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युवक को दस साल का कारावास

ByNews Desk

Aug 11, 2022


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उरई। युवती को घर से ले जाकर उसके साथ गलत काम करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट (महिलाओं के विरुद्ध उत्पीड़न) मोहम्मद आजाद की अदालत ने दोषी युवक को दस साल की कैद और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला तीन साल पुराना है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनूप उपाध्याय ने बताया कि रेंढर थाना क्षेत्र के मारकपुर निवासी एक भाई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में था कि छोटे सिंह गांव के ही मलखान और विनोद के यहां ट्रैक्टर चलाता था। छोटे सिंह दोनों के सहयोग से उसकी 22 वर्षीय बहन को 22 सितंबर 2019 को ले गया। भाई ने पुलिस को बताया था कि आरोपी 4 अक्तूबर 2019 को बहन को उरई के कालपी बस स्टैंड पर छोड़कर गए चले हैं। उसने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया। इस मामले में विवेचक ने छोटे सिंह के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने और गवाहों के बयान के बाद अदालत ने छोटे सिंह को दोषी पाते हुए 10 साल की कैद और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मलखान और विनोद को आरोप मुक्त कर दिया।

उरई। युवती को घर से ले जाकर उसके साथ गलत काम करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट (महिलाओं के विरुद्ध उत्पीड़न) मोहम्मद आजाद की अदालत ने दोषी युवक को दस साल की कैद और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला तीन साल पुराना है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनूप उपाध्याय ने बताया कि रेंढर थाना क्षेत्र के मारकपुर निवासी एक भाई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में था कि छोटे सिंह गांव के ही मलखान और विनोद के यहां ट्रैक्टर चलाता था। छोटे सिंह दोनों के सहयोग से उसकी 22 वर्षीय बहन को 22 सितंबर 2019 को ले गया। भाई ने पुलिस को बताया था कि आरोपी 4 अक्तूबर 2019 को बहन को उरई के कालपी बस स्टैंड पर छोड़कर गए चले हैं। उसने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया। इस मामले में विवेचक ने छोटे सिंह के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने और गवाहों के बयान के बाद अदालत ने छोटे सिंह को दोषी पाते हुए 10 साल की कैद और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मलखान और विनोद को आरोप मुक्त कर दिया।



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