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महिलाओं को हल्की गेंद देने से महिला खिलाड़ी नाराज, 300 खिलाड़ी करेंगे 70 हजार गेंदों का इस्तेमाल

ByNews Desk

Aug 25, 2022


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साल का अंतिम टेनिस ग्रैंडस्लैम यूएस ओपन 29 अगस्त से शुरू होगा। इसमें महिला और पुरुषों को पुरस्कार राशि एकसमान मिलेगी लेकिन गेंद एक जैसी नहीं। पुरुषों को अलग और महिलाओं को अलग गेंद से खेलना होता है। इसके खिलाफ महिला खिलाड़ी समय-समय पर आवाज उठाती रहीं हैं। पूरे टूर्नामेंट में 300 खिलाड़ी करीब 70 हजार गेंदों का इस्तेमाल करेंगे।

हाल ही में विश्व की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी इगा स्विायातेक ने भी महिलाओं और पुरुषों को अलग-अलग तरह की गेंद दिए जाने पर सवाल खड़े किए थे। पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को हल्की गेंद मिलती है। पोलैंड की इगा स्वियातक का मानना है कि हल्की गेंद का नियंत्रित करना कठिन होता है। दो बार की फ्रेंच ओपन चैंपियन इगा ने कहा, मुझे पिछले 15 वर्षों में ऐसा कोई मामला नहीं दिखा, जिसमें किसी महिला खिलाड़ी को टेनिस एल्बो की समस्या आई हो।

सिर्फ इसी टूर्नामेंट में भेदभाव 
साल में चार ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट होते हैं। इनमें ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन और विंबलडन में महिला और पुरुषों की गेंद में कोई अंतर नहीं होता। सिर्फ यूएस ओपन में महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग गेंद का इस्तेमाल किया जाता है।

क्या है अंतर
यूएस टेनिस एसोसिएशन के अनुसार गेंद के आकार और बनावट में कोई अंतर नहीं है। सिर्फ इसके वजन में हल्का अंतर होता है। दरअसल भारी गेंद हार्ड कोर्ट पर पुरुषों को नियंत्रित करने और हल्की गेंद महिलाओं के खेल में गति देने के लिए इस्तेमाल में लाई जाती है। वहीं, अब शीर्ष महिला खिलाड़ी भी हार्ड कोर्ट पर पुरुषों के बराबर ही भारी गेंद दिए जाने की मांग करने लगी हैं। महिला टेनिस संघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष एमी बाइंडर ने कहा, खिलाड़ियों द्वारा अपनी चिंता व्यक्त करने के मद्देनजर संगठन इस मामले का पता लगाएगा। महिलाओं वाली गेंद हवा में तेज उड़ती है, जिससे उसे नियंत्रित करना आसान नहीं होता।

एश्ले बार्टी के कोच ने भी उठाए थे सवाल, पौला ने भी की थी बदलाव की मांग
 स्वियातेक एकमात्र खिलाड़ी नहीं हैं, जिन्होंने गेंदों के बारे में शिकायत की है। विश्व की नंबर चार खिलाड़ी पौला बदोस ने पिछले वर्ष डब्ल्यूटीए के सीईओ और अध्यक्ष स्टीव साइमन से बात की थी और पूछा था कि क्या वे पुरुषों के समान गेंद का उपयोग कर सकती हैं।

इस वर्ष ऑस्ट्रेलियन ओपन को खिताब जीतने वालीं एश्ले बार्टी के कोच क्रेग टाइजर ने कहा था, कि वह गेंदों में भेदभाव की वजह से शायद कभी भी कॅरियर ग्रैंडस्लैम पूरा नहीं कर पाएंगी। बार्टी ने मार्च में टेकरियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने के लिए शायद यूएस ओपन कभी नहीं जीत पाएंगी। बार्टी ने मार्च में टेनिस से संन्यास की घोषणा की थी।

पुरस्कार राशि समान
यूएस ओपन में महिला और पुरुषों के साथ सिर्फ गेंद को लेकर ही असमानता है। बाकी टूर्नामेंट के फॉर्मेट और पुरस्कार राशि में कोई अंतर नहीं है। कुल पुरस्कार राशि 4.80 अरब रुपये (छह करोड़ डॉलर) की निर्धारित है। इसमें महिला और पुरुषों के एक विजेता को 26 लाख डॉलर (20 करोड़ रुपये) मिलेंगे।

विस्तार

साल का अंतिम टेनिस ग्रैंडस्लैम यूएस ओपन 29 अगस्त से शुरू होगा। इसमें महिला और पुरुषों को पुरस्कार राशि एकसमान मिलेगी लेकिन गेंद एक जैसी नहीं। पुरुषों को अलग और महिलाओं को अलग गेंद से खेलना होता है। इसके खिलाफ महिला खिलाड़ी समय-समय पर आवाज उठाती रहीं हैं। पूरे टूर्नामेंट में 300 खिलाड़ी करीब 70 हजार गेंदों का इस्तेमाल करेंगे।

हाल ही में विश्व की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी इगा स्विायातेक ने भी महिलाओं और पुरुषों को अलग-अलग तरह की गेंद दिए जाने पर सवाल खड़े किए थे। पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को हल्की गेंद मिलती है। पोलैंड की इगा स्वियातक का मानना है कि हल्की गेंद का नियंत्रित करना कठिन होता है। दो बार की फ्रेंच ओपन चैंपियन इगा ने कहा, मुझे पिछले 15 वर्षों में ऐसा कोई मामला नहीं दिखा, जिसमें किसी महिला खिलाड़ी को टेनिस एल्बो की समस्या आई हो।

सिर्फ इसी टूर्नामेंट में भेदभाव 

साल में चार ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट होते हैं। इनमें ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन और विंबलडन में महिला और पुरुषों की गेंद में कोई अंतर नहीं होता। सिर्फ यूएस ओपन में महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग गेंद का इस्तेमाल किया जाता है।

क्या है अंतर

यूएस टेनिस एसोसिएशन के अनुसार गेंद के आकार और बनावट में कोई अंतर नहीं है। सिर्फ इसके वजन में हल्का अंतर होता है। दरअसल भारी गेंद हार्ड कोर्ट पर पुरुषों को नियंत्रित करने और हल्की गेंद महिलाओं के खेल में गति देने के लिए इस्तेमाल में लाई जाती है। वहीं, अब शीर्ष महिला खिलाड़ी भी हार्ड कोर्ट पर पुरुषों के बराबर ही भारी गेंद दिए जाने की मांग करने लगी हैं। महिला टेनिस संघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष एमी बाइंडर ने कहा, खिलाड़ियों द्वारा अपनी चिंता व्यक्त करने के मद्देनजर संगठन इस मामले का पता लगाएगा। महिलाओं वाली गेंद हवा में तेज उड़ती है, जिससे उसे नियंत्रित करना आसान नहीं होता।

एश्ले बार्टी के कोच ने भी उठाए थे सवाल, पौला ने भी की थी बदलाव की मांग

 स्वियातेक एकमात्र खिलाड़ी नहीं हैं, जिन्होंने गेंदों के बारे में शिकायत की है। विश्व की नंबर चार खिलाड़ी पौला बदोस ने पिछले वर्ष डब्ल्यूटीए के सीईओ और अध्यक्ष स्टीव साइमन से बात की थी और पूछा था कि क्या वे पुरुषों के समान गेंद का उपयोग कर सकती हैं।

इस वर्ष ऑस्ट्रेलियन ओपन को खिताब जीतने वालीं एश्ले बार्टी के कोच क्रेग टाइजर ने कहा था, कि वह गेंदों में भेदभाव की वजह से शायद कभी भी कॅरियर ग्रैंडस्लैम पूरा नहीं कर पाएंगी। बार्टी ने मार्च में टेकरियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने के लिए शायद यूएस ओपन कभी नहीं जीत पाएंगी। बार्टी ने मार्च में टेनिस से संन्यास की घोषणा की थी।

पुरस्कार राशि समान

यूएस ओपन में महिला और पुरुषों के साथ सिर्फ गेंद को लेकर ही असमानता है। बाकी टूर्नामेंट के फॉर्मेट और पुरस्कार राशि में कोई अंतर नहीं है। कुल पुरस्कार राशि 4.80 अरब रुपये (छह करोड़ डॉलर) की निर्धारित है। इसमें महिला और पुरुषों के एक विजेता को 26 लाख डॉलर (20 करोड़ रुपये) मिलेंगे।



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