एयरलाइन को कस्टम के साथ साझा करनी होगी हवाई यात्रियों की पीएनआर डिटेल्स, नोटिफिकेशन जारी


ख़बर सुनें

भारतीय एयरलाइन कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के उड़ान भरने के 24 घंटे के भीतर यात्रियों की पीएनआर डिटेल्स कस्टम अथॉरिटीज के साथ शेयर करनी पड़ेगी। इस संबंध में सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिए गए है। माना जा रहा है सरकार की ओर से यह कदम देश में कानून तोड़कर देश छोड़कर जाने वालों को रोकने के लिए लिया गया है। 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टेक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) ने इस बारे में (जो वित्त मंत्रालय के अधीन काम करता है) 8 अगस्त को ‘Passenger Name Record Information Regulations, 2022 के नाम से नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

इसके बाद अब एयरलाइन कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों 24 घंटों पहले एयरलाइन कंपनियों को कस्टम अथॉरिटीज के साथ यात्रियों के नाम, संपर्क विवरण और भुगतान की विवरणी साझा करनी होगी। इस कदम से सुरक्षा एजेंसियां को आर्थिक कानूनों का उल्लंघन कर देश से भागने वालों और स्मगलिंग में शामिल लोगों पर दबिश बनाने में मदद मिलेगी। 

बता दें कि सरकार के इस फैसले से भारत उन 60 देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है जहां सुरक्षा एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के पहले यात्रियों की पीएनआर डिटेल्स कलेक्ट करती है। बता दें कि वर्ष 2017 के बजट के दौरान सरकार ने एयरलाइन कंपनियों के पीएनआर डिटेल्स शेयर करने की चर्चा की थी पर इसे अमलीजामा जाम नोटिफिकेशन के जारी होने के बाद ही पहनाया जा सका है।

विस्तार

भारतीय एयरलाइन कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के उड़ान भरने के 24 घंटे के भीतर यात्रियों की पीएनआर डिटेल्स कस्टम अथॉरिटीज के साथ शेयर करनी पड़ेगी। इस संबंध में सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिए गए है। माना जा रहा है सरकार की ओर से यह कदम देश में कानून तोड़कर देश छोड़कर जाने वालों को रोकने के लिए लिया गया है। 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टेक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) ने इस बारे में (जो वित्त मंत्रालय के अधीन काम करता है) 8 अगस्त को ‘Passenger Name Record Information Regulations, 2022 के नाम से नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

इसके बाद अब एयरलाइन कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों 24 घंटों पहले एयरलाइन कंपनियों को कस्टम अथॉरिटीज के साथ यात्रियों के नाम, संपर्क विवरण और भुगतान की विवरणी साझा करनी होगी। इस कदम से सुरक्षा एजेंसियां को आर्थिक कानूनों का उल्लंघन कर देश से भागने वालों और स्मगलिंग में शामिल लोगों पर दबिश बनाने में मदद मिलेगी। 

बता दें कि सरकार के इस फैसले से भारत उन 60 देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है जहां सुरक्षा एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के पहले यात्रियों की पीएनआर डिटेल्स कलेक्ट करती है। बता दें कि वर्ष 2017 के बजट के दौरान सरकार ने एयरलाइन कंपनियों के पीएनआर डिटेल्स शेयर करने की चर्चा की थी पर इसे अमलीजामा जाम नोटिफिकेशन के जारी होने के बाद ही पहनाया जा सका है।



Source link