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Unsc सदस्यों की विशेष बैठक भारत में, आतंकवाद के खिलाफ बहुपक्षीय प्रयासों को मिलेगी और मजबूती

ByNews Desk

Aug 9, 2022


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आतंकवाद निरोधी समिति के कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक वेक्सिओंग चेन  ने मंगलवार को आशा जताई कि अक्टूबर में भारत में होने वाली आतंकवाद विरोधी विशेष बैठक बहुपक्षीय प्रयासों को और मजबूत करेगी। उन्होंने मंगलवार को आतंकवादी कृत्यों के कारण अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ब्रीफिंग में ये बातें कही। 

अक्टूबर में आतंकवाद से निपटने के लिए नए उपाय ढूंढने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों की  विशेष बैठक होगी। भारत इसकी मेजबानी करेगा। इस बैठक की तैयारियों के बीच संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने उम्मीद जताई है कि इस आयोजन से बहुपक्षीय और बहुआयामी आतंकवाद पर लगाम लगाने के प्रयास को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ‘मैं 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर, 2022 तक भारत के नई दिल्ली और मुंबई में होने वाली आतंकवाद पर रोकथाम के उद्देश्यों के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर आतंकवाद विरोधी समिति की आगामी विशेष बैठक की परिषद को सूचित करना चाहता हूं कि यह आयोजन हमारे बहुपक्षीय और बहुआयामी आतंकवाद विरोधी प्रयासों को और बढ़ाने और मजबूत करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा।’

गौरतलब है कि भारत वर्तमान में साल 2022 के लिए सुरक्षा परिषद की आतंकवाद-रोधी समिति का अध्यक्ष है। साथ ही अक्टूबर में अमेरिका, चीन और रूस सहित संयुक्त राष्ट्र संघ के 15 देशों के राजनयिकों की आतंकवाद-विरोध पर होने वाली एक विशेष बैठक की मेजबानी करेगा। ये बैठक राजधानी दिल्ली और मुंबई में 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर, 2022 तक होगी। 

भारत 15 देशों के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक निर्वाचित गैर-स्थायी सदस्य के रूप में शामिल है। परिषद में भारत का कार्यकाल इस साल दिसंबर में समाप्त होगा। सुरक्षा परिषद के वर्तमान सदस्य अल्बानिया, ब्राजील, गैबॉन, घाना, भारत, आयरलैंड, केन्या, मैक्सिको, नॉर्वे और यूएई के साथ-साथ पांच स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, यूके और यूएस हैं। 

नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग से उत्पन्न बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति (सीटीसी) ने अपने कार्यकारी निदेशालय (सीटीईडी) के सहयोग से इस विषय पर एक विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। समिति की वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी गई है। 

आतंकियों से निपटने में दोहरा मापदंड नहीं 
यूएनएससी ब्रीफिंग में संयुक्त राष्ट्र में भारत की राजदूत रुचिरा कंबोज ने कहा कि आतंकियों से निपटने में दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए। यह सबसे खेदजनक है कि दुनिया के कुछ सबसे कुख्यात आतंकवादियों से संबंधित वास्तविक और साक्ष्य-आधारित लिस्टिंग प्रस्तावों को ताक पर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में हैरान करने वाला है कि महासचिव की रिपोर्ट ने इस क्षेत्र में कई प्रतिबंधित समूहों की गतिविधियों पर ध्यान नहीं देने का फैसला किया, विशेष रूप से उन समूहों की जो बार-बार भारत को निशाना बना रहे हैं। 

यूएनएससी ब्रीफिंग में संयुक्त राष्ट्र में भारत की राजदूत रुचिरा कंबोज ने कहा कि भारत का निकटतम पड़ोसी अफगानिस्तान हाल के दिनों मे आतंकवादी घटनाओं की बाढ़ का गवाह रहा है। उन्होंने इन घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि काबुल में 18 जून को सिख गुरुद्वारे में हुए हमले और उसके बाद 27 जुलाई को एक और बम विस्फोट बेहद खतरनाक हैं। 

विस्तार

आतंकवाद निरोधी समिति के कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक वेक्सिओंग चेन  ने मंगलवार को आशा जताई कि अक्टूबर में भारत में होने वाली आतंकवाद विरोधी विशेष बैठक बहुपक्षीय प्रयासों को और मजबूत करेगी। उन्होंने मंगलवार को आतंकवादी कृत्यों के कारण अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ब्रीफिंग में ये बातें कही। 

अक्टूबर में आतंकवाद से निपटने के लिए नए उपाय ढूंढने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों की  विशेष बैठक होगी। भारत इसकी मेजबानी करेगा। इस बैठक की तैयारियों के बीच संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने उम्मीद जताई है कि इस आयोजन से बहुपक्षीय और बहुआयामी आतंकवाद पर लगाम लगाने के प्रयास को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ‘मैं 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर, 2022 तक भारत के नई दिल्ली और मुंबई में होने वाली आतंकवाद पर रोकथाम के उद्देश्यों के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर आतंकवाद विरोधी समिति की आगामी विशेष बैठक की परिषद को सूचित करना चाहता हूं कि यह आयोजन हमारे बहुपक्षीय और बहुआयामी आतंकवाद विरोधी प्रयासों को और बढ़ाने और मजबूत करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा।’

गौरतलब है कि भारत वर्तमान में साल 2022 के लिए सुरक्षा परिषद की आतंकवाद-रोधी समिति का अध्यक्ष है। साथ ही अक्टूबर में अमेरिका, चीन और रूस सहित संयुक्त राष्ट्र संघ के 15 देशों के राजनयिकों की आतंकवाद-विरोध पर होने वाली एक विशेष बैठक की मेजबानी करेगा। ये बैठक राजधानी दिल्ली और मुंबई में 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर, 2022 तक होगी। 

भारत 15 देशों के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक निर्वाचित गैर-स्थायी सदस्य के रूप में शामिल है। परिषद में भारत का कार्यकाल इस साल दिसंबर में समाप्त होगा। सुरक्षा परिषद के वर्तमान सदस्य अल्बानिया, ब्राजील, गैबॉन, घाना, भारत, आयरलैंड, केन्या, मैक्सिको, नॉर्वे और यूएई के साथ-साथ पांच स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, यूके और यूएस हैं। 

नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग से उत्पन्न बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति (सीटीसी) ने अपने कार्यकारी निदेशालय (सीटीईडी) के सहयोग से इस विषय पर एक विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। समिति की वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी गई है। 

आतंकियों से निपटने में दोहरा मापदंड नहीं 

यूएनएससी ब्रीफिंग में संयुक्त राष्ट्र में भारत की राजदूत रुचिरा कंबोज ने कहा कि आतंकियों से निपटने में दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए। यह सबसे खेदजनक है कि दुनिया के कुछ सबसे कुख्यात आतंकवादियों से संबंधित वास्तविक और साक्ष्य-आधारित लिस्टिंग प्रस्तावों को ताक पर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में हैरान करने वाला है कि महासचिव की रिपोर्ट ने इस क्षेत्र में कई प्रतिबंधित समूहों की गतिविधियों पर ध्यान नहीं देने का फैसला किया, विशेष रूप से उन समूहों की जो बार-बार भारत को निशाना बना रहे हैं। 

यूएनएससी ब्रीफिंग में संयुक्त राष्ट्र में भारत की राजदूत रुचिरा कंबोज ने कहा कि भारत का निकटतम पड़ोसी अफगानिस्तान हाल के दिनों मे आतंकवादी घटनाओं की बाढ़ का गवाह रहा है। उन्होंने इन घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि काबुल में 18 जून को सिख गुरुद्वारे में हुए हमले और उसके बाद 27 जुलाई को एक और बम विस्फोट बेहद खतरनाक हैं। 



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