यूपी बोर्ड के सचिव का बनाया फर्जी व्हाट्सएप एकाउंट, कई अधिकारियों को फोन कर गलत सिफारिशें भी कीं


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माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के सचिव दिव्यकांत शुक्ला की फोटो और नाम से किसी जालसाज ने व्हाट्स एप एकाउंट बनाया और कई अधिकारियों को धमकी दी। अधिकारियों को फोन कर गलत सिफारिशें भी कीं। सचिव को जानकारी हुई तो उन्होंने सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। 

माध्यमिक शिक्षा परिषद के  सचिव दिव्यकांत शुक्ला को कुछ दिन पहले पता चला कि उनकी फोटो और नाम से किसी ने व्हाट्एप एकाउंट बनाया है। वह प्रदेश के तमाम अधिकारियों को व्हाट्सएप कॉल कर गलत सिफारिशें कर रहा है। वह भी धमकी के अंदाज में। पांच अगस्त को उसने वाराणसी के प्रभारी संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रदीप सिंह और आजमगढ़ के प्रभारी संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र कुमार को व्हाट्सएप कॉल और मैसेज किया था।

अधिकारियों ने जब दिव्यकांत को बताया तो उन्होंने उस नंबर पर फोन किया। जालसाज ने उन्हें भी धमकी दी। इसके बाद दिव्यकांत शुक्ला ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी। तहरीर में बताया गया कि वह एक जिम्मेदार पद पर है। उनकी फोटो, नाम और और पद का जालसाज दुरुपयोग कर रहा है। तहरीर पर सिविल लाइंस थाने में मोबाइल नंबर के आधार पर धारा 420, 507 और आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इस मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। मोबाइल नंबर किस आईडी पर लिया गया था, उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। 

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माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के सचिव दिव्यकांत शुक्ला की फोटो और नाम से किसी जालसाज ने व्हाट्स एप एकाउंट बनाया और कई अधिकारियों को धमकी दी। अधिकारियों को फोन कर गलत सिफारिशें भी कीं। सचिव को जानकारी हुई तो उन्होंने सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। 

माध्यमिक शिक्षा परिषद के  सचिव दिव्यकांत शुक्ला को कुछ दिन पहले पता चला कि उनकी फोटो और नाम से किसी ने व्हाट्एप एकाउंट बनाया है। वह प्रदेश के तमाम अधिकारियों को व्हाट्सएप कॉल कर गलत सिफारिशें कर रहा है। वह भी धमकी के अंदाज में। पांच अगस्त को उसने वाराणसी के प्रभारी संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रदीप सिंह और आजमगढ़ के प्रभारी संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र कुमार को व्हाट्सएप कॉल और मैसेज किया था।

अधिकारियों ने जब दिव्यकांत को बताया तो उन्होंने उस नंबर पर फोन किया। जालसाज ने उन्हें भी धमकी दी। इसके बाद दिव्यकांत शुक्ला ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी। तहरीर में बताया गया कि वह एक जिम्मेदार पद पर है। उनकी फोटो, नाम और और पद का जालसाज दुरुपयोग कर रहा है। तहरीर पर सिविल लाइंस थाने में मोबाइल नंबर के आधार पर धारा 420, 507 और आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इस मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। मोबाइल नंबर किस आईडी पर लिया गया था, उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। 



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