पर्यटन उद्योग पर पड़ी मार से और गंभीर हो गया है यूरोप का आर्थिक संकट


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यूक्रेन युद्ध शुरू हुए छह महीने होने को हैं। यूक्रेन में रूस ने अपनी विशेष सैनिक कार्रवाई इस वर्ष 24 फरवरी को शुरू की थी। उसके बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के सख्त प्रतिबंध लगाए। लेकिन इनकी वजह से यूरोपीय देशों को भी भारी नुकसान हुआ है। असाधारण महंगाई के अलावा अब वहां अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों में मंदी जैसे हालात बन रहे हैं। जो सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, उनमें पर्यटन भी एक है।

खास कर उन यूरोपीय देशों का पर्यटन उद्योग मुश्किल में फंसा है, जिनकी सीमा रूस से मिलती है। फरवरी के बाद से पर्यटकों ने उस क्षेत्र में जाना बेहद कम कर दिया है। पोलैंड के खेल और पर्यटन उपमंत्री आंद्रजेज गुटमोस्तोवी ने बताया है कि बीते मार्च से विदेशी पर्यटकों की आवक में 30 से 40 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। यूरोपियन एयरलाइन जेट-2 ने मार्च में पोलैंड जाने वाली अपनी सभी उड़ाने रद्द कर दी थीं। अब उसने सितंबर में उड़ानों को फिर शुरू करने का एलान किया है। लेकिन तब तक यूरोप में छुट्टियों का सीजन खत्म हो चुका होगा।

यूरोप में पार्टियां आयोजित करने वाली एजेंसी नाइट ऑफ फ्रीडम के मुताबिक इन गर्मियों में पोलैंड जाने पर्यटकों की संख्या 60 फीसदी कम रही। इस एजेंसी के संस्थापक मैट मेविर ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से कहा- ‘हमला शुरू होने के बाद लोगों को सीमा के करीब बम गिरने की खबरें मिलने लगीं। इसका असर हुआ।’

यह असर सिर्फ पोलैंड में ही नहीं दिखा है। हंगरी में फ्रीडम ऑफ नाइट की बुकिंग में इस वर्ष 45 फीसदी की गिरावट देखी गई। लातविया में यह गिरावट 39 फीसदी रही। जिन देशों के पर्यटकों ने हंगरी के लिए हो चुकी बुकिंग को सबसे ज्यादा कैंसिल किया, उनमें अमेरिका पहले नंबर पर है। अमेरिकी पर्यटकों की संख्या में 65 फीसदी गिरावट दर्ज हुई है।

स्लोवाकिया की सीमा यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से से मिलती है। 2019 की तुलना में वहां इस वर्ष आने वाले पर्यटकों की संख्या 49 फीसदी कम रही है। स्लोवाकिया के टूरिस्ट बोर्ड के एक प्रवक्ता ने कहा- ‘ये बताना मुश्किल है कि इनमें से कितने लोग युद्ध के कारण नहीं आए और कितने कोरोना महामारी के कारण।’

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पर्यटकों की संख्या में गिरावट सिर्फ उन देशों में ही दर्ज नहीं हुई है, जिनकी सीमा यूक्रेन से मिलती है। बल्कि एस्तोनिया जैसे देश में भी ये ट्रेंड दिखा है। एस्तोनिया के टूरिस्ट बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक 2022 में 350 क्रूज जहाज की बुकिंग हुई थी। उनमें से आधी बुकिंग कैंसिल करा दी गई। क्रूज सैलानियों के लिए प्रमुख आकर्षण रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग होता है। फिलहाल वहां जाना संभव नहीं है। इसलिए बड़ी संख्या में सैलानियों ने अपना टूर प्रोग्राम ही रद्द कर दिया।

आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक पर्यटन उद्योग पर पड़ी ये मार इसलिए अधिक गंभीर महसूस हो रही है, क्योंकि अर्थव्यवस्था के दूसरे क्षेत्रों में भी फिलहाल गिरावट की स्थिति है। ये संकट बना रहा, तो आने वाले महीनों में बेरोजगारी की समस्या गंभीर रूप ले सकती है।  

 

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यूक्रेन युद्ध शुरू हुए छह महीने होने को हैं। यूक्रेन में रूस ने अपनी विशेष सैनिक कार्रवाई इस वर्ष 24 फरवरी को शुरू की थी। उसके बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के सख्त प्रतिबंध लगाए। लेकिन इनकी वजह से यूरोपीय देशों को भी भारी नुकसान हुआ है। असाधारण महंगाई के अलावा अब वहां अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों में मंदी जैसे हालात बन रहे हैं। जो सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, उनमें पर्यटन भी एक है।

खास कर उन यूरोपीय देशों का पर्यटन उद्योग मुश्किल में फंसा है, जिनकी सीमा रूस से मिलती है। फरवरी के बाद से पर्यटकों ने उस क्षेत्र में जाना बेहद कम कर दिया है। पोलैंड के खेल और पर्यटन उपमंत्री आंद्रजेज गुटमोस्तोवी ने बताया है कि बीते मार्च से विदेशी पर्यटकों की आवक में 30 से 40 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। यूरोपियन एयरलाइन जेट-2 ने मार्च में पोलैंड जाने वाली अपनी सभी उड़ाने रद्द कर दी थीं। अब उसने सितंबर में उड़ानों को फिर शुरू करने का एलान किया है। लेकिन तब तक यूरोप में छुट्टियों का सीजन खत्म हो चुका होगा।

यूरोप में पार्टियां आयोजित करने वाली एजेंसी नाइट ऑफ फ्रीडम के मुताबिक इन गर्मियों में पोलैंड जाने पर्यटकों की संख्या 60 फीसदी कम रही। इस एजेंसी के संस्थापक मैट मेविर ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से कहा- ‘हमला शुरू होने के बाद लोगों को सीमा के करीब बम गिरने की खबरें मिलने लगीं। इसका असर हुआ।’

यह असर सिर्फ पोलैंड में ही नहीं दिखा है। हंगरी में फ्रीडम ऑफ नाइट की बुकिंग में इस वर्ष 45 फीसदी की गिरावट देखी गई। लातविया में यह गिरावट 39 फीसदी रही। जिन देशों के पर्यटकों ने हंगरी के लिए हो चुकी बुकिंग को सबसे ज्यादा कैंसिल किया, उनमें अमेरिका पहले नंबर पर है। अमेरिकी पर्यटकों की संख्या में 65 फीसदी गिरावट दर्ज हुई है।

स्लोवाकिया की सीमा यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से से मिलती है। 2019 की तुलना में वहां इस वर्ष आने वाले पर्यटकों की संख्या 49 फीसदी कम रही है। स्लोवाकिया के टूरिस्ट बोर्ड के एक प्रवक्ता ने कहा- ‘ये बताना मुश्किल है कि इनमें से कितने लोग युद्ध के कारण नहीं आए और कितने कोरोना महामारी के कारण।’

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पर्यटकों की संख्या में गिरावट सिर्फ उन देशों में ही दर्ज नहीं हुई है, जिनकी सीमा यूक्रेन से मिलती है। बल्कि एस्तोनिया जैसे देश में भी ये ट्रेंड दिखा है। एस्तोनिया के टूरिस्ट बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक 2022 में 350 क्रूज जहाज की बुकिंग हुई थी। उनमें से आधी बुकिंग कैंसिल करा दी गई। क्रूज सैलानियों के लिए प्रमुख आकर्षण रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग होता है। फिलहाल वहां जाना संभव नहीं है। इसलिए बड़ी संख्या में सैलानियों ने अपना टूर प्रोग्राम ही रद्द कर दिया।

आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक पर्यटन उद्योग पर पड़ी ये मार इसलिए अधिक गंभीर महसूस हो रही है, क्योंकि अर्थव्यवस्था के दूसरे क्षेत्रों में भी फिलहाल गिरावट की स्थिति है। ये संकट बना रहा, तो आने वाले महीनों में बेरोजगारी की समस्या गंभीर रूप ले सकती है।  

 



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