इमरान पर शिकंजा कसने की शरीफ सरकार की कोशिश से पाकिस्तान में बढ़ा टकराव


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पाकिस्तान सरकार पर अब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का दमन शुरू करने का आरोप लग रहा है। इमरान खान ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से एक पहले यानी 13 अगस्त अपनी ताकत दिखाने का कार्यक्रम घोषित किया है। पहले ये कार्यक्रम इस्लामाबाद में होना था, लेकिन इजाजत न मिलने के कारण अब इसे लाहौर में किया जाएगा।

इसी बीच पीटीआई के एक वरिष्ठ नेता को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। ये चर्चा जोरों पर है कि 13 अगस्त के कार्यक्रम से पहले इमरान खान को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। बुधवार को ये खबर भी आई कि टीवी चैनल एआरवाई पर पुलिस ने छापा मारा है। इस चैनल को पीटीआई का समर्थन माना जाता है।

पीटीआई के नेता शहबाज गिल को बुधवार को सेशन कोर्ट के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। सरकार ने मंगलवार शाम को ही ये पुष्टि कर दी थी कि गिल पर देशद्रोह और राजकीय संस्थानों के खिलाफ लोगों को उकसाने के आरोप में मुकदमा किया गया है। पीटीआई का आरोप है कि गिल को अज्ञात लोगों ने अगवा कर लिया। काफी समय तक इस मामले में असमंजस रहने के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की खबर दी।

बुधवार को सुनवाई के दौरान पुलिस ने पत्रकारों को अदालत में नहीं घुसने दिया। पुलिस ने दावा किया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश दिया है। गिल को इस्लामाबाद के सेशन कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने उन्हें 14 दिन के पुलिस रिमांड में देने की अर्जी दी। लेकिन मजिस्ट्रेट ने दो के लिए ही रिमांड में भेजा है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट के बाहर पीटीआई कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी थी। रिमांड के बारे में मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद गिल ने कुछ देर के लिए पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा- ‘यह एक सियासी मुकदमा है। मेरे बयानों में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे मुझे शर्मिंदा होना पड़े। मैंने बयान सेना के प्रति अपने लगाव की वजह से दिए। इसके पीछे मकसद किसी को भड़काना नहीं था। मैंने सिर्फ उन अफसरों के खिलाफ अपनी बात कही है, जो भ्रष्ट हैं।’

इस बीच पीटीआई के सहयोगी दल अवामी मुस्लिम लीग के नेता शेख रशीद ने चेतावनी दी है कि सरकार इमरान खान को गिरफ्तार करने की जुर्रत ना करे, वरना देश में खूनी सियासत शुरू हो जाएगी। रशीद पूर्व इमरान खान सरकार में गृह मंत्री थे। उन्होंने कहा- ‘देश में छीना-छपटी और आत्मघाती हमले शुरू हो चुके हैं। अफगानिस्तान में अस्थिरता से भी पाकिस्तान में असर पड़ेगा।’

रशीद ने यह बयान इस खबर के बाद दिया कि पाकिस्तान सरकार ने प्रतिबंधित उपहार स्वीकार करने के मामले में इमरान खान के खिलाफ याचिका दायर कर दी है। उधर प्रतिबंधित स्रोतों से चंदा लेने के मामले में पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने पीटीआई के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक शहबाज शरीफ सरकार इमरान खान पर शिकंजा कसने की कोशिश में है। लेकिन इससे देश में टकराव का माहौल और गहरा रहा है।

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पाकिस्तान सरकार पर अब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का दमन शुरू करने का आरोप लग रहा है। इमरान खान ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से एक पहले यानी 13 अगस्त अपनी ताकत दिखाने का कार्यक्रम घोषित किया है। पहले ये कार्यक्रम इस्लामाबाद में होना था, लेकिन इजाजत न मिलने के कारण अब इसे लाहौर में किया जाएगा।

इसी बीच पीटीआई के एक वरिष्ठ नेता को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। ये चर्चा जोरों पर है कि 13 अगस्त के कार्यक्रम से पहले इमरान खान को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। बुधवार को ये खबर भी आई कि टीवी चैनल एआरवाई पर पुलिस ने छापा मारा है। इस चैनल को पीटीआई का समर्थन माना जाता है।

पीटीआई के नेता शहबाज गिल को बुधवार को सेशन कोर्ट के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। सरकार ने मंगलवार शाम को ही ये पुष्टि कर दी थी कि गिल पर देशद्रोह और राजकीय संस्थानों के खिलाफ लोगों को उकसाने के आरोप में मुकदमा किया गया है। पीटीआई का आरोप है कि गिल को अज्ञात लोगों ने अगवा कर लिया। काफी समय तक इस मामले में असमंजस रहने के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की खबर दी।

बुधवार को सुनवाई के दौरान पुलिस ने पत्रकारों को अदालत में नहीं घुसने दिया। पुलिस ने दावा किया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश दिया है। गिल को इस्लामाबाद के सेशन कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने उन्हें 14 दिन के पुलिस रिमांड में देने की अर्जी दी। लेकिन मजिस्ट्रेट ने दो के लिए ही रिमांड में भेजा है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट के बाहर पीटीआई कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी थी। रिमांड के बारे में मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद गिल ने कुछ देर के लिए पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा- ‘यह एक सियासी मुकदमा है। मेरे बयानों में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे मुझे शर्मिंदा होना पड़े। मैंने बयान सेना के प्रति अपने लगाव की वजह से दिए। इसके पीछे मकसद किसी को भड़काना नहीं था। मैंने सिर्फ उन अफसरों के खिलाफ अपनी बात कही है, जो भ्रष्ट हैं।’

इस बीच पीटीआई के सहयोगी दल अवामी मुस्लिम लीग के नेता शेख रशीद ने चेतावनी दी है कि सरकार इमरान खान को गिरफ्तार करने की जुर्रत ना करे, वरना देश में खूनी सियासत शुरू हो जाएगी। रशीद पूर्व इमरान खान सरकार में गृह मंत्री थे। उन्होंने कहा- ‘देश में छीना-छपटी और आत्मघाती हमले शुरू हो चुके हैं। अफगानिस्तान में अस्थिरता से भी पाकिस्तान में असर पड़ेगा।’

रशीद ने यह बयान इस खबर के बाद दिया कि पाकिस्तान सरकार ने प्रतिबंधित उपहार स्वीकार करने के मामले में इमरान खान के खिलाफ याचिका दायर कर दी है। उधर प्रतिबंधित स्रोतों से चंदा लेने के मामले में पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने पीटीआई के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक शहबाज शरीफ सरकार इमरान खान पर शिकंजा कसने की कोशिश में है। लेकिन इससे देश में टकराव का माहौल और गहरा रहा है।



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