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गांव तक नहीं पक्की सड़क, चार मरीजों की गई जान

ByNews Desk

Aug 8, 2022


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राठ (हमीरपुर)। सरीला ब्लॉक के जमौड़ी डांडा गांव तक पक्की सड़क न होने से बारिश के इसी सीजन में गंभीर बीमार चार ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। कीचड़ के कारण गांव तक एंबुलेंस, कार और बाइक नहीं पहुंच पाती है। सरकारी स्कूल के शिक्षकों को भी आधे रास्ते पर बाइक खड़ी करनी पड़ती है। हद तो ये है कि गांव तक पक्की सड़क न होने की जानकारी जिला प्रशासन को नहीं है।
तीन हजार आबादी वाले जमौड़ी गांव से नौ किलोमीटर चलने पर चंडौत मार्ग झबड़ा मोड़ पर पक्की सड़क मिलती है। ग्रामीण प्रदीप निषाद, लालाराम, विजय कुमार, चंद्रशेखर, सूरज आदि ने बताया बहुत पहले चार किलोमीटर रास्ते पर गिट्टी डाली थी। पांच किलोमीटर मार्ग पूरी तरह से कच्चा है। बारिश में पूरे रास्ते में कीचड़ हो गया है। कारेलाल, हरिकिशन ने बताया कि चालक कीचड़ के कारण एंबुलेंस झबड़ा से आगे नहीं लाते हैं। कीचड़ के कारण बाइक और कार-जीप भी नहीं निकल पाती हैं। धर्मेंद्र कुमार और जयपाल ने बताया कि हालत बिगड़ने पर तुलसिया, रामदास, मनोज कुमार और महेश को अलग-अलग दिनों में ट्रैक्टर ट्रॉली से ले जाया जा रहा था। ट्रैक्टर ट्रॉली कीचड़ में फंसने ने चारों लोगों की मौत हो गई थी। परिषदीय विद्यालय के शिक्षक बाइक रास्ते में खड़ी कर पैदल आते हैं। ग्राम प्रधान हरिनारायण ने कहा जनप्रतिनिधि चुनाव के वक्त आश्वासन देकर चले जाते हैं। मार्ग निर्माण के लिए अभी तक किसी ने सुध नहीं ली।
वर्जन
गांव तक पक्की सड़क न होने की जानकारी नहीं हैं। अगर सड़क नहीं बनी है तो इस संबंध में पीडब्लूडी के अधिकारियों से बात कर ग्रामीणों की समस्या को दूर किया जाएगा।
रमेश चंद्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व

राठ (हमीरपुर)। सरीला ब्लॉक के जमौड़ी डांडा गांव तक पक्की सड़क न होने से बारिश के इसी सीजन में गंभीर बीमार चार ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। कीचड़ के कारण गांव तक एंबुलेंस, कार और बाइक नहीं पहुंच पाती है। सरकारी स्कूल के शिक्षकों को भी आधे रास्ते पर बाइक खड़ी करनी पड़ती है। हद तो ये है कि गांव तक पक्की सड़क न होने की जानकारी जिला प्रशासन को नहीं है।

तीन हजार आबादी वाले जमौड़ी गांव से नौ किलोमीटर चलने पर चंडौत मार्ग झबड़ा मोड़ पर पक्की सड़क मिलती है। ग्रामीण प्रदीप निषाद, लालाराम, विजय कुमार, चंद्रशेखर, सूरज आदि ने बताया बहुत पहले चार किलोमीटर रास्ते पर गिट्टी डाली थी। पांच किलोमीटर मार्ग पूरी तरह से कच्चा है। बारिश में पूरे रास्ते में कीचड़ हो गया है। कारेलाल, हरिकिशन ने बताया कि चालक कीचड़ के कारण एंबुलेंस झबड़ा से आगे नहीं लाते हैं। कीचड़ के कारण बाइक और कार-जीप भी नहीं निकल पाती हैं। धर्मेंद्र कुमार और जयपाल ने बताया कि हालत बिगड़ने पर तुलसिया, रामदास, मनोज कुमार और महेश को अलग-अलग दिनों में ट्रैक्टर ट्रॉली से ले जाया जा रहा था। ट्रैक्टर ट्रॉली कीचड़ में फंसने ने चारों लोगों की मौत हो गई थी। परिषदीय विद्यालय के शिक्षक बाइक रास्ते में खड़ी कर पैदल आते हैं। ग्राम प्रधान हरिनारायण ने कहा जनप्रतिनिधि चुनाव के वक्त आश्वासन देकर चले जाते हैं। मार्ग निर्माण के लिए अभी तक किसी ने सुध नहीं ली।

वर्जन

गांव तक पक्की सड़क न होने की जानकारी नहीं हैं। अगर सड़क नहीं बनी है तो इस संबंध में पीडब्लूडी के अधिकारियों से बात कर ग्रामीणों की समस्या को दूर किया जाएगा।

रमेश चंद्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व



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