यूक्रेन में परमाणु संयंत्र पर गोलीबारी से खतरा बढ़ा, Iaea ने जताई गंभीर चिंता


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रूस की ओर से 24 फरवरी 2022 को शुरु हुआ युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। रूसी सेना लगातार यूक्रेनी शहरों को निशाना बना रही है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख ने यूक्रेन में परमाणु उर्जा संयंत्र पर गोलीबारी के बारे में गभीर चिंता व्यक्ति की है। 

आईएईए के महानिदेशक राफेल मारियानों ग्रासी ने एक बयान में कहा, “मैं यूरोप के सबसे बड़े उर्जा संयंत्र पर कल की गई गोलीबारी से बेहद चिंतित हूं, जो परमाणु आपदा के वास्तविक खतरे को रेखांकित करता है।” 

बता दें कि यूक्रेन पर हमला बोलते हुए शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे ‘विशेष सैन्य अभियान’ बताया। इसके बाद रूसी सेना ने यूक्रेन के पूर्व और दक्षिण हिस्से पर हमले किए। शुरुआती चरण में रूसी सेना ने दक्षिण में जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर कब्जा कर लिया था, हालांकि इस संयंत्र को अभी भी यूक्रेनी तकनीशियनों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। इसने एक व्यापक आपदा की संभावना को बढ़ा दिया है। 

दोनों देश एक दूसरे पर परमाणु आतंकवाद में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं। यूक्रेन की राज्य परमाणु उर्जा कंपनी एनर्गोटम ने नुकसान के लिए रूस को दोषी ठहराया है वहीं रूस के रक्षा मंत्री ने यूक्रेन की सेना पर संयंत्र पर गोलाबारी करने का आरोप लगाया है। वहीं अमेरिका ने रूस पर इसे ‘परमाणु ढाल’ के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

आईएईए प्रमुख ने दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है। रूस डोनबास क्षेत्र पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रहा है जिसमें लुहान्सक और दोनस्तक प्रांत शामिल हैं। क्रीमिया को अपने साथ शामिल करने के बाद इस क्षेत्र को रूस समर्थित अलगाववादियों ने कब्जा लिया था।   

वहीं यूक्रेन की सेना शनिवार को कहा कि रूसी सेना ने दर्जनों फ्रंटलाइन कस्बों पर गोलीबारी की है और दोनस्तक क्षेत्र में छह अलग-अलग क्षेत्रों में हमला करने की कोशिश की। हालांकि वे किसी भी क्षेत्र को हासिल करने में असफल रहे और यूक्रेनी सेना ने अपने नियंत्रण में ले लिया। 

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि पिछले एक सप्ताह में उनकी सेना ने रूस की रसद आपूर्ति और पीछे के ठिकानों को नष्ट करने में परिणाम हासिल किए। 
 

विस्तार

रूस की ओर से 24 फरवरी 2022 को शुरु हुआ युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। रूसी सेना लगातार यूक्रेनी शहरों को निशाना बना रही है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख ने यूक्रेन में परमाणु उर्जा संयंत्र पर गोलीबारी के बारे में गभीर चिंता व्यक्ति की है। 

आईएईए के महानिदेशक राफेल मारियानों ग्रासी ने एक बयान में कहा, “मैं यूरोप के सबसे बड़े उर्जा संयंत्र पर कल की गई गोलीबारी से बेहद चिंतित हूं, जो परमाणु आपदा के वास्तविक खतरे को रेखांकित करता है।” 

बता दें कि यूक्रेन पर हमला बोलते हुए शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे ‘विशेष सैन्य अभियान’ बताया। इसके बाद रूसी सेना ने यूक्रेन के पूर्व और दक्षिण हिस्से पर हमले किए। शुरुआती चरण में रूसी सेना ने दक्षिण में जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर कब्जा कर लिया था, हालांकि इस संयंत्र को अभी भी यूक्रेनी तकनीशियनों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। इसने एक व्यापक आपदा की संभावना को बढ़ा दिया है। 

दोनों देश एक दूसरे पर परमाणु आतंकवाद में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं। यूक्रेन की राज्य परमाणु उर्जा कंपनी एनर्गोटम ने नुकसान के लिए रूस को दोषी ठहराया है वहीं रूस के रक्षा मंत्री ने यूक्रेन की सेना पर संयंत्र पर गोलाबारी करने का आरोप लगाया है। वहीं अमेरिका ने रूस पर इसे ‘परमाणु ढाल’ के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

आईएईए प्रमुख ने दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है। रूस डोनबास क्षेत्र पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रहा है जिसमें लुहान्सक और दोनस्तक प्रांत शामिल हैं। क्रीमिया को अपने साथ शामिल करने के बाद इस क्षेत्र को रूस समर्थित अलगाववादियों ने कब्जा लिया था।   

वहीं यूक्रेन की सेना शनिवार को कहा कि रूसी सेना ने दर्जनों फ्रंटलाइन कस्बों पर गोलीबारी की है और दोनस्तक क्षेत्र में छह अलग-अलग क्षेत्रों में हमला करने की कोशिश की। हालांकि वे किसी भी क्षेत्र को हासिल करने में असफल रहे और यूक्रेनी सेना ने अपने नियंत्रण में ले लिया। 

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि पिछले एक सप्ताह में उनकी सेना ने रूस की रसद आपूर्ति और पीछे के ठिकानों को नष्ट करने में परिणाम हासिल किए। 

 



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