रतन टाटा ने वरिष्ठ नागरिकों की मदद के लिए उठाया बड़ा कदम, इस स्टार्टअप में करेंगे निवेश


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देश के दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा ने मंगलवार को वरिष्ठ नागरिकों की सेवा के उद्देश्य से शुरू किए गए स्टार्टअप गुड फेलोज में निवेश करने की घोषणा की है। हालांकि इस प्रोजेक्ट में रतन टाटा कितनी राशि का निवेश कर रहे हैं इस बारे में फिलहाल नहीं बताया गया है।

बता दें कि टाटा समूह से रिटायर होने के बाद रतन टाटा स्टार्टअप्स की मदद करने में खासी दिलचस्पी ले रहे हैं। बता दें कि टाटा की नवीनतम निवेश कंपनी की स्थापना शांतनु नायडू ने की है। 25 वर्ष के शांतनु टाटा के दफ्त में महाप्रबंधन के तौर पर कार्यरत हैं, उन्होंने कॉर्नेल विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। वे 2018 से रतन टाटा के सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। 

गौरतलब है कि 84 वर्ष के रतन टाटा ने नायडू के विचार की सराहना करते हुए कहा कि जब तक आप वास्तव में बूढ़े नहीं हो जाते, तब तक किसी को भी बूढ़े होने मन नहीं करता। टाटा ने शांतनू के बारे में कहा था कि एक अच्छे स्वभाग वाला साथी प्राप्त करना भी एक चुनौती है।

वहीं नायडू ने टाटा को एक बॉस, एक संरक्षक और एक मित्र बताया है। नया स्टार्टअप वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों को साथी के रूप में काम करने के लिए युवा स्नातकों को हायर करता है। कंपनी देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में अपने बीटा चरण में बीते छह महीनों से 20 बुजुर्गों के साथ काम कर रही है। भविष्य में कंपनी पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु में भी अपनी सेवाएं देना चाहती है।

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देश के दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा ने मंगलवार को वरिष्ठ नागरिकों की सेवा के उद्देश्य से शुरू किए गए स्टार्टअप गुड फेलोज में निवेश करने की घोषणा की है। हालांकि इस प्रोजेक्ट में रतन टाटा कितनी राशि का निवेश कर रहे हैं इस बारे में फिलहाल नहीं बताया गया है।

बता दें कि टाटा समूह से रिटायर होने के बाद रतन टाटा स्टार्टअप्स की मदद करने में खासी दिलचस्पी ले रहे हैं। बता दें कि टाटा की नवीनतम निवेश कंपनी की स्थापना शांतनु नायडू ने की है। 25 वर्ष के शांतनु टाटा के दफ्त में महाप्रबंधन के तौर पर कार्यरत हैं, उन्होंने कॉर्नेल विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। वे 2018 से रतन टाटा के सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। 

गौरतलब है कि 84 वर्ष के रतन टाटा ने नायडू के विचार की सराहना करते हुए कहा कि जब तक आप वास्तव में बूढ़े नहीं हो जाते, तब तक किसी को भी बूढ़े होने मन नहीं करता। टाटा ने शांतनू के बारे में कहा था कि एक अच्छे स्वभाग वाला साथी प्राप्त करना भी एक चुनौती है।

वहीं नायडू ने टाटा को एक बॉस, एक संरक्षक और एक मित्र बताया है। नया स्टार्टअप वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों को साथी के रूप में काम करने के लिए युवा स्नातकों को हायर करता है। कंपनी देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में अपने बीटा चरण में बीते छह महीनों से 20 बुजुर्गों के साथ काम कर रही है। भविष्य में कंपनी पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु में भी अपनी सेवाएं देना चाहती है।



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