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महोबा : जीआईसी में छात्र संख्या बढ़ी, बरामदे में चल रहीं कक्षाएं

ByNews Desk

Aug 10, 2022


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श्रीनगर (महोबा)। कस्बे के एक मात्र राजकीय इंटर कॉलेज में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने से भवन छोटा पड़ने लगा है। हालात यह हैं कि एक-एक कक्ष में 300 छात्र-छात्राओं को बैठाया जा रहा है। इसके बाद भी पूरे बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पा रही है। जिससे बरामदे में कक्षाओं का संचालन करना मजबूरी बन गया है।
दो दशक पहले जीआईसी भवन तैयार हुआ था। हर साल छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ रही है। कक्षों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। वर्तमान में विद्यालय में तीन हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। एक-एक कक्ष में दोगुने छात्र-छात्राओं को बैठाने से अव्यवस्था फैल रही है। विद्यालय के कक्ष कम पड़ने पर बरामदे पर बैठाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। कॉलेज प्रबंधन को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
कॉलेज के प्रधानाचार्य रामदीन सोनी का कहना है कि जब राजकीय इंटर कॉलेज को उच्चीकृत किया गया था। तब छात्र संख्या 800 थी। दो दशक बीतने के बाद भी छात्र संख्या तीन हजार के पार पहुंच गई। जिससे कक्षों में तिल रखने की जगह नहीं बचती। विद्यालय भवन में कक्षों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक सुरेश प्रताप सिंह को पत्र लिखा गया है। ताकि अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जा सके।

श्रीनगर (महोबा)। कस्बे के एक मात्र राजकीय इंटर कॉलेज में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने से भवन छोटा पड़ने लगा है। हालात यह हैं कि एक-एक कक्ष में 300 छात्र-छात्राओं को बैठाया जा रहा है। इसके बाद भी पूरे बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पा रही है। जिससे बरामदे में कक्षाओं का संचालन करना मजबूरी बन गया है।

दो दशक पहले जीआईसी भवन तैयार हुआ था। हर साल छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ रही है। कक्षों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। वर्तमान में विद्यालय में तीन हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। एक-एक कक्ष में दोगुने छात्र-छात्राओं को बैठाने से अव्यवस्था फैल रही है। विद्यालय के कक्ष कम पड़ने पर बरामदे पर बैठाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। कॉलेज प्रबंधन को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

कॉलेज के प्रधानाचार्य रामदीन सोनी का कहना है कि जब राजकीय इंटर कॉलेज को उच्चीकृत किया गया था। तब छात्र संख्या 800 थी। दो दशक बीतने के बाद भी छात्र संख्या तीन हजार के पार पहुंच गई। जिससे कक्षों में तिल रखने की जगह नहीं बचती। विद्यालय भवन में कक्षों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक सुरेश प्रताप सिंह को पत्र लिखा गया है। ताकि अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जा सके।



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