बारिश से प्रभावित किसानों को दोगुना मुआवजा देगी सरकार, रत्नागिरी में स्थापित करेगी मेडिकल कॉलेज


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महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को जुलाई में हुई अत्यधिक बारिश से प्रभावित किसानों को मिलने वाली मुआवजे की राशि को दोगुना करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने विस्तारित मंत्रिमंडल की पहली बैठक के बाद यहां घोषणा की। 

मुख्मयंत्री शिंदे ने कहा, वर्तमान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष के मानदंडों के अनुसार एक किसान को मुआवजे के रूप में प्रति हेक्टेयर 6,800 रुपये मिलते हैं। हमने राशि को दोगुना करने का फैसला किया है। इसके अलावा पहले राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष मानदंड दो हेक्टेयर पर फसलों को हुए नुकसान के लिए लागू होते थे। हमने इसे तीन हेक्टेयर में बदलने का फैसला किया है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मानसून महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण 15 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। मंत्रिपरिषद ने रत्नागिरी में सौ छात्रों की प्रवेश क्षमता के साथ एक सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। मेडिकल कॉलेज के साथ 430 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। इस परियोजना पर पांच सौ करोड़ रुपये की शुरुआती लागत आएगी।  

मुआवजे की राशि को दोगुना करना पर्याप्त नहीं : पवार
विधानसभा में विपक्ष के नेता अजीत पवार ने कहा कि सरकार की घोषणा बारिश प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के लिए प्रर्याप्त नहीं है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता ने कहा, मुआवजे की राशि को दोगुना करना अपर्याप्त है क्योंकि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष मानदंड सभी प्रभावित लोगों को कवर नहीं करते हैं। वे केवल उन किसानों को कवर करते हैं जिन्होंने अपनी फसल खो दी है। यह निर्णय आंखे में धूल झोंकने वाला है। 

उन्होंने मांग की कि भारी वर्षा के कारण नुकसान झेलने वाले छोटे व्यवसायियों, मकान मालिकों और दुकान मालिकों को भी कुछ वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए। महा विकास अघाड़ी सरकार ने प्रति परिवार 15,000 रुपये और बारिश के कारण अपना घर गंवाने वालों के लिए डेढ़ लाख रुपये दिए थे। 

बारिश प्रभावित किसानों को नहीं मिल रही मदद : दानवे
विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने बुधवार को कहा कि बारिश से प्रभावित किसानों को मदद नहीं मिल रही है लेकिन महाराष्ट्र सरकार बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए धन देने जा रही है। औरंगाबाद से शिवसेना नेता दानवे ने कहा, एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार को मंत्रिमंडल का विस्तार करने में लगभग चालीस दिन लगे। इस अवधि के दौरान किसानों की आत्महत्याओं की संख्या बढ़ी और किसानों की समस्याएं अनसुनी हो गईं। 

भूमिगत मुंबई मेट्रो लाइन 3 परियोजना के लिए 10,269 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च की मंजूरी
महाराष्ट्र में नव विस्तारित एकनाथ शिंदे कैबिनेट ने लागत वृद्धि का हवाला देते हुए बुधवार को अपनी पहली बैठक में ज्यादातर भूमिगत मुंबई मेट्रो लाइन तीन परियोजना  के लिए 10,269 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी दी। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह घोषणा की। 

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, पिछले दो वर्षों में लगभग कोई निर्माण नहीं होने के कारण लागत (मुंबई मेट्रो लाइन 3 की) में वृद्धि हुई है। पिछली महा विकास अघाड़ी सरकार में शायद ही कोई निर्माण कार्य किया गया हो।

बता दें कि मंगलवार को एकनाथ शिंदे कैबिनेट का विस्तार हुआ है जिसमें शिंदे खेमे के नौ और भाजपा के नौ सदस्यों को शामिल किए गए।  उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने मुंबई मेट्रो लाइन 3 के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी दी। परियोजना की मूल लागत 23,136 करोड़ रुपये थी जो अब 33,405 करोड़ रुपये हो गई है। राज्य, केंद्र सरकार से परियोजना को पूरा करने के लिए अपने कोष से योगदान देने का अनुरोध करने जा रहा है। पहले राज्य को 2402 करोड़ रुपये खर्च करने थे जो अब बढ़कर 3699 करोड़ रुपये हो गए हैं। 

विस्तार

महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को जुलाई में हुई अत्यधिक बारिश से प्रभावित किसानों को मिलने वाली मुआवजे की राशि को दोगुना करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने विस्तारित मंत्रिमंडल की पहली बैठक के बाद यहां घोषणा की। 

मुख्मयंत्री शिंदे ने कहा, वर्तमान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष के मानदंडों के अनुसार एक किसान को मुआवजे के रूप में प्रति हेक्टेयर 6,800 रुपये मिलते हैं। हमने राशि को दोगुना करने का फैसला किया है। इसके अलावा पहले राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष मानदंड दो हेक्टेयर पर फसलों को हुए नुकसान के लिए लागू होते थे। हमने इसे तीन हेक्टेयर में बदलने का फैसला किया है। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मानसून महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण 15 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। मंत्रिपरिषद ने रत्नागिरी में सौ छात्रों की प्रवेश क्षमता के साथ एक सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। मेडिकल कॉलेज के साथ 430 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। इस परियोजना पर पांच सौ करोड़ रुपये की शुरुआती लागत आएगी।  

मुआवजे की राशि को दोगुना करना पर्याप्त नहीं : पवार

विधानसभा में विपक्ष के नेता अजीत पवार ने कहा कि सरकार की घोषणा बारिश प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के लिए प्रर्याप्त नहीं है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता ने कहा, मुआवजे की राशि को दोगुना करना अपर्याप्त है क्योंकि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष मानदंड सभी प्रभावित लोगों को कवर नहीं करते हैं। वे केवल उन किसानों को कवर करते हैं जिन्होंने अपनी फसल खो दी है। यह निर्णय आंखे में धूल झोंकने वाला है। 

उन्होंने मांग की कि भारी वर्षा के कारण नुकसान झेलने वाले छोटे व्यवसायियों, मकान मालिकों और दुकान मालिकों को भी कुछ वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए। महा विकास अघाड़ी सरकार ने प्रति परिवार 15,000 रुपये और बारिश के कारण अपना घर गंवाने वालों के लिए डेढ़ लाख रुपये दिए थे। 

बारिश प्रभावित किसानों को नहीं मिल रही मदद : दानवे

विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने बुधवार को कहा कि बारिश से प्रभावित किसानों को मदद नहीं मिल रही है लेकिन महाराष्ट्र सरकार बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए धन देने जा रही है। औरंगाबाद से शिवसेना नेता दानवे ने कहा, एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार को मंत्रिमंडल का विस्तार करने में लगभग चालीस दिन लगे। इस अवधि के दौरान किसानों की आत्महत्याओं की संख्या बढ़ी और किसानों की समस्याएं अनसुनी हो गईं। 

भूमिगत मुंबई मेट्रो लाइन 3 परियोजना के लिए 10,269 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च की मंजूरी

महाराष्ट्र में नव विस्तारित एकनाथ शिंदे कैबिनेट ने लागत वृद्धि का हवाला देते हुए बुधवार को अपनी पहली बैठक में ज्यादातर भूमिगत मुंबई मेट्रो लाइन तीन परियोजना  के लिए 10,269 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी दी। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह घोषणा की। 

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, पिछले दो वर्षों में लगभग कोई निर्माण नहीं होने के कारण लागत (मुंबई मेट्रो लाइन 3 की) में वृद्धि हुई है। पिछली महा विकास अघाड़ी सरकार में शायद ही कोई निर्माण कार्य किया गया हो।

बता दें कि मंगलवार को एकनाथ शिंदे कैबिनेट का विस्तार हुआ है जिसमें शिंदे खेमे के नौ और भाजपा के नौ सदस्यों को शामिल किए गए।  उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने मुंबई मेट्रो लाइन 3 के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी दी। परियोजना की मूल लागत 23,136 करोड़ रुपये थी जो अब 33,405 करोड़ रुपये हो गई है। राज्य, केंद्र सरकार से परियोजना को पूरा करने के लिए अपने कोष से योगदान देने का अनुरोध करने जा रहा है। पहले राज्य को 2402 करोड़ रुपये खर्च करने थे जो अब बढ़कर 3699 करोड़ रुपये हो गए हैं। 



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