, नवीन, भाविना, नीतू, अमित पंघाल, एल्डहॉस पॉल, निकहत जरीन, शरत-श्रीजा, पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, सात्विक-चिराग, शरत।
  • 16 रजतः संकेत सरगर, बिंदियारानी देवी, सुशीला देवी, विकास ठाकुर, भारतीय बैडमिंटन टीम, तूलिका मान, मुरली श्रीशंकर, अंशु मलिक, प्रियंका, अविनाश साबले, पुरुष लॉन बॉल टीम, अब्दुल्ला अबोबैकर, शरथ-साथियान, महिला क्रिकेट टीम, सागर, पुरुष हॉकी टीम।
  • 23 कांस्यः गुरुराजा, विजय कुमार यादव, हरजिंदर कौर, लवप्रीत सिंह, सौरव घोषाल, गुरदीप सिंह, तेजस्विन शंकर, दिव्या काकरन, मोहित ग्रेवाल, जैस्मिन, पूजा गहलोत, पूजा सिहाग, मोहम्मद हुसामुद्दीन, दीपक नेहरा, रोहित टोकस, महिला हॉकी टीम, संदीप कुमार, अन्नू रानी, सौरव-दीपिका, किदांबी श्रीकांत, त्रिषा-गायत्री, साथियान।

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के मुख्य पड़ाव

लंदन 1934: भारतीय खिलाड़ी पहली बार टूर्नामेंट में उतरे। छह एथलीटों ने 10 ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स और एक कुश्ती स्पर्धा में भाग लिया। भारत ने तब अपना पहला पदक जीता था। उसे पुरुषों की 74 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में राशिद अनवर ने रजत पदक दिलाया था। वह राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं।

सिडनी 1938: भारत ने मुख्य रूप से साइकिलिंग में हिस्सा लिया था, लेकिन एक भी पदक नहीं मिला।

वैंकूवर 1954: भारत 1947 में आजाद होने के बाद पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में उतरा। उसने 1950 ऑकलैंड राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं लिया था। 1954 में भारत के एथलीटों ने कुछ खेलों में हिस्सा लिया, लेकिन एक भी पदक नहीं जीत पाए।

कार्डिफ 1958: भारत को पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक मिला। महान धावक मिल्खा सिंह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण अपने नाम करने वाले पहले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। उन्होंने पुरुषों की 440 यार्ड स्पर्धा में पहला स्थान हासिल किया। कुश्ती में पहलवान लीला राम ने पुरुषों की 100 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भारत को स्वर्ण दिलाया। इस साल पहली बार भारतीय महिला एथलीट राष्ट्रमंडल खेलों में उतरीं। ट्रैक एंड फील्ड एथलीट स्टेफनी डिसूजा और एलिजाबेथ डेवनपोर्ट ने हिस्सा लिया था। कुश्ती में लक्ष्मीकांत पांडेय ने रजत पदक अपने नाम किया था।

किंग्सटन, जमैका 1966: भारत ने 1962 पर्थ राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं लिया था। 1966 में भारत को तीन स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य मिला। इस तरह भारत ने 10 पदक अपने नाम किए। यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। भारत की तीनों स्वर्ण कुश्ती में मिले। दो रजत और दो कांस्य भी इसी खेल से आए। मोहन घोष वेटलिफ्टिंग और दिनेश खन्ना बैडमिंटन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। दोनों ने क्रमश: रजत और कांस्य पदक अपने नाम किया।

दिल्ली 2010: भारत को पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का मौका मिला। भारत इस बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उसने 101 पदक अपने नाम किए। इनमें 38 स्वर्ण, 27 रजत और 36 कांस्य पदक थे। भारत ऐसा प्रदर्शन फिर दोहरा नहीं पाया।

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रदर्शन

साल जगह स्वर्ण रजत कांस्य कुल स्थान
1930 हैमिल्टन भाग नहीं लिया
1934 लंदन 0 0 1 1 12
1938 सिडनी 0 0 0 0
1950 ऑकलैंड भाग नहीं लिया
1954  वैंकूवर 0 0 0 0
1958 कार्डिफ 2 1 0 3 8
1962 पर्थ भाग नहीं लिया
1966 किंग्स्टन 3 4 3 10 8
1970 एडिनबर्ग 5 3 4 12 6
1974 क्राइस्टचर्च 4 8 3 15 6
1978 एडमोंटोन 5 4 6 15 6
1982 ब्रिस्बेन 5 8 3 16 6
1986 एडिनबर्ग भाग नहीं लिया
1990 ऑकलैंड 13 8 11 32 5
1994 विक्टोरिया 6 11 7 24 6
1998 कुआलालंपुर 7 10 8 25 7
2002 मैनचेस्टर 30 22 17 69 4
2006 मेलबर्न 22 17 11 50 4
2010 दिल्ली 38 27 36 101 2
2014 ग्लास्गो 15 30 19 64 55
2018 गोल्ड कोस्ट 26 20 20 66 3
2022 बर्मिंघम 22 16 23 61 4
कुल 203 190 171 564 4

किस खेल में भारत के कितने पदक

खेल स्वर्ण रजत कांस्य कुल
शूटिंग 63 44 28 135
वेटलिफ्टिंग 46 51 38 135
कुश्ती 49 39 26 114
बॉक्सिंग 11 13 20 44
बैडमिंटन 10 8 12 30
टेबल टेनिस 9 5 11 25
एथलेटिस्ट 6 11 15 32
तीरंदाजी 3 1 4 8
हॉकी 1 4 1 6
स्क्वैश 1 2 2 5
टेनिस 1 1 2 4
जूडो 0 5 6 11
जिम्नास्टिक 0 1 2 3
स्वीमिंग 0 0 1 1



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