इंस्टेंट लोन के लालच में फंस रहे लोग, कई को गंवानी पड़ी जान


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बिना केवायसी और दस्तावेज सत्यापन के लोन देने वाले मोबाइल एप एक के बाद एक लोगों की सांसे छीन रहे हैं। ये एप पहले तो बिना किसी शर्त के लोन देने का वादा करते हैं, और जैसे ही कोई इनके झांसे में आकर एप डाउनलोड कर लेता है। ये एप उनकी जानकारी के बिना उनके मोबाइल से कॉन्टैक्ट डिटेल, मैसेज और गैलरी तक की जानकारी की स्वीकृति ले लेते हैं। बाद में ये एप लोन पर भारी ब्याज लगाकर कई गुना अधिक पैसे वसूलते हैं। पैसा नहीं देने पर उनके कॉन्टेक्ट डिटेल, मैसेज और पर्सनल डाटा का गलत इस्तेमाल करने की धमकी देते हैं। ये एप पैसों की वसूली के लिए इस हद तक ब्लैकमेल करते हैं कि कई बार लोग मजबूरी में सुसाइड कर लेते हैं। हाल ही में मप्र के इंदौर जिले में एक पूरे परिवार को इन एप की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी है। 

ऐसे फंस जाते हैं लोग 
इन एप के झांसे में जरूरतमंद लोग सबसे पहले आते हैं। ये एप बिना किसी कागजी कार्रवाई और बिना केवायसी के लोन देने का ऑफर देते हैं। ऐसे में लोगों को इन एप से लोन लेना सबसे आसान और फास्ट प्रोसेस लगती है, यहीं लोग इनका शिकार हो जाते हैं। इसके बाद ये एप लोन तो देते हैं पर फिर जुर्माने के नाम पर ब्याज पर ब्याज लगाना शुरू कर देते हैं और गुना पैसे वसूल लेते हैं।

देश में सक्रिय हैं कई लोन एप गैंग
आरबीआई की एक जांच रिपोर्ट के अनुसार देशभर में हजारों लोन एप संचालित हैं। इनमें से लगभग 1050 लोन एप ऐसे हैं जिन्हें  अधिकतर चीन से संचालित किया जा रहा है। इन एप में से 600 एप अवैध तरीके से संचालित हैं। सिर्फ कुछ ही लोन एप ऐसे हैं, जिनके सही एड्रेस के बारे में जानकारी उपलब्ध है।

कई लोगों ने गंवाई जान  
हाल ही में मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में लोन एप की ब्लैकमेलिंग की वजह से पूरे परिवार ने आत्महत्या कर ली है। मृतकों में पति-पत्नी सहित दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। सुसाइड नोट में इस बात का खुलासा हुआ कि मृतक अमित ने एक मोबाइल एप कंपनी से कर्ज लिया था, जिसे वह चुका नहीं पा रहा था। कंपनी के ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर उसने पत्नी और बच्चों को जहर खिलाकर खुद भी फांसी लगा ली। इससे पहले भी कई लोगों ने इस कंपनियों के जाल में फंसकर अपनी जान गंवाई है। थोड़े दिन पहले ही बैंगलुरु के एक बैंक कर्मचारी ने इन लोन एप की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर सुसाइड की थी। 

ऐसे रहें सावधान

  • इंस्टेंट लोन के लालच में न आएं और इन एप के इस्तेमाल से बचें। ये एप आपकी पर्सनल जानकारी भी चुरा सकती हैं। 
  • किसी भी तुरंत लोन देने वाली एप कंपनी पर भरोसा न करें। ऐसे किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले उस एप की विश्वसनीयता की जांच जरूर कर लें।
  • इन एप को इस्तेमाल करने से पहले इनकी सुरक्षा संबंधी सभी पेरामीटर को ध्यान से पढ़े और इन एप को स्टोरेज और कॉन्टैक्ट को एक्सेस करने की अनुमति न दें।
  • इन एप पर अपने किसी भी डॉक्यूमेंट्स और निजी जानकारी को अपलोड न करें। 
  • इन एप पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी जैसे बैंक अकाउंट, एटीएम और यूपीआई की जानकारी को शेयर न करें।
     

विस्तार

बिना केवायसी और दस्तावेज सत्यापन के लोन देने वाले मोबाइल एप एक के बाद एक लोगों की सांसे छीन रहे हैं। ये एप पहले तो बिना किसी शर्त के लोन देने का वादा करते हैं, और जैसे ही कोई इनके झांसे में आकर एप डाउनलोड कर लेता है। ये एप उनकी जानकारी के बिना उनके मोबाइल से कॉन्टैक्ट डिटेल, मैसेज और गैलरी तक की जानकारी की स्वीकृति ले लेते हैं। बाद में ये एप लोन पर भारी ब्याज लगाकर कई गुना अधिक पैसे वसूलते हैं। पैसा नहीं देने पर उनके कॉन्टेक्ट डिटेल, मैसेज और पर्सनल डाटा का गलत इस्तेमाल करने की धमकी देते हैं। ये एप पैसों की वसूली के लिए इस हद तक ब्लैकमेल करते हैं कि कई बार लोग मजबूरी में सुसाइड कर लेते हैं। हाल ही में मप्र के इंदौर जिले में एक पूरे परिवार को इन एप की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी है। 

ऐसे फंस जाते हैं लोग 

इन एप के झांसे में जरूरतमंद लोग सबसे पहले आते हैं। ये एप बिना किसी कागजी कार्रवाई और बिना केवायसी के लोन देने का ऑफर देते हैं। ऐसे में लोगों को इन एप से लोन लेना सबसे आसान और फास्ट प्रोसेस लगती है, यहीं लोग इनका शिकार हो जाते हैं। इसके बाद ये एप लोन तो देते हैं पर फिर जुर्माने के नाम पर ब्याज पर ब्याज लगाना शुरू कर देते हैं और गुना पैसे वसूल लेते हैं।

देश में सक्रिय हैं कई लोन एप गैंग

आरबीआई की एक जांच रिपोर्ट के अनुसार देशभर में हजारों लोन एप संचालित हैं। इनमें से लगभग 1050 लोन एप ऐसे हैं जिन्हें  अधिकतर चीन से संचालित किया जा रहा है। इन एप में से 600 एप अवैध तरीके से संचालित हैं। सिर्फ कुछ ही लोन एप ऐसे हैं, जिनके सही एड्रेस के बारे में जानकारी उपलब्ध है।

कई लोगों ने गंवाई जान  

हाल ही में मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में लोन एप की ब्लैकमेलिंग की वजह से पूरे परिवार ने आत्महत्या कर ली है। मृतकों में पति-पत्नी सहित दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। सुसाइड नोट में इस बात का खुलासा हुआ कि मृतक अमित ने एक मोबाइल एप कंपनी से कर्ज लिया था, जिसे वह चुका नहीं पा रहा था। कंपनी के ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर उसने पत्नी और बच्चों को जहर खिलाकर खुद भी फांसी लगा ली। इससे पहले भी कई लोगों ने इस कंपनियों के जाल में फंसकर अपनी जान गंवाई है। थोड़े दिन पहले ही बैंगलुरु के एक बैंक कर्मचारी ने इन लोन एप की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर सुसाइड की थी। 

ऐसे रहें सावधान

  • इंस्टेंट लोन के लालच में न आएं और इन एप के इस्तेमाल से बचें। ये एप आपकी पर्सनल जानकारी भी चुरा सकती हैं। 
  • किसी भी तुरंत लोन देने वाली एप कंपनी पर भरोसा न करें। ऐसे किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले उस एप की विश्वसनीयता की जांच जरूर कर लें।
  • इन एप को इस्तेमाल करने से पहले इनकी सुरक्षा संबंधी सभी पेरामीटर को ध्यान से पढ़े और इन एप को स्टोरेज और कॉन्टैक्ट को एक्सेस करने की अनुमति न दें।
  • इन एप पर अपने किसी भी डॉक्यूमेंट्स और निजी जानकारी को अपलोड न करें। 
  • इन एप पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी जैसे बैंक अकाउंट, एटीएम और यूपीआई की जानकारी को शेयर न करें।

     



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