रुश्दी के बेटे ने कहा- कायरतापूर्ण हमले से कलम को चुप नहीं करा सकते, हमलावर की मां ने यह कहा


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मुंबई में जन्मे प्रख्तात लेखक सलमान रुश्दी अभी गंभीर स्थिति में हैं। हालांकि उनका सेंस ऑफ ह्यूमर बरकरार है। लेखक पर हमले को लेकर उनके बेटे और न्यूयॉर्क राज्य गवर्नर जफर रुश्दी ने कहा कि कायरतापूर्ण हमले से एक आदमी की कलम को चुप नहीं कराया जा सकता है। 
 
75 वर्षीय रुश्दी को शनिवार को वेंटिलेटर से हटा दिया गया था। शुक्रवार को न्यूयॉर्क में एक साहित्यिक कार्यक्रम के मंच पर उनपर चाकू से हमला किया गया था। जिसके बाद बुरी तरह घायल हो गए थे और मंच पर ही गिर पड़े थे। 

उनके बेटे जफर रुश्दी ने रविवार को कहा कि उनका परिवार बेहद राहत महसूस कर रहा है क्योंकि शनिवार को उनसे वेंटिलेटर और अतिरिक्त ऑक्सीजन को हटा दिया गया और वह कुछ शब्द कहने में सक्षम थे। 

जफर ने ट्वीट में कहा, शुक्रवार को हमले के बाद से मेरे पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। उन पर लगी चोटें गंभीर हैं लेकिन उनका सेंस ऑफ ह्यूमर बरकार है। 
 
आरोपी हमलवार की मां ने क्या कहा?
वहीं लेखक पर जानलेवा हमला करने के आरोपी 24 वर्षीय संदिग्ध की मां का कहना है कि उसके बेटे ने 2018 में मध्यपूर्व की यात्रा की। वहां से आने के बाद वह पूरी तरह से बदल गया। आरोपी की मां ने कहा कि उन्हें यह भी पता नहीं था कि जिस लेखक पर हमला किया गया है वह कौन हैं। 

एक प्रमुख ब्रिटिश समाचार पत्र से बात करते हुए आरोपी हादी मटर की मां सिलवाना फरदोस ने कहा कि उनका बेटा 2018 में मध्यपूर्व की यात्रा के बाद चिड़चिड़ा हो गया था। वह किसी से ज्यादा बात नहीं करता था। वह पूरी तरह से बदल गया था। 

उन्होंने कहा, मैं उम्मीद कर रही थी कि वह प्रेरित होकर वापस आएगा और अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करेगा और डिग्री हासिल करेगा जिससे उसे नौकरी मिल जाएगी। लेकिन इसके बजाय उसने खुद को तहखाने में बंद कर लिया। वह बहुत बदल गया था। उसने महीनों तक मुझसे या अपनी बहनों से कुछ भी नहीं कहा। 

सिलवाना ने बताया कि लौटने के बाद उनका बेटा पहले से ज्यादा धार्मिक हो रहा था। उन्होंने कहा, वह मुझसे सख्त मुस्लिम परवरिश नहीं देने के लिए लड़ता था। उसने मुझे अपने बेसमेंट में जाने से भी रोक दिया था। आरोपी की मां ने कहा कि एक बार उसने मुझसे खूब बहस की थी। उसने पूछा कि मैंने उसे धर्म पर केंद्रित करने के बजाय शिक्षा हासिल करने के लिए क्यों प्रोत्साहित किया। वह नाराज था कि मैंने उसे छोटी उम्र से ही इस्लाम का पाठ नहीं पढ़ाया। 

आरोपी की मां ने आगे बताया कि उन्होंने रुश्दी के बारे में पहले कभी नहीं सुना था। उन्हें पहली बार तब पता चला जब घटना के बाद शुक्रवार को उनकी बेटी का फोन आया। 

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मुंबई में जन्मे प्रख्तात लेखक सलमान रुश्दी अभी गंभीर स्थिति में हैं। हालांकि उनका सेंस ऑफ ह्यूमर बरकरार है। लेखक पर हमले को लेकर उनके बेटे और न्यूयॉर्क राज्य गवर्नर जफर रुश्दी ने कहा कि कायरतापूर्ण हमले से एक आदमी की कलम को चुप नहीं कराया जा सकता है। 

 

75 वर्षीय रुश्दी को शनिवार को वेंटिलेटर से हटा दिया गया था। शुक्रवार को न्यूयॉर्क में एक साहित्यिक कार्यक्रम के मंच पर उनपर चाकू से हमला किया गया था। जिसके बाद बुरी तरह घायल हो गए थे और मंच पर ही गिर पड़े थे। 

उनके बेटे जफर रुश्दी ने रविवार को कहा कि उनका परिवार बेहद राहत महसूस कर रहा है क्योंकि शनिवार को उनसे वेंटिलेटर और अतिरिक्त ऑक्सीजन को हटा दिया गया और वह कुछ शब्द कहने में सक्षम थे। 

जफर ने ट्वीट में कहा, शुक्रवार को हमले के बाद से मेरे पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। उन पर लगी चोटें गंभीर हैं लेकिन उनका सेंस ऑफ ह्यूमर बरकार है। 

 

आरोपी हमलवार की मां ने क्या कहा?

वहीं लेखक पर जानलेवा हमला करने के आरोपी 24 वर्षीय संदिग्ध की मां का कहना है कि उसके बेटे ने 2018 में मध्यपूर्व की यात्रा की। वहां से आने के बाद वह पूरी तरह से बदल गया। आरोपी की मां ने कहा कि उन्हें यह भी पता नहीं था कि जिस लेखक पर हमला किया गया है वह कौन हैं। 

एक प्रमुख ब्रिटिश समाचार पत्र से बात करते हुए आरोपी हादी मटर की मां सिलवाना फरदोस ने कहा कि उनका बेटा 2018 में मध्यपूर्व की यात्रा के बाद चिड़चिड़ा हो गया था। वह किसी से ज्यादा बात नहीं करता था। वह पूरी तरह से बदल गया था। 

उन्होंने कहा, मैं उम्मीद कर रही थी कि वह प्रेरित होकर वापस आएगा और अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करेगा और डिग्री हासिल करेगा जिससे उसे नौकरी मिल जाएगी। लेकिन इसके बजाय उसने खुद को तहखाने में बंद कर लिया। वह बहुत बदल गया था। उसने महीनों तक मुझसे या अपनी बहनों से कुछ भी नहीं कहा। 

सिलवाना ने बताया कि लौटने के बाद उनका बेटा पहले से ज्यादा धार्मिक हो रहा था। उन्होंने कहा, वह मुझसे सख्त मुस्लिम परवरिश नहीं देने के लिए लड़ता था। उसने मुझे अपने बेसमेंट में जाने से भी रोक दिया था। आरोपी की मां ने कहा कि एक बार उसने मुझसे खूब बहस की थी। उसने पूछा कि मैंने उसे धर्म पर केंद्रित करने के बजाय शिक्षा हासिल करने के लिए क्यों प्रोत्साहित किया। वह नाराज था कि मैंने उसे छोटी उम्र से ही इस्लाम का पाठ नहीं पढ़ाया। 

आरोपी की मां ने आगे बताया कि उन्होंने रुश्दी के बारे में पहले कभी नहीं सुना था। उन्हें पहली बार तब पता चला जब घटना के बाद शुक्रवार को उनकी बेटी का फोन आया। 



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