प्रगानाननंदा ने तीसरी बार विश्व चैंपियन कार्लसन को हराया, क्रिप्टो कप में दूसरे स्थान पर रहे


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भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रगानाननंदा ने एक बार फिर पांच बार के विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हरा दिया है। कार्लसन के खिलाफ यह उनकी तीसरी जीत है। इससे पहले उन्होंने दो ऑनलाइन इवेंट में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी को हराया था। हालांकि, इस जीत के बावजूद प्रगानाननंदा क्रिप्टो कप में दूसरे स्थान पर रहें। नॉर्वे के कार्लसन ने प्रगानाननंदा के खिलाफ टाई ब्रेक में 4-2 की हार के बावजूद पहला स्थान हासिल किया। कार्लसन ने कुल 16 मैच अंक हासिल किए, जबकि प्रगानाननंदा ने 15 मैच अंक हासिल किए। अलिरोजा फिरोउजा ने भी ने 15 मैच अंक हासिल किए, लेकिन वो टूर्नामेंट में पहले प्रगानाननंदा से हार चुके थे। इस वजह से उन्हें तीसरे स्थान के साथ संतोष करना पड़ा। 

17 साल के प्रगानाननंदा और विश्व चैंपियन कार्लसन के मुकाबले में शुरुआती दो गेम ड्रा हुए थे। इसके बाद कार्लसन ने तीसरा गेम जीतकर बढ़त बनाई और प्रगानाननंदा ने चौथा गेम जीतकर मुकाबला टाई ब्रेक में पहुंचा दिया। टाई ब्रेक में उन्होंने शुरुआती दो मैच जीतकर कार्लसन को चौका दिया। वो इसी साल कार्लसन को दो बार हरा चुके हैं। इसके अलावा चेस ओलंपियाड में उन्होंने इंडिया बी टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम योगदान दिया था। 

दो मैच हारने के बाद कार्लसन को हराया
कार्लसन के खिलाफ खेलने से पहले प्रगानाननंदा इसी टूर्नामेंट में दो मुकाबले हार चुके थे। उन्हें रविवार को पोलैंड के जान क्रिजिस्टॉप डूडा ने टाईब्रेक में 4-2 से हराया था। वहीं, शनिवार को चीन के क्वांग लीम ली ने हराया था। इस टूर्नामेंट की इनामी राशि करीब छह लाख रुपये (75 हजार डॉलर) है। 

प्रगानाननंदा के खिलाफ हार के बाद कार्लसन ने कहा कि वो पूरा दिन खराब खेलते रहे, लेकिन अब उन्हें वह ट्रॉफी मिलेगी, जिसके वो हकदार हैं। अंतिम मैच हारने के बावजूद वो पहले स्थान पर रहे और टूर्नामेंट अपने नाम किया। उन्होंने आगे कहा कि हारना कभी भी अच्छा नहीं होता, लेकिन यह बहुत अच्छा समय है। 

विस्तार

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रगानाननंदा ने एक बार फिर पांच बार के विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हरा दिया है। कार्लसन के खिलाफ यह उनकी तीसरी जीत है। इससे पहले उन्होंने दो ऑनलाइन इवेंट में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी को हराया था। हालांकि, इस जीत के बावजूद प्रगानाननंदा क्रिप्टो कप में दूसरे स्थान पर रहें। नॉर्वे के कार्लसन ने प्रगानाननंदा के खिलाफ टाई ब्रेक में 4-2 की हार के बावजूद पहला स्थान हासिल किया। कार्लसन ने कुल 16 मैच अंक हासिल किए, जबकि प्रगानाननंदा ने 15 मैच अंक हासिल किए। अलिरोजा फिरोउजा ने भी ने 15 मैच अंक हासिल किए, लेकिन वो टूर्नामेंट में पहले प्रगानाननंदा से हार चुके थे। इस वजह से उन्हें तीसरे स्थान के साथ संतोष करना पड़ा। 

17 साल के प्रगानाननंदा और विश्व चैंपियन कार्लसन के मुकाबले में शुरुआती दो गेम ड्रा हुए थे। इसके बाद कार्लसन ने तीसरा गेम जीतकर बढ़त बनाई और प्रगानाननंदा ने चौथा गेम जीतकर मुकाबला टाई ब्रेक में पहुंचा दिया। टाई ब्रेक में उन्होंने शुरुआती दो मैच जीतकर कार्लसन को चौका दिया। वो इसी साल कार्लसन को दो बार हरा चुके हैं। इसके अलावा चेस ओलंपियाड में उन्होंने इंडिया बी टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम योगदान दिया था। 

दो मैच हारने के बाद कार्लसन को हराया

कार्लसन के खिलाफ खेलने से पहले प्रगानाननंदा इसी टूर्नामेंट में दो मुकाबले हार चुके थे। उन्हें रविवार को पोलैंड के जान क्रिजिस्टॉप डूडा ने टाईब्रेक में 4-2 से हराया था। वहीं, शनिवार को चीन के क्वांग लीम ली ने हराया था। इस टूर्नामेंट की इनामी राशि करीब छह लाख रुपये (75 हजार डॉलर) है। 

प्रगानाननंदा के खिलाफ हार के बाद कार्लसन ने कहा कि वो पूरा दिन खराब खेलते रहे, लेकिन अब उन्हें वह ट्रॉफी मिलेगी, जिसके वो हकदार हैं। अंतिम मैच हारने के बावजूद वो पहले स्थान पर रहे और टूर्नामेंट अपने नाम किया। उन्होंने आगे कहा कि हारना कभी भी अच्छा नहीं होता, लेकिन यह बहुत अच्छा समय है। 



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