पीएफआई पर छापों के विरोध में आज केरल बंद, कई शहरों में तोड़फोड़, भाजपा दफ्तर पर हमला


Visuals from Kottayam after PFI called for a one-day kerala band

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– फोटो : ANI

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पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ देशभर में छापों व गिरफ्तारियों के विरोध में आज संगठन ने केरल बंद का आह्वान किया है। बंद के दौरान राज्य के कई शहरों में तोड़फोड़ व बवाल की खबरें आई हैं। तमिलनाडु के कोयंबटूर में भाजपा कार्यालय में तोडफोड़ की सूचना मिली है। 

कोट्टायम में बंद का समर्थन कर रहे लोगों ने एक ऑटो रिक्शा और एक कार पर पथराव कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। कार्यकर्ता एनआईए के छापे और पीएफआई के नेताओं की गिरफ्तारी का उग्र विरोध कर रहे हैं। अलुवा के निकट कंपनीपाडी में उग्र लोगों ने केरल राज्य परिवहन निगम की बस में तोड़फोड़ की। पीएफआई के प्रदेश महासचिव ए अब्दुल सत्तार ने एक बयान में बृहस्पतिवार को कहा था कि हड़ताल सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक होगी।

एनआईए व अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों ने कल देश भर में पीएफआई के कार्यालयों और उसके प्रमुखों से जुड़े परिसरों पर छापे मारे थे। इस दौरान 100 से ज्यादा नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किए जाने की खबर है। केरल बंद को देखते हुए पुलिस ने राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी है। जिला पुलिस प्रमुखों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

इस बीच, सरकारी बस सेवा केएसआरटीसी ने कहा है कि वह बसों का संचालन जारी रखेगी। परिवहन निगम ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अस्पतालों, हवाई अड्डे तथा रेलवे स्टेशनों तक पहुंचने के लिए विशेष सेवा संचालित की जाएगी। परिवहन निगम ने कहा कि अगर जरूरी हुआ तो पुलिस सुरक्षा की भी मांग की जाएगी।

बीजेपी ने साधा निशाना
भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि पीएफआई की ओर से पहले भी बुलाई गई सभी हड़तालों के दौरान उपद्रव व हिंसा की गई थी। राज्य सरकार को लोगों के जीवन और संपत्ति की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। पीएफआई बाहुबल के जरिए आतंकवाद के मामलों से बचने की की कोशिश कर रहा है। व्यर्थ की हड़ताल के खिलाफ केरल हाईकोर्ट के कड़े रूख के बावजूद राज्य में वामपंथी सरकार वोट बैंक की खातिर पीएफआई के प्रति नरम रुख अपना रही है। 

कोयंबटूर में भाजपा दफ्तर पर हमला, फेंका गया पेट्रोल बम
तमिलनाडु के कोयंबटूर में भाजपा कार्यालय पर हमला किया गया है। यहां अज्ञात व्यक्ति द्वारा भाजपा दफ्तर पर ज्वलनशील पदार्थ से भरी बोतल फेंकने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। भाजपा कार्यकर्ता इस हमले को एक दिन पहले पीएफआई के खिलाफ हुई छापेमारी से जोड़कर देख रहे हैं। कार्यकर्ता नंदकुमार ने कहा, हमार दफ्तर पर पेट्रोल बम फेंका गया है। इसी तरह से आंतकी हमले होते हैं। आज ही पीएफआई के खिलाफ छापेमारी की गई थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी प्रदेश में हैं। 

15 राज्यों में हुई थी छापेमारी
NIA ने गुरुवार को PFI पर 15 राज्यों में 93 स्थानों पर छापा मारा। केरल-39, तमिलनाडु-16, कर्नाटक-12, आंध्र प्रदेश-7, तेलंगाना-1, उत्तर प्रदेश-2, राजस्थान-4, दिल्ली-2, असम-1, मध्य प्रदेश-1, महाराष्ट्र-4, गोवा-1, पश्चिम बंगाल-1, बिहार-1 और मणिपुर में 1 स्थान पर छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक, NIA के करीब 300 अधिकारी तलाशी अभियान में शामिल रहे। NIA डीजी ने ऑपरेशन की निगरानी की। 2010-11 से पहले PFI मामलों में कुल 46 आरोपियों को दोषी ठहराया गया था और PFI के खिलाफ मामलों में 355 आरोपियों पर पहले ही आरोपपत्र दायर किया जा चुका है।

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पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ देशभर में छापों व गिरफ्तारियों के विरोध में आज संगठन ने केरल बंद का आह्वान किया है। बंद के दौरान राज्य के कई शहरों में तोड़फोड़ व बवाल की खबरें आई हैं। तमिलनाडु के कोयंबटूर में भाजपा कार्यालय में तोडफोड़ की सूचना मिली है। 

कोट्टायम में बंद का समर्थन कर रहे लोगों ने एक ऑटो रिक्शा और एक कार पर पथराव कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। कार्यकर्ता एनआईए के छापे और पीएफआई के नेताओं की गिरफ्तारी का उग्र विरोध कर रहे हैं। अलुवा के निकट कंपनीपाडी में उग्र लोगों ने केरल राज्य परिवहन निगम की बस में तोड़फोड़ की। पीएफआई के प्रदेश महासचिव ए अब्दुल सत्तार ने एक बयान में बृहस्पतिवार को कहा था कि हड़ताल सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक होगी।

एनआईए व अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों ने कल देश भर में पीएफआई के कार्यालयों और उसके प्रमुखों से जुड़े परिसरों पर छापे मारे थे। इस दौरान 100 से ज्यादा नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किए जाने की खबर है। केरल बंद को देखते हुए पुलिस ने राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी है। जिला पुलिस प्रमुखों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

इस बीच, सरकारी बस सेवा केएसआरटीसी ने कहा है कि वह बसों का संचालन जारी रखेगी। परिवहन निगम ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अस्पतालों, हवाई अड्डे तथा रेलवे स्टेशनों तक पहुंचने के लिए विशेष सेवा संचालित की जाएगी। परिवहन निगम ने कहा कि अगर जरूरी हुआ तो पुलिस सुरक्षा की भी मांग की जाएगी।

बीजेपी ने साधा निशाना

भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि पीएफआई की ओर से पहले भी बुलाई गई सभी हड़तालों के दौरान उपद्रव व हिंसा की गई थी। राज्य सरकार को लोगों के जीवन और संपत्ति की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। पीएफआई बाहुबल के जरिए आतंकवाद के मामलों से बचने की की कोशिश कर रहा है। व्यर्थ की हड़ताल के खिलाफ केरल हाईकोर्ट के कड़े रूख के बावजूद राज्य में वामपंथी सरकार वोट बैंक की खातिर पीएफआई के प्रति नरम रुख अपना रही है। 

कोयंबटूर में भाजपा दफ्तर पर हमला, फेंका गया पेट्रोल बम

तमिलनाडु के कोयंबटूर में भाजपा कार्यालय पर हमला किया गया है। यहां अज्ञात व्यक्ति द्वारा भाजपा दफ्तर पर ज्वलनशील पदार्थ से भरी बोतल फेंकने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। भाजपा कार्यकर्ता इस हमले को एक दिन पहले पीएफआई के खिलाफ हुई छापेमारी से जोड़कर देख रहे हैं। कार्यकर्ता नंदकुमार ने कहा, हमार दफ्तर पर पेट्रोल बम फेंका गया है। इसी तरह से आंतकी हमले होते हैं। आज ही पीएफआई के खिलाफ छापेमारी की गई थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी प्रदेश में हैं। 

15 राज्यों में हुई थी छापेमारी

NIA ने गुरुवार को PFI पर 15 राज्यों में 93 स्थानों पर छापा मारा। केरल-39, तमिलनाडु-16, कर्नाटक-12, आंध्र प्रदेश-7, तेलंगाना-1, उत्तर प्रदेश-2, राजस्थान-4, दिल्ली-2, असम-1, मध्य प्रदेश-1, महाराष्ट्र-4, गोवा-1, पश्चिम बंगाल-1, बिहार-1 और मणिपुर में 1 स्थान पर छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक, NIA के करीब 300 अधिकारी तलाशी अभियान में शामिल रहे। NIA डीजी ने ऑपरेशन की निगरानी की। 2010-11 से पहले PFI मामलों में कुल 46 आरोपियों को दोषी ठहराया गया था और PFI के खिलाफ मामलों में 355 आरोपियों पर पहले ही आरोपपत्र दायर किया जा चुका है।





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