मां की हत्या करने वाले पुत्र को उम्रकैद की सजा, बेटी ने दर्ज कराया था मुकदमा


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मथुरा में मां के हत्यारे पुत्र को एडीजे प्रथम हरेंद्र प्रसाद की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्या की वारदात वर्ष 2016 में महावन के गांव सांवलिया में हुई थी। बेटे ने मां की पैतृक संपत्ति के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी थी। अदालत ने नाती को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया।

29 जनवरी 2016 को महावन के गांव सांवलिया निवासी स्वर्गीय किशनी की पत्नी चंदो उर्फ चंद्रवती अपने घर पर मौजूद थीं। उस समय उसकी बेटी रामश्री और उसके छोटे बच्चे भी साथ थे। चंदो बाथरूम में जा रही थी कि अचानक उसका बेटा हरी सिंह आया और मां पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से चंदो वहीं गिर गई और मौत हो गई।

बेटी ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट 

शोरशराबा सुनकर गांव के अन्य लोग भी वहां आ गए और हरी सिंह मौके से भाग गया। बेटी रामश्री ने हरी सिंह तथा उसके बेटे राजकुमार के खिलाफ महावन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। वारदात के बाद से ही पुलिस ने हरी सिंह और उसके बेटे राज कुमार को जेल भेज दिया। केस की सुनवाई एडीजे प्रथम की अदालत में हुई।

आठ लोगों ने दी गवाही 

अभियोजन ने वारदात से संबंधित आठ गवाहों की गवाही कराई। सोमवार को अदालत ने निर्णय देते हुए बेटे हरी सिंह को आजीवन कारावास तथा 14 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजीसी राजू सिंह ने बताया कि अदालत ने वारदात में नामजद हरी सिंह के बेटे राजू सिंह को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। पिता-पत्र वारदात के बाद से ही जेल में हैं। अदालत के निर्णय के बाद जेल भेज दिया गया।

दोष मुक्त हुए राज कुमार को जेल से रिहा कर दिया जाएगा। हरी सिंह को शक था कि मां चंद्रवती अपनी बेटी रामश्री के नाम समस्त पैतृक संपत्ति कर देगी। जिसके चलते हरी सिंह ने मां की हत्या कर दी।

विस्तार

मथुरा में मां के हत्यारे पुत्र को एडीजे प्रथम हरेंद्र प्रसाद की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्या की वारदात वर्ष 2016 में महावन के गांव सांवलिया में हुई थी। बेटे ने मां की पैतृक संपत्ति के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी थी। अदालत ने नाती को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया।

29 जनवरी 2016 को महावन के गांव सांवलिया निवासी स्वर्गीय किशनी की पत्नी चंदो उर्फ चंद्रवती अपने घर पर मौजूद थीं। उस समय उसकी बेटी रामश्री और उसके छोटे बच्चे भी साथ थे। चंदो बाथरूम में जा रही थी कि अचानक उसका बेटा हरी सिंह आया और मां पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से चंदो वहीं गिर गई और मौत हो गई।

बेटी ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट 

शोरशराबा सुनकर गांव के अन्य लोग भी वहां आ गए और हरी सिंह मौके से भाग गया। बेटी रामश्री ने हरी सिंह तथा उसके बेटे राजकुमार के खिलाफ महावन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। वारदात के बाद से ही पुलिस ने हरी सिंह और उसके बेटे राज कुमार को जेल भेज दिया। केस की सुनवाई एडीजे प्रथम की अदालत में हुई।



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