बारिश और बाढ़ से तबाह हुआ पाकिस्तान, अब सरकार को विदेशी मदद से आस


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जिस समय पाकिस्तान में आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती जा रही है, देश में बारिश और बाढ़ ने भी जबरदस्त तबाही मचा दी है। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत मदद देने की गुजारिश की है। शरीफ सरकार ने कहा है कि पाकिस्तान जलवायु परिवर्तन के दक्षिण एशिया में हो रहे विनाशकारी असर से प्रभावित हुआ है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उसकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। 

तेज बारिश और बाढ़ से खास तबाही सिंध, बलूचिस्तान और पंजाब प्रांतों में हुई है। वैसे खैबर पख्तूनवा में भी कई मौतें होने की खबर मिली है। गुरुवार सुबह सरकारी तौर पर बताया गया कि इस आपदा के कारण नौ सौ से ज्यादा लोग मर चुके हैं। इसके अलावा खेती और पशुओं को भारी नुकसान हुआ है। सैकड़ों घर और सड़कें बह गई हैं। जिस समय देश पहले से ही आर्थिक मुसीबत में है, यह नुकसान उस पर एक अतिरिक्त मार के रूप में आई है। 

पाकिस्तान की जलवायु परिवर्तन मामलों की मंत्री शेरी रहमान ने कहा है- ‘रिकॉर्ड मात्रा में हुई बारिश के कारण ऐसी तबाही आई है, जैसा युगों में कभी एक बार देखने को मिलता है।’ उधर मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में असामान्य रूप से जोरदार बारिश का सिलसिला बीते एक महीने से चल रहा है। लेकिन पिछले तीन दिन में हालात बहुत बिगड़ गए हैं। 

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सिर्फ बलूचिस्तान प्रांत में 710 किलोमीटर सड़क और 18 पुल पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। लगभग 20 हजार घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस प्रांत में लगभग 225 लोगों और पांच लाख से अधिक पशुओं की जान जाने की भी खबर है। अन्य प्रांतों से भी ऐसी खबरें मिली हैँ।

शेरी रहमान ने एक विदेश न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा- ‘प्रांतों की बात तो दूर है, पाकिस्तान की संघीय सरकार भी इस जलवायु विनाश के परिणामों का अकेले मुकाबला कर सकने की स्थिति में नहीं है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं और सैकड़ों लोगों की जान खतरे में हैं। ऐसे में यह महत्त्वपूर्ण हो गया है कि विदेशों में स्थित हमारे पार्टनर सहायता इकट्ठा करें।’

पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक- स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने एक सर्कुलर जारी कर सभी कॉमर्शियल बैंकों को निर्देश दिया है कि वे बाढ़ पीड़ितों के लिए अनुदान इकट्ठा करें। पाकिस्तान सरकार ने भी देश के लोगों से उदारता से प्रधानमंत्री राहत कोष में दान देने की अपील की है। इसके लिए सरकार ने एक अलग के खाता भी खोला है। इसमें विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानी भी अनुदान भेज सकते हैं। 

पाकिस्तान के अलग-अलग प्रांतों की सरकारों ने भी अनुदान जुटाने की मुहिम शुरू की है। सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री ने सभी परोपकारी और कल्याणकारी संस्थाओं से इस काम में जुटने की गुजारिश की है। पाकिस्तान सरकार ने देश-विदेश की संस्थाओं से टेंट, मच्छरदानी, बिस्तर, खाद्य पदार्थ, दवाएं और अन्य जरूरी सामान की मदद देने की अपील की है।

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जिस समय पाकिस्तान में आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती जा रही है, देश में बारिश और बाढ़ ने भी जबरदस्त तबाही मचा दी है। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत मदद देने की गुजारिश की है। शरीफ सरकार ने कहा है कि पाकिस्तान जलवायु परिवर्तन के दक्षिण एशिया में हो रहे विनाशकारी असर से प्रभावित हुआ है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उसकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। 

तेज बारिश और बाढ़ से खास तबाही सिंध, बलूचिस्तान और पंजाब प्रांतों में हुई है। वैसे खैबर पख्तूनवा में भी कई मौतें होने की खबर मिली है। गुरुवार सुबह सरकारी तौर पर बताया गया कि इस आपदा के कारण नौ सौ से ज्यादा लोग मर चुके हैं। इसके अलावा खेती और पशुओं को भारी नुकसान हुआ है। सैकड़ों घर और सड़कें बह गई हैं। जिस समय देश पहले से ही आर्थिक मुसीबत में है, यह नुकसान उस पर एक अतिरिक्त मार के रूप में आई है। 

पाकिस्तान की जलवायु परिवर्तन मामलों की मंत्री शेरी रहमान ने कहा है- ‘रिकॉर्ड मात्रा में हुई बारिश के कारण ऐसी तबाही आई है, जैसा युगों में कभी एक बार देखने को मिलता है।’ उधर मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में असामान्य रूप से जोरदार बारिश का सिलसिला बीते एक महीने से चल रहा है। लेकिन पिछले तीन दिन में हालात बहुत बिगड़ गए हैं। 

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सिर्फ बलूचिस्तान प्रांत में 710 किलोमीटर सड़क और 18 पुल पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। लगभग 20 हजार घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस प्रांत में लगभग 225 लोगों और पांच लाख से अधिक पशुओं की जान जाने की भी खबर है। अन्य प्रांतों से भी ऐसी खबरें मिली हैँ।

शेरी रहमान ने एक विदेश न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा- ‘प्रांतों की बात तो दूर है, पाकिस्तान की संघीय सरकार भी इस जलवायु विनाश के परिणामों का अकेले मुकाबला कर सकने की स्थिति में नहीं है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं और सैकड़ों लोगों की जान खतरे में हैं। ऐसे में यह महत्त्वपूर्ण हो गया है कि विदेशों में स्थित हमारे पार्टनर सहायता इकट्ठा करें।’

पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक- स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने एक सर्कुलर जारी कर सभी कॉमर्शियल बैंकों को निर्देश दिया है कि वे बाढ़ पीड़ितों के लिए अनुदान इकट्ठा करें। पाकिस्तान सरकार ने भी देश के लोगों से उदारता से प्रधानमंत्री राहत कोष में दान देने की अपील की है। इसके लिए सरकार ने एक अलग के खाता भी खोला है। इसमें विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानी भी अनुदान भेज सकते हैं। 

पाकिस्तान के अलग-अलग प्रांतों की सरकारों ने भी अनुदान जुटाने की मुहिम शुरू की है। सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री ने सभी परोपकारी और कल्याणकारी संस्थाओं से इस काम में जुटने की गुजारिश की है। पाकिस्तान सरकार ने देश-विदेश की संस्थाओं से टेंट, मच्छरदानी, बिस्तर, खाद्य पदार्थ, दवाएं और अन्य जरूरी सामान की मदद देने की अपील की है।



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