ब्रिटेन में पढ़ाई, नौकरी और यात्रा वीजा में भारत की भागेदारी सबसे ज्यादा, Ficci ने भी जताई खुशी


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भारतीय उद्योग ने गुरुवार को ब्रिटेन के नए ‘स्केल-अप’ वीजा योजना का स्वागत किया है जिसका उद्देश्य भारत सहित दुनियाभर से अधिक कुशल पेशेवरों को आकर्षित करना है। 

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने कहा, ब्रिटेन के गृह कार्यालय की घोषणा हाई-डेवलपमेंट वाले व्यवसायों को उनकी स्केल-अप महत्वकांक्षाओं को बढ़ावा देने के लिए दुनियाभर में टैलेंट पूल तक पहुंचने के लिए निर्देशित करती है। 

फिक्की ने कहा कि इस घोषणा से कई भारतीय व्यवसायों के लाभान्वित होने की संभावना है और ब्रिटेन की कंपनियों को भारतीय टैलेंट को हासिल करने में सफलता मिलेगी। जिन छोटे व्यवसाय, तकनीकी और वित्तीय सेवा क्षेत्रों में शामिल कंपनियों ने कम से कम तीन वर्षों में साल-दर-साल रोजगार या कारोबार में बीस प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि हासिल की है और शुरुआती तीन वर्षों में कम से कम 10 लोगों को रोजगार दिया है, वे नए मार्ग के तहत श्रमिकों को स्पॉन्सर करने के पात्र हैं। 

फिक्की के महानिदेशक अरुण चावला ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में तकनीकी और वित्तीय सेवाओं से बड़ी संख्या में तेजी से बढ़ते व्यवसायों का ब्रिटेन में विस्तार होते देखा है। नई स्केल-अप वीजा की घोषणा अच्छे समय में हुई है। व्यवसाय महामारी के बाद उबरने की कोशिश कर रहे हैं और टैलेंट को काम पर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई स्केल अप वीजा योजना टैलेंट को तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेगा। 
 
उन्होंने कहा कि इस घोषणा से ब्रिटेन में मौजूद भारतीय व्यवसायों को अगले स्तर तक प्रगति के लिए इन-डिमांड टैलेंट को हायर करने में अधिक लचीलापन मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह ब्रिटिश व्यवसायों को भारतीय टैलेंट को हायर करने में मदद करेगा। 

गृह कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में टियर-2 वीजा श्रेणी के तहत दिए गए कुशल श्रमिक वीजा के लिए भारतीयों को शीर्ष राष्ट्रीयता के रूप में स्थान दिया गया है, अब इस नए मार्ग से भी लाभान्वित होने की उम्मीद है।  

पिछले वर्ष की तुलना में 89 प्रतिशत अधिक भारतीय छात्रों को मिला वीजा : ब्रिटिश उच्चायोग 
भारत स्थित ब्रिटिश उच्चायोग ने गुरुवार को कहा कि जून 2022 को समाप्त होने वाले वर्ष में लगभग 118,000 भारतीय छात्रों को यूके में अध्ययन करने के लिए वीजा मिला जो पिछले वर्ष की तुलना में 89 प्रतिशत अधिक है। 

ताजा प्रकाशिक ‘यूके इमिग्रेशन स्टैटिस्टिक्स’ का जिक्र करते हुए उच्चायोग ने कहा कि भारत अब चीन से आगे निकल गया है।  यूके भारतीयों  के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य बना हुआ है। इसने कहा कि जून 2022 को समाप्त होने वाले वर्ष में 258,000 से अधिक भारतीय नागरिकों को यात्रा वीजा प्राप्त हुआ जो पिछले वर्ष की तुलना में 630 प्रतिशत की वृद्धि है, जबकि कोविड महामारी के कारण यात्रा प्रतिबंध अभी भी लागू थे। 

उच्चायोग ने कहा कि भारतीय नागरिकों वर्ष में लगभग 103,000 कार्य वीजा प्राप्त हुए, जिसमें कुशल और मौसमी श्रमिक शामिल हैं, यह पिछले वर्ष की तुलना में 148 प्रतिशत की वृद्धि थी। 

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भारतीय उद्योग ने गुरुवार को ब्रिटेन के नए ‘स्केल-अप’ वीजा योजना का स्वागत किया है जिसका उद्देश्य भारत सहित दुनियाभर से अधिक कुशल पेशेवरों को आकर्षित करना है। 

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने कहा, ब्रिटेन के गृह कार्यालय की घोषणा हाई-डेवलपमेंट वाले व्यवसायों को उनकी स्केल-अप महत्वकांक्षाओं को बढ़ावा देने के लिए दुनियाभर में टैलेंट पूल तक पहुंचने के लिए निर्देशित करती है। 

फिक्की ने कहा कि इस घोषणा से कई भारतीय व्यवसायों के लाभान्वित होने की संभावना है और ब्रिटेन की कंपनियों को भारतीय टैलेंट को हासिल करने में सफलता मिलेगी। जिन छोटे व्यवसाय, तकनीकी और वित्तीय सेवा क्षेत्रों में शामिल कंपनियों ने कम से कम तीन वर्षों में साल-दर-साल रोजगार या कारोबार में बीस प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि हासिल की है और शुरुआती तीन वर्षों में कम से कम 10 लोगों को रोजगार दिया है, वे नए मार्ग के तहत श्रमिकों को स्पॉन्सर करने के पात्र हैं। 

फिक्की के महानिदेशक अरुण चावला ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में तकनीकी और वित्तीय सेवाओं से बड़ी संख्या में तेजी से बढ़ते व्यवसायों का ब्रिटेन में विस्तार होते देखा है। नई स्केल-अप वीजा की घोषणा अच्छे समय में हुई है। व्यवसाय महामारी के बाद उबरने की कोशिश कर रहे हैं और टैलेंट को काम पर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई स्केल अप वीजा योजना टैलेंट को तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेगा। 

 

उन्होंने कहा कि इस घोषणा से ब्रिटेन में मौजूद भारतीय व्यवसायों को अगले स्तर तक प्रगति के लिए इन-डिमांड टैलेंट को हायर करने में अधिक लचीलापन मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह ब्रिटिश व्यवसायों को भारतीय टैलेंट को हायर करने में मदद करेगा। 

गृह कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में टियर-2 वीजा श्रेणी के तहत दिए गए कुशल श्रमिक वीजा के लिए भारतीयों को शीर्ष राष्ट्रीयता के रूप में स्थान दिया गया है, अब इस नए मार्ग से भी लाभान्वित होने की उम्मीद है।  

पिछले वर्ष की तुलना में 89 प्रतिशत अधिक भारतीय छात्रों को मिला वीजा : ब्रिटिश उच्चायोग 

भारत स्थित ब्रिटिश उच्चायोग ने गुरुवार को कहा कि जून 2022 को समाप्त होने वाले वर्ष में लगभग 118,000 भारतीय छात्रों को यूके में अध्ययन करने के लिए वीजा मिला जो पिछले वर्ष की तुलना में 89 प्रतिशत अधिक है। 

ताजा प्रकाशिक ‘यूके इमिग्रेशन स्टैटिस्टिक्स’ का जिक्र करते हुए उच्चायोग ने कहा कि भारत अब चीन से आगे निकल गया है।  यूके भारतीयों  के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य बना हुआ है। इसने कहा कि जून 2022 को समाप्त होने वाले वर्ष में 258,000 से अधिक भारतीय नागरिकों को यात्रा वीजा प्राप्त हुआ जो पिछले वर्ष की तुलना में 630 प्रतिशत की वृद्धि है, जबकि कोविड महामारी के कारण यात्रा प्रतिबंध अभी भी लागू थे। 

उच्चायोग ने कहा कि भारतीय नागरिकों वर्ष में लगभग 103,000 कार्य वीजा प्राप्त हुए, जिसमें कुशल और मौसमी श्रमिक शामिल हैं, यह पिछले वर्ष की तुलना में 148 प्रतिशत की वृद्धि थी। 



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