दिल्ली में ‘तिरंगा बनाम तिरंगा’ की राजनीति, राष्ट्रवाद पर कोई भी नहीं दिखना चाहता कमजोर


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दिल्ली में ‘तिरंगा बनाम तिरंगा’ की राजनीति जोर पकड़ चुकी है। भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ चला रही है। दिल्ली में भी वह 25 लाख तिरंगा बांटने की योजना बना चुकी है। इसके जरिए वह राजधानी के हर परिवार तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पार्टी कार्यालय से लेकर सभी सांगठनिक 14 जिलों और 272 मंडलों में ‘तिरंगा बूथ’ बनाकर लोगों तक राष्ट्रध्वज पहुंचाने की कोशिश कर रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी भी राष्ट्रवाद के मामले में किसी तरह कमजोर नहीं दिखना चाहती, लिहाजा उसने भी आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर बड़ा आयोजन करने का प्लान बना लिया है। इसके लिए सरकारी स्कूलों के बच्चों को तिरंगा देकर बढ़त लेने की कोशिश हो रही है।

बीजेपी ने अभियान के लिए विशेष तिरंगों का निर्माण कराया है। हर तिरंगे की कीमत करीब 27 रूपये आ रही है, लेकिन लोगों के बीच बांटने के लिए इसे केवल दस रूपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन पार्टी नेता-कार्यकर्ता इसे स्वयं खरीदकर लोगों तक पहुंचा रहे हैं, इसलिए आम लोगों के लिए यह निःशुल्क उपलब्ध हो रहा है। बीजेपी कार्यकर्ता लोगों को तिरंगा देते हुए आम नागरिकों से इसे अपने घरों पर 13-15 अगस्त के बीच लहराने की अपील कर रहे हैं। इसके जरिए पूरी दिल्ली में एक माहौल तैयार करने की कोशिश हो रही है।

पार्टी ने 6 अगस्त को प्रदेश के स्तर पर तिरंगा बाइक रैली का आयोजन भी किया था। इसके बाद अब यह मंडल के स्तरों पर निकाली जा रही है। पार्टी इसके जरिए मंडल स्तरीय नेताओं को उनके नजदीकी हर परिवार तक पहुंचने की जिम्मेदारी दे चुकी है।

दिल्ली सरकार का प्लान
वहीं, दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार राजधानी के बच्चों के माध्यम से 25 लाख तिरंगे हर घर तक पहुंचाने का दावा कर चुकी है। 14 अगस्त को मुख्यमंत्री ने पूरी दिल्ली से स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। पार्टी इसके पहले ही राजधानी के 500 जगहों पर बड़े तिरंगे लगाने की योजना को पूर्ण करने का दावा भी कर चुकी है। पार्टी दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार अभियान के नाम पर भी तिरंगा यात्रा निकालती रही है। इस प्रकार केजरीवाल दावा करना चाहते हैं कि राष्ट्रवाद के नाम पर उनकी दावेदारी भी नरेंद्र मोदी से कमजोर नहीं है।  

बीजेपी-आप के तिरंगा अभियान में ‘जगाने और दिखाने’ का अंतर
दिल्ली भाजपा के महामंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अमर उजाला को बताया कि पार्टी की योजना है कि 13 अगस्त के पहले राजधानी के हर परिवार तक कम से कम एक-एक तिरंगा अवश्य पहुंच जाए, जिससे वह  13-15 अगस्त के ‘हर घर तिरंगा अभियान’ में अपनी भूमिका निभा सके। इसके लिए प्रदेश के मुख्यालय, जिला कार्यालयों से लेकर मंडल स्तर तक के कार्यालयों पर तिरंगे पहुंचाए जा चुके हैं। पार्टी के नेता-कार्यकर्ता इसे वहां से लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के हर घर तक पहुंचा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के तिरंगा अभियान पर सवाल करने पर हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल का हर कार्य केवल दिखावे और प्रचार के लिए होता है। वे तिरंगा अभियान में केवल इसलिए शामिल हुए क्योंकि उन्हें लग रहा था कि यदि वे इसमें शामिल नहीं होते हैं, तो इसमें वे पिछड़ जाएंगे। यही कारण है कि वे भारी भरकम पैसा खर्च कर तिरंगा अभियान के नाम पर केवल प्रचार कर रहे हैं। इस प्रकार उनका तिरंगा अभियान केवल दिखाने की कार्रवाई है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे तिरंगा अभियान का उद्देश्य देश के युवाओं में राष्ट्रभक्ति का जज्बा मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी स्वच्छता, हर घर शौचालय, हर घर जल, प्लास्टिक से मुक्ति और योग दिवस जैसे बेहद सामान्य से दिखने वाले कार्य को भी एक अभियान बना देते हैं। इनका उद्देश्य प्रचार पाना नहीं, बल्कि जनता के बीच जागरूता पैदा करना होता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए वे समाज के हर तबके, हर परिवार से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी कोशिश है कि कोई भी परिवार उनकी पहुंच से बाहर न रहे।

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दिल्ली में ‘तिरंगा बनाम तिरंगा’ की राजनीति जोर पकड़ चुकी है। भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ चला रही है। दिल्ली में भी वह 25 लाख तिरंगा बांटने की योजना बना चुकी है। इसके जरिए वह राजधानी के हर परिवार तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पार्टी कार्यालय से लेकर सभी सांगठनिक 14 जिलों और 272 मंडलों में ‘तिरंगा बूथ’ बनाकर लोगों तक राष्ट्रध्वज पहुंचाने की कोशिश कर रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी भी राष्ट्रवाद के मामले में किसी तरह कमजोर नहीं दिखना चाहती, लिहाजा उसने भी आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर बड़ा आयोजन करने का प्लान बना लिया है। इसके लिए सरकारी स्कूलों के बच्चों को तिरंगा देकर बढ़त लेने की कोशिश हो रही है।

बीजेपी ने अभियान के लिए विशेष तिरंगों का निर्माण कराया है। हर तिरंगे की कीमत करीब 27 रूपये आ रही है, लेकिन लोगों के बीच बांटने के लिए इसे केवल दस रूपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन पार्टी नेता-कार्यकर्ता इसे स्वयं खरीदकर लोगों तक पहुंचा रहे हैं, इसलिए आम लोगों के लिए यह निःशुल्क उपलब्ध हो रहा है। बीजेपी कार्यकर्ता लोगों को तिरंगा देते हुए आम नागरिकों से इसे अपने घरों पर 13-15 अगस्त के बीच लहराने की अपील कर रहे हैं। इसके जरिए पूरी दिल्ली में एक माहौल तैयार करने की कोशिश हो रही है।

पार्टी ने 6 अगस्त को प्रदेश के स्तर पर तिरंगा बाइक रैली का आयोजन भी किया था। इसके बाद अब यह मंडल के स्तरों पर निकाली जा रही है। पार्टी इसके जरिए मंडल स्तरीय नेताओं को उनके नजदीकी हर परिवार तक पहुंचने की जिम्मेदारी दे चुकी है।

दिल्ली सरकार का प्लान

वहीं, दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार राजधानी के बच्चों के माध्यम से 25 लाख तिरंगे हर घर तक पहुंचाने का दावा कर चुकी है। 14 अगस्त को मुख्यमंत्री ने पूरी दिल्ली से स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। पार्टी इसके पहले ही राजधानी के 500 जगहों पर बड़े तिरंगे लगाने की योजना को पूर्ण करने का दावा भी कर चुकी है। पार्टी दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार अभियान के नाम पर भी तिरंगा यात्रा निकालती रही है। इस प्रकार केजरीवाल दावा करना चाहते हैं कि राष्ट्रवाद के नाम पर उनकी दावेदारी भी नरेंद्र मोदी से कमजोर नहीं है।  

बीजेपी-आप के तिरंगा अभियान में ‘जगाने और दिखाने’ का अंतर

दिल्ली भाजपा के महामंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अमर उजाला को बताया कि पार्टी की योजना है कि 13 अगस्त के पहले राजधानी के हर परिवार तक कम से कम एक-एक तिरंगा अवश्य पहुंच जाए, जिससे वह  13-15 अगस्त के ‘हर घर तिरंगा अभियान’ में अपनी भूमिका निभा सके। इसके लिए प्रदेश के मुख्यालय, जिला कार्यालयों से लेकर मंडल स्तर तक के कार्यालयों पर तिरंगे पहुंचाए जा चुके हैं। पार्टी के नेता-कार्यकर्ता इसे वहां से लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के हर घर तक पहुंचा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के तिरंगा अभियान पर सवाल करने पर हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल का हर कार्य केवल दिखावे और प्रचार के लिए होता है। वे तिरंगा अभियान में केवल इसलिए शामिल हुए क्योंकि उन्हें लग रहा था कि यदि वे इसमें शामिल नहीं होते हैं, तो इसमें वे पिछड़ जाएंगे। यही कारण है कि वे भारी भरकम पैसा खर्च कर तिरंगा अभियान के नाम पर केवल प्रचार कर रहे हैं। इस प्रकार उनका तिरंगा अभियान केवल दिखाने की कार्रवाई है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे तिरंगा अभियान का उद्देश्य देश के युवाओं में राष्ट्रभक्ति का जज्बा मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी स्वच्छता, हर घर शौचालय, हर घर जल, प्लास्टिक से मुक्ति और योग दिवस जैसे बेहद सामान्य से दिखने वाले कार्य को भी एक अभियान बना देते हैं। इनका उद्देश्य प्रचार पाना नहीं, बल्कि जनता के बीच जागरूता पैदा करना होता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए वे समाज के हर तबके, हर परिवार से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी कोशिश है कि कोई भी परिवार उनकी पहुंच से बाहर न रहे।



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