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बरसाना में राधारानी मंदिर के पास पहाड़ी पर मिला साधु का शव, सिर में गोली लगने से हुई मौत

ByNews Desk

Aug 8, 2022


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मथुरा के बरसाना में राधारानी मंदिर के पीछे ब्रह्मांचल पहाड़ियों पर साधु की संदिग्ध हालात में कनपटी पर गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। साधु के शव के पास से तमंचा और खाली कारतूस भी मिला है। पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।

बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) की भाटिया कॉलोनी निवासी श्यामसुंदर दास उर्फ पवन कुमार उर्फ मौनी बाबा (47) पुत्र वेदप्रकाश 17 साल से बरसाना के मौनी बाबा आश्रम में साधु बनकर रह रहे थे। रविवार को राधारानी मंदिर के पीछे ब्रह्मांचल की पहाड़ियों पर भजन करने गए। लौटकर नहीं आए तो आश्रम के कर्मचारियों ने तलाश किया तो पहाड़ियों पर खून से लथपथ मिले। सूचना पर एसपी देहात श्रीशचंद, सीओ गोवर्धन गुंजन सिंह और प्रभारी निरीक्षक प्रमोद पंवार पहुंचे। 

पुलिस ने साधु के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पास से ही तमंचा, कारतूस और साधु का थैला भी बरामद हुआ है। एसपी देहात ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सुसाइड का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण साफ हो सकेगा। फिलहाल इस मामले में तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

सेना की नौकरी छोड़ हो गए थे बैरागी

श्यामसुंदर दास उर्फ पवन कुमार 17 साल पहले बैरागी होकर बरसाना के मौनी बाबा आश्रम आ गए। उससे पहले सेना के कमांड हॉस्पिटल लखनऊ में लैब टैक्नीशियन थे। सेना की नौकरी छोड़कर बैरागी हो गए। उसके बाद से वह बरसाना के मोनी बाबा आश्रम में रहकर भजन करते थे। वेदप्रकाश के तीन बेटों में सबसे बड़े श्यामसुंदर ही थे। उनसे छोटे मदनमोहन दास हैं। 

सेना में डॉक्टर रहे मदनमोहन दास साल 2020 में अवकाश प्राप्त होने के बाद बैरागी हो गए। वृंदावन के राजपुर खादर में निताईगौर कुंज आश्रम में रह रहे हैं। सबसे छोटा भाई अनुज है, जो फरीदाबाद में नौकरी कर रहा है। केवल अनुज ने विवाह किया। इनसे दोनों बड़े भाई अविवाहित ही रहे। मृतक साधु श्यामसुंदर दास के पिता वेदप्रकाश हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड हैं। वह अपने बेटे मदनमोहन दास के पास ही रह रहे हैं। 

मूलत: बुलंदशहर के मोरोनी गांव के रहने वाले वेदप्रकाश अपने परिवार के साथ करीब 42 साल पहले हरियाणा के फरीदाबाद में बल्लभगढ़ आ गए थे। यहां ही तीनों बेटों की पढ़ाई और परवरिश हुई। फिलहाल साधु की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। छोटे भाई मदनमोहन दास ने बरसाना पुलिस को पूरी जानकारी लिखकर दी है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

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मथुरा के बरसाना में राधारानी मंदिर के पीछे ब्रह्मांचल पहाड़ियों पर साधु की संदिग्ध हालात में कनपटी पर गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। साधु के शव के पास से तमंचा और खाली कारतूस भी मिला है। पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।

बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) की भाटिया कॉलोनी निवासी श्यामसुंदर दास उर्फ पवन कुमार उर्फ मौनी बाबा (47) पुत्र वेदप्रकाश 17 साल से बरसाना के मौनी बाबा आश्रम में साधु बनकर रह रहे थे। रविवार को राधारानी मंदिर के पीछे ब्रह्मांचल की पहाड़ियों पर भजन करने गए। लौटकर नहीं आए तो आश्रम के कर्मचारियों ने तलाश किया तो पहाड़ियों पर खून से लथपथ मिले। सूचना पर एसपी देहात श्रीशचंद, सीओ गोवर्धन गुंजन सिंह और प्रभारी निरीक्षक प्रमोद पंवार पहुंचे। 

पुलिस ने साधु के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पास से ही तमंचा, कारतूस और साधु का थैला भी बरामद हुआ है। एसपी देहात ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सुसाइड का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण साफ हो सकेगा। फिलहाल इस मामले में तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।



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